ट्रेन में चेन खींची तो फंस सकते हैं मुश्किल में! यात्रा से पहले पढ़ लें ये नियम
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Monday, November 24, 2025
Updated On: Monday, November 24, 2025
भारतीय रेलवे ने ट्रेन की इमरजेंसी चेन को लेकर बेहद सख्त नियम लागू किए हैं, क्योंकि बिना वजह चेन खींचना न सिर्फ अपराध है बल्कि हजारों यात्रियों की यात्रा को प्रभावित कर सकता है. जानिए किन हालात में चेन खींचना सही है और कब यह आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है.
Authored By: Ranjan Gupta
Updated On: Monday, November 24, 2025
Train Emergency Chain Pulling Rules: भारतीय रेलवे रोज़ाना लाखों यात्रियों को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने के लिए कड़े नियमों के साथ काम करता है. इन्हीं नियमों में एक महत्वपूर्ण नियम है इमरजेंसी चेन का, जिसे ट्रेन में सिर्फ गंभीर परिस्थितियों में ही खींचा जाना चाहिए. लेकिन कई बार लापरवाही, मजाक या छोटी असुविधाओं की वजह से लोग चेन खींच देते हैं, जिससे न सिर्फ ट्रेन रोकनी पड़ती है बल्कि पीछे आने वाली कई ट्रेनों की टाइमिंग भी बिगड़ जाती है. यही कारण है कि रेलवे ने चेन पुलिंग को लेकर सख्त कानून बनाए हैं, जिनके तहत गलत चेन पुलिंग पर जेल और जुर्माने तक की सजा हो सकती है. अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि किन परिस्थितियों में चेन खींचना बिल्कुल सही है और कब यह आपको मुसीबत में डाल सकता है. यहां पढ़ें रेलवे के नियम, सजा और वह सारी जरूरी जानकारी जो सफर से पहले हर यात्री को पता होनी चाहिए.
ट्रेन में कब खींच सकते हैं चेन?
भारतीय रेलवे साफ कहता है कि ट्रेन की चेन केवल इमरजेंसी में ही खींची जानी चाहिए. अगर कोई बुजुर्ग, बच्चा या यात्री प्लेटफॉर्म पर ही छूट जाए, तो चेन खींचने की अनुमति होती है. किसी यात्री को अचानक मेडिकल इमरजेंसी हो जाए, दिल का दौरा पड़े या तबीयत बिगड़ जाए, तब भी चेन खींच सकते हैं. अगर चलती ट्रेन में आग लग जाए या किसी तरह की दुर्घटना का खतरा बन जाए, तो चेन खींचकर ट्रेन रोकी जा सकती है. चोरी की घटना हो जाए, कोच में खतरा महसूस हो, झगड़ा हो जाए या कोई यात्री चलते ट्रेन से गिर जाए, इन सभी स्थितियों में चेन खींचना बिल्कुल सही माना जाता है. रेलवे इनको आपात स्थिति मानता है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी यात्री को ट्रेन रोकने की छूट रहती है.
कब नहीं खींच सकते हैं ट्रेन की चेन?
चेन खींचना कोई खेल नहीं है. मजाक में चेन खींचना या बिना किसी वजह के ट्रेन रोकना रेलवे नियमों का सीधा उल्लंघन है. कई लोग देरी से चढ़ने या उतरने के लिए भी चेन खींच देते हैं, लेकिन यह भी कानूनन गलत है. छोटी असुविधा, सीट का झगड़ा, किसी से बहस या सामान्य परेशानी, इन कारणों से चेन खींचने पर कार्रवाई तय है. रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 के अनुसार, गैर-जरूरी चेन पुलिंग अपराध है. ऐसे में यात्री को 1 साल तक की जेल, 1000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सज़ाएं मिल सकती हैं. यानी चेन तभी खींचें, जब बात जिंदगी या सुरक्षा की हो. वरना ये छोटा कदम बड़ा जुर्म बन सकता है.
क्या होता है ट्रेन की चेन खींचने पर?
ट्रेन की चेन खींचते ही कोच में लगा वॉल्व सक्रिय हो जाता है. ब्रेक पाइप की हवा बाहर निकलने लगती है. इससे ट्रेन की स्पीड तुरंत घट जाती है और कुछ ही देर में पूरी ट्रेन रुक जाती है. चेन खींचने का अलर्ट कंट्रोल रूम तक पहुंच जाता है. आरपीएफ या जीआरपी तुरंत उसी कोच तक पहुंचती है और जांच शुरू कर देती है. बेवजह चेन खींचने से ट्रेन की टाइमिंग बिगड़ती है. बाकी यात्रियों की यात्रा भी प्रभावित होती है. कई बार ऐसी हरकत से बड़े हादसे का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि अचानक ब्रेक लगने से अन्य तकनीकी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसलिए चेन खींचना सिर्फ इमरजेंसी के लिए है, वरना ये एक छोटी गलती भारी पड़ सकती है.
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