Anil Ambani को ED ने पूछताछ के लिए भेजा समन, 17,000 करोड़ रुपए के लोन धोखाधड़ी मामले में होगी पूछताछ

Authored By: Ranjan Gupta

Published On: Friday, August 1, 2025

Last Updated On: Friday, August 1, 2025

Anil Ambani पर 17,000 करोड़ की लोन धोखाधड़ी, ईडी का समन
Anil Ambani पर 17,000 करोड़ की लोन धोखाधड़ी, ईडी का समन

ईडी ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को 17,000 करोड़ रुपए की कथित लोन धोखाधड़ी मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है. मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी कंपनियों के माध्यम से फंड डायवर्जन और बैंक अधिकारियों को रिश्वत देने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.

Authored By: Ranjan Gupta

Last Updated On: Friday, August 1, 2025

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें (Anil Ambani Loan Fraud Case) के लोन धोखाधड़ी मामले में पूछताछ के लिए 5 अगस्त को बुलाया है. यह मामला रिलायंस ग्रुप (RAAGA कंपनियों) से जुड़ा है, जहां ईडी की शुरुआती जांच में मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध लोन डायवर्जन, और सार्वजनिक पैसों के दुरुपयोग की एक गहरी साजिश का पता चला है.

मुंबई और दिल्ली में ईडी की छापेमारी

पिछले हफ्ते, अनिल अंबानी के रिलायंस समूह से जुड़े परिसरों और लोगों पर ईडी की छापेमारी समाप्त हुई है और जांच एजेंसी ने मुंबई और दिल्ली में कई स्थानों से भारी मात्रा में दस्तावेज, हार्ड ड्राइव और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए थे. ये छापे सबसे पहले 24 जुलाई को यस बैंक लोन धोखाधड़ी मामले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में शुरू हुए थे.

मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध की जांच शुरू

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद, ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध की जांच शुरू की थी.

ईडी की जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या बैंकों से धन फर्जी कंपनियों के जरिए कही अन्य जगह भेजा गया और समूह की कंपनियों द्वारा उसका दुरुपयोग किया गया. इस मामले में नेशनल हाउसिंग बैंक, सेबी, नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए), बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी अन्य एजेंसियों और संस्थानों ने भी ईडी के साथ जानकारी साझा की.

ईडी की प्रारंभिक जांच में खुलासा

  • ईडी की प्रारंभिक जांच में बैंकों, शेयरधारकों, निवेशकों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के साथ धोखाधड़ी करके जनता के पैसों को इधर-उधर करने/निपटाने की एक सुनियोजित और सोची-समझी योजना का खुलासा हुआ है. साथ ही, यस बैंक लिमिटेड के प्रमोटर सहित बैंक अधिकारियों को रिश्वत देने का अपराध भी जांच के दायरे में है.
  • प्रारंभिक जांच में यस बैंक से (2017 से 2019 तक) लगभग 3,000 करोड़ रुपए के अवैध लोन डायवर्जन का पता चला है. ईडी ने पाया है कि लोन स्वीकृत होने से ठीक पहले, यस बैंक के प्रमोटरों को पैसा दिया गया था. एजेंसी रिश्वतखोरी और लोन के इस गठजोड़ की भी जांच कर रही है.

(आईएएनएस इनपुट के साथ)

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रंजन कुमार गुप्ता डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें डिजिटल न्यूज चैनल में तीन वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है. वे कंटेंट राइटिंग, गहन रिसर्च और SEO ऑप्टिमाइजेशन में माहिर हैं. शब्दों से असर डालना उनकी कला है और कंटेंट को गूगल पर रैंक कराना उनका जुनून! वो न केवल पाठकों के लिए उपयोगी और रोचक लेख तैयार करते हैं, बल्कि गूगल के एल्गोरिदम को भी ध्यान में रखते हुए SEO-बेस्ड कंटेंट तैयार करते हैं. रंजन का मानना है कि "हर जानकारी अगर सही रूप में दी जाए, तो वह लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है." यही सोच उन्हें हर लेख में निखरने का अवसर देती है.
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