📅निर्जला एकादशी व्रत इस साल 6 जून 2025 (शुक्रवार) को रखा जाएगा. इसका पारण 7 जून को दोपहर 1:44 से 4:31 बजे तक किया जाएगा. शुभ मुहूर्त में व्रत और पूजा से मिलेगा विशेष फल.

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इस वर्ष निर्जला एकादशी पर त्रिपुष्कर योग, शिव योग और स्वाति नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो इसे अत्यंत शुभ बनाता है. 

निर्जला एकादशी पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर पीले वस्त्र पहनें. भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें, फूल, तुलसी, भोग अर्पित करें और मंत्रों का जाप करके व्रत पूर्ण करें.

इस दिन किसी निर्धन को जल, अन्न, वस्त्र, जूते या छाते का दान करें. यह पुण्यदायी माना जाता है. 

– पूरे दिन अन्न और जल का त्याग करें. – यदि स्वास्थ्य कारणों से संभव न हो,     तो फलाहार या जलीय आहार लिया     जा सकता है.  - व्रत के दौरान पवित्रता और संयम का     पालन करें. 

⚠️ व्रत के नियम

निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से वर्षभर की सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

इस निर्जला एकादशी पर उपवास और पूजा विधि का पालन करके भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करें और अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भरें.