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भारत से सालों का रिश्ता बर्बाद कर डाला.., ट्रंप पर बिफरे पूर्व अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टन
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Tuesday, September 2, 2025
Last Updated On: Tuesday, September 2, 2025
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ दशकों से चली आ रही साझेदारी को कमजोर किया और कई फैसलों से भारत को रूस और चीन के करीब धकेल दिया.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Tuesday, September 2, 2025
Trump India Relations John Bolton : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर बड़ा हमला बोला है. स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में बोल्टन ने कहा कि ट्रंप ने भारत के साथ दशकों से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को तहस-नहस कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन की गलत नीतियों, जैसे अचानक व्यापार वार्ता रोकना और भारत पर भारी टैरिफ लगाना, ने दोनों देशों के रिश्तों को गहरी चोट पहुंचाई.
बोल्टन ने यह भी कहा कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष और कश्मीर संकट का राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश की, जिससे भारत और नाराज हुआ.
ट्रंप की नीतियों पर जॉन बोल्टन की आपत्ति
- पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने स्काई न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के बीच बनी दशकों पुरानी साझेदारी को नुकसान पहुंचाया है. उनका आरोप है कि ट्रंप की नीतियों ने भारत को रूस और चीन के करीब जाने के लिए मजबूर किया.
- बोल्टन ने बताया कि ट्रंप 2.0 से पहले, अमेरिका की कोशिश रही थी कि भारत को शीत युद्ध के दौर में सोवियत संघ और चीन के साथ उसकी नजदीकियों से अलग किया जाए. पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका ने लंबे समय से भारत को रूस पर हथियारों और अन्य सहयोग के लिए निर्भर रहने से दूर करने की योजना बनाई थी.
- उन्होंने यह भी कहा कि भारत को चीन से बढ़ते खतरे को लेकर लगातार सतर्क किया गया, जिसके लिए क्वाड समूह (भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका) को सुरक्षा ढांचे के तौर पर देखा गया.
पूर्व एनएसए ने गिनाए उदाहरण
पूर्व एनएसए ने बताया कि ट्रंप प्रशासन के कई फैसलों से भारत नाराज हुआ. उदाहरण के तौर पर, व्यापार वार्ताओं को अचानक रोक दिया गया. भारत को लग रहा था कि वह ट्रंप सरकार के साथ एक बड़े व्यापार समझौते के करीब है, जैसा कि ब्रिटेन ने किया था. लेकिन ट्रंप ने इसके बजाय भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया और बाद में इसमें और 25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी. जबकि रूस और चीन, जो रूस से तेल और गैस खरीदने वाले सबसे बड़े ग्राहक हैं, उन पर ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया.
बोल्टन ने यह भी दावा किया कि ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को लेकर श्रेय लेने की कोशिश की. उनका कहना था कि कश्मीर में आतंकी हमले के बाद दोनों देशों में हालात बिगड़े, लेकिन बाद में शांति बहाल हुई. इसके बावजूद ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने खुद इस साल छह या सात युद्ध होने से रोके और इसके लिए वे नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं. बोल्टन के अनुसार, इस रवैये से भारत काफी नाराज हुआ.
गौरतलब है कि इस समय जॉन बोल्टन खुद विवादों में हैं. पिछले हफ्ते अमेरिकी जांच एजेंसियों ने उनके घर और दफ्तर पर छापेमारी की. अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कार्रवाई की वजह बोल्टन के पास गोपनीय दस्तावेज होने का शक बताया जा रहा है.
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