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G-20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत का एजेंडा तय, जानें किन वैश्विक चुनौतियों पर होगा महामंथन?
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Saturday, November 22, 2025
Last Updated On: Saturday, November 22, 2025
G20 शिखर सम्मेलन 2025 अफ्रीका की धरती पर पहली बार आयोजित हो रहा है, जहां भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सामने मजबूत एजेंडा पेश करेंगे. ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साथ भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु संकट और तकनीकी शासन पर अपनी सोच साझा करेगा.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Saturday, November 22, 2025
G20 Summit India Agenda 2025: अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आज से शुरू हो रहा G20 शिखर सम्मेलन कई मायनों में ऐतिहासिक है. पहली बार यह वैश्विक मंच अफ्रीकी महाद्वीप की मेजबानी में आयोजित हो रहा है, और इसी खास अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यहां पहुंचे हैं. PM मोदी ने साफ कहा है कि भारत विश्व को ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ का संदेश देगा, जो न सिर्फ भारत की सोच को बल्कि उभरती वैश्विक चुनौतियों के समाधान को भी नई दिशा देने वाला है.
तीन दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में भारत आर्थिक स्थिरता, जलवायु कार्रवाई और नई प्रौद्योगिकियों की भूमिका पर अपने ठोस सुझाव रखेगा. खास बात यह है कि अफ्रीकी संघ को G20 की स्थायी सदस्यता दिलाने में भारत की भूमिका और भी प्रमुख हो जाती है, जिससे इस सम्मेलन में भारत की भागीदारी और प्रभाव दोनों बढ़ जाते हैं.
शिखर सम्मेलन में भारत का मुख्य एजेंडा
विदेश मंत्रालय ने 19 नवंबर को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G20 शिखर सम्मेलन के सभी तीन उच्च-स्तरीय सत्रों को संबोधित करेंगे. हर सत्र में भारत का संदेश साफ रहेगा-‘वसुधैव कुटुंबकम्’. यानी, एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य. भारत इस सोच को आज की वैश्विक चुनौतियों से जोड़कर प्रस्तुत करेगा.
PM मोदी ने बताया बेहद खास
PM मोदी ने अपने प्रस्थान से पहले कहा कि यह बैठक कई मायनों में खास है. वजह भी साफ है- यह अफ्रीका में हो रहा पहला G20 शिखर सम्मेलन है. उन्होंने कहा कि 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को G20 का स्थायी सदस्य बनाया गया था. यह पहल भारत ने ही आगे बढ़ाई थी. इसे ग्लोबल साउथ की आवाज और प्रतिनिधित्व को मजबूत करने वाला बड़ा कदम माना जाता है.
मोदी ने यह भी कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने इस बार जो विषय चुना है-‘एकजुटता, समानता और स्थिरता’ वह समय की जरूरत है. उनके अनुसार यह सम्मेलन नई दिल्ली और रियो डी जनेरियो में हुए पिछले शिखर सम्मेलनों के नतीजों को आगे बढ़ाने का मौका देगा. भारत इन मुद्दों पर रचनात्मक भूमिका निभाएगा.
ऑस्ट्रेलिया के PM के साथ अहम बातचीत
जोहान्सबर्ग पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही PM मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ से मुलाकात की. बातचीत सकारात्मक रही. दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी अब पांच साल पूरे कर चुकी है और यह लगातार मजबूत हो रही है.
बैठक में रक्षा और सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंध जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने पर सहमति जताई.
G20 से इतर, PM मोदी 21 से 23 नवंबर तक होने वाले छठे IBSA शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे. यह मंच भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका, इन तीन उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए बनाया गया है. IBSA का मकसद है कि दक्षिणी देशों की आवाज और मजबूत हो और वे वैश्विक मुद्दों पर संयुक्त रूप से काम कर सकें.
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