US Visa Policy: अमेरिका ने H-1B वीज़ा प्रक्रिया को क्यों किया और सख्त

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Published On: Wednesday, December 10, 2025

Last Updated On: Wednesday, December 10, 2025

US Visa Policy: अमेरिका ने H-1B वीज़ा प्रक्रिया सख्त की, भारतीय पेशेवरों पर असर और नए नियमों की जानकारी.
US Visa Policy: अमेरिका ने H-1B वीज़ा प्रक्रिया सख्त की, भारतीय पेशेवरों पर असर और नए नियमों की जानकारी.

अमेरिका की नई सोशल मीडिया स्क्रीनिंग पॉलिसी ने वीज़ा प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त बना दिया है. इसका सबसे ज्यादा असर H-1B वीज़ा आवेदकों पर पड़ा है और भारत की संख्या सबसे अधिक है. सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अमेरिकी दूतावास ने बड़ी संख्या में वीज़ा इंटरव्यू अगले साल तक टाल दिए हैं.

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Last Updated On: Wednesday, December 10, 2025

US Visa Policy: अमेरिका ने विदेशी नागरिकों को वीज़ा देने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है. अब H-1B वीज़ा लेने वालों को भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की पूरी जानकारी अमेरिकी अधिकारियों को देनी होगी. अमेरिकी विदेश विभाग की नई सोशल मीडिया स्क्रीनिंग पॉलिसी के तहत दूतावास अधिकारी वीज़ा आवेदक के सोशल मीडिया प्रोफाइल, पोस्ट, इंटरैक्शन और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच करेंगे.

इस नई पॉलिसी के कारण वीजा आवेदकों की पहले से तय इंटरव्यू तारीख को दूतावास ने आगे बढ़ा दी है. इसका सबसे अधिक प्रभाव भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ा है. क्योंकि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि H-1B वीजा के लिए सबसे अधिक आवेदन भारत के युवा प्रोफेशनल्स करते हैं.

नई सोशल मीडिया स्क्रीनिंग पॉलिसी

ट्रंप सरकार ने प्रोफेशनल्स के लिए अमेरिका में एंट्री करना और सख्त कर दिया है. सरकार ने नई सोशल मीडिया स्क्रीनिंग पॉलिसी लागू की है. इस पॉलिसी के तहत H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वाले प्रोफेशनल्स को भी अब अपना सोशल मीडिया हैंडल की स्क्रीनिंग करानी होगी. अमेरिका यह सब राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर कर रहा है. अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को पहचानना है, जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक शांति या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए संभावित खतरा हो सकते हैं.

राष्ट्रीय सुरक्षा अहम

विदेश विभाग ने स्पष्ट कहा है, ‘हर वीज़ा फैसला एक राष्ट्रीय सुरक्षा का फैसला होता है.’ इसलिए यह अनिवार्य किया गया है कि H-1B वीज़ा आवेदक और उनके H-4 आश्रित अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स (जैसे फेसबुक, एक्स/ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि) को पब्लिक रखें, ताकि अधिकारी उनकी ऑनलाइन मौजूदगी की आसानी से जांच कर सकें.

सोशल मीडिया स्क्रीनिंग पॉलिसी का असर

नई नीति के लागू होते ही दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों पर सीधा असर पड़ा है. सोशल मीडिया जांच के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता होने के कारण कई दूतावासों ने वीज़ा इंटरव्यू की पहले से तय तारीखें आगे बढ़ानी शुरू कर दी हैं. भारत सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को माने, तो दिसंबर 2025 के मध्य और अंत के लिए तय इंटरव्यू मार्च 2026 तक आगे बढ़ाया गया है. यह बदलाव बहुत बड़ा है. इसकी सटीक संख्या का पता लगाना मुश्किल है.

अमेरिका के एक प्रमुख बिज़नेस इमिग्रेशन लॉ फर्म के वकील स्टीवन ब्राउन ने कहा, ‘उन्हें पहले से ही यह जानकारी मिल रही थी. मिशन इंडिया ने आने वाले हफ्तों की कई अपॉइंटमेंट रद्द कर दी हैं. उन्हें सोशल मीडिया जांच के कारण मार्च तक के लिए रीशेड्यूल किया गया है.’

भारत स्थित अमेरिकी दूतावास तारीख बढ़ाई आगे

भारत में अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि सोशल मीडिया जांच में अतिरिक्त समय लगेगा. दूतावास अधिकारी वीज़ा आवेदक की विस्तृत जांच 15 दिसंबर से शुरू करने वाले हैं. नए सुरक्षा नियमों के कारण अपॉइंटमेंट संख्या सीमित की जा रही है.

दूतावास के मुताबिक इस कारण भारत में H-1B वीज़ा इंटरव्यू की भारी संख्या को संभालने में दिक्कत आ रही है. इसी वजह से इंटरव्यू की तारीखें बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाई गई हैं. 9 दिसंबर की रात को अमेरिकी दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी कर कहा, ‘यदि आपको ईमेल में बताया गया है कि आपका वीज़ा अपॉइंटमेंट रिशेडुयल हो गया है, तो आप पुरानी तारीख पर दूतावास न आएं. नई तारीख पर ही आपकी मदद की जाएगी.

दूतावास ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ‘पुरानी तारीख पर आने वाले आवेदक को दूतावास में एंट्री नहीं दी जाएगी.

क्या है H-1B वीज़ा

अमेरिका में काम करने के लिए प्रोफेशनल्स को H-1B वीज़ा लेना अनिवार्य होता है. H-1B वीज़ा लेने वालों को ही वहां काम करने की अनुमति दी जाती है. बड़ी संख्या भारतीय IT प्रोफेशनल्स यह वीजा लेकर अमेरिका जाते हैं. लेकिन पिछले कुछ महीनों से खासकर ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद H-1B वीजा को सख्त बनाया गया है. विशेषज्ञ इसका कारण अमेरिका में बढ़ रही बेरोजगारी दर है.

H-1B वीज़ा पर सख्ती असर

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सितंबर में नए H-1B वीज़ा पर एक बार का 1 लाख डॉलर का शुल्क लगाने का आदेश दिया था. यह कदम भारतीय कर्मचारियों और उनकी कंपनियों पर सीधा आर्थिक बोझ बढ़ाता है. इसके अलावा ट्रंप प्रशासन ने 19 देशों के लिए ग्रीन कार्ड और अन्य इमिग्रेशन पर रोक लगाया है. यह रोक पिछले दिनों एक अफगान नागरिक द्वारा अमेरिकी नेशनल गार्ड सैनिकों पर गोलीबारी की घटना के बाद लगाई है है. अमेरिका ने 19 देशों को चिंताजनक देशों की सूची में डाला है.

सोशल मीडिया जांच पहले से लागू

ऐसे अमेरिका आने वाले विदेशियों के लिए सोशल मीडिया जांच लागू थी. पहले छात्र वीज़ा पर अमेरिका आने वालों की सोशल मीडिया जांच की जाती थी. लेकिन अब यह जांच H-1B और H-4 पर भी लागू कर दी गई है.

सोशल मीडिया स्क्रीनिंग

अमेरिकी अधिकारी सोशल मीडिया स्क्रीनिंग के तहत संबंधित मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर आवेदकों द्वारा डाले गए पोस्ट, वीडियो और रील्स के अलावा राजनीतिक या हिंसक विचार, किसी कट्टरपंथी समूह से जुड़ाव, संदिग्ध संपर्क, झूठी पहचान या फेक ID, वीज़ा आवेदन की जानकारी और सोशल मीडिया में विरोधाभास आदि देखेंगे. यह जांच 15 दिसंबर से शुरू होगी और सभी आवेदकों का डेटा विश्लेषण किया जाएगा.

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गुंजन शांडिल्य समसामयिक मुद्दों पर गहरी समझ और पटकथा लेखन में दक्षता के साथ 10 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। पत्रकारिता की पारंपरिक और आधुनिक शैलियों के साथ कदम मिलाकर चलने में निपुण, गुंजन ने पाठकों और दर्शकों को जोड़ने और विषयों को सहजता से समझाने में उत्कृष्टता हासिल की है। वह समसामयिक मुद्दों पर न केवल स्पष्ट और गहराई से लिखते हैं, बल्कि पटकथा लेखन में भी उनकी दक्षता ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। उनकी लेखनी में विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की रोचकता का अनूठा संगम दिखाई देता है।
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