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जेलेंस्की ने ठुकरा दिया यूक्रेन-रूस पीस प्लान, गुस्साए ट्रंप ने दे डाला अल्टीमेटम!
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Saturday, November 22, 2025
Last Updated On: Saturday, November 22, 2025
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गुप्त शांति मसौदे को ठुकरा दिया है. "हम अपने देश से गद्दारी नहीं कर सकते" कहकर लिए गए इस बड़े फैसले ने वॉशिंगटन और कीव के रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है. उधर, ट्रंप ने भी साफ कर दिया कि यूक्रेन की मदद हमेशा जारी नहीं रह सकती. अब सवाल यह है कि क्या यह टकराव यूक्रेन-रूस युद्ध को नए मोड़ पर ले जाएगा?
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Saturday, November 22, 2025
Ukraine Russia Peace Plan 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूक्रेन से बड़ा झटका लगा है. राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने उनके शांति प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है. शनिवार (22 नवंबर) को जेलेंस्की ने कहा कि “हम अपने देश से गद्दारी नहीं कर सकते”. इसी बयान के साथ उन्होंने ट्रंप की पेशकश को नकार दिया. इसके बाद ट्रंप भी भड़क गए. उन्होंने कह दिया कि यूक्रेन को लगातार मदद देना अब मुश्किल है. ट्रंप लंबे समय से जंग ख़त्म करने की कोशिश में हैं. इसी कड़ी में उन्होंने रूस के साथ मिलकर एक गुप्त ड्राफ्ट तैयार किया था.
यह ड्राफ्ट ट्रंप ने जेलेंस्की को भेजा था. इसकी शर्तें सामने नहीं आईं, लेकिन कई दावों में कहा गया कि इसमें यूक्रेन को बड़ा समझौता करने का सुझाव था. माना जा रहा है कि ड्राफ्ट में यूक्रेन से दोनेत्स्क और लुहांस्क पर अपना स्थायी दावा छोड़ने को कहा गया था. इतना ही नहीं, ट्रंप के प्लान में यह भी था कि यूक्रेन अपने संविधान में नाटो में कभी शामिल न होने का प्रावधान जोड़ दे. जेलेंस्की ने इन शर्तों को देश के हित के खिलाफ बताया और समझौते को तुरंत खारिज कर दिया.
ट्रंप ने क्या कहा था?
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने साफ कहा था कि अमेरिका के पास शांति की ओर बढ़ने का एक रास्ता तैयार है. लेकिन इसे आगे बढ़ाने के लिए ज़ेलेंस्की की मंज़ूरी ज़रूरी है.
ट्रंप ने कहा, “हमें लगता है कि हमारे पास शांति स्थापित करने का एक रास्ता है. उन्हें इसे मंज़ूर करना होगा. मुझे लगता है कि वह मंज़ूरी के क़रीब हैं, लेकिन मैं कोई भविष्यवाणी नहीं करना चाहता.”
उनका यह बयान उस वक्त आया जब वॉशिंगटन द्वारा तैयार नई शांति योजना पर तेज़ी से चर्चा चल रही थी. माहौल गर्म था. सवाल बड़े थे. और दुनिया की नजरें दोनों देशों की दिशा पर टिक गई थीं.
ज़ेलेंस्की ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को ज़ेलेंस्की ने देश को सचेत किया. उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपने इतिहास के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है. अमेरिकी प्रस्ताव के असर को समझना आसान नहीं है. कीव में अपने कार्यालय के बाहर लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया. उन्होंने साफ कहा कि वह यूक्रेनी जनता से कभी विश्वासघात नहीं करेंगे, चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों.
ज़ेलेंस्की ने कहा, “यह हमारे इतिहास के सबसे कठिन क्षणों में से एक है. हमारे सामने बहुत कठिन विकल्प है या तो अपनी गरिमा खो दें, या फिर अपने सबसे बड़े साथी को खोने का जोखिम उठाएं.” उन्होंने आगे कहा, “मैं लगातार कोशिश कर रहा हूं कि योजना के दो अहम बिंदुओं को किसी भी हाल में नज़रअंदाज़ न किया जाए. पहली यूक्रेन की गरिमा और दूसरी हमारी स्वतंत्रता.”
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