ITR फाइलिंग का मतलब है सरकार को आपकी सालाना आय, टैक्स भुगतान और रिफंड की जानकारी देना. यह एक जरूरी कानूनी प्रक्रिया है, जिससे आप टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बनाए रखते हैं.
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ITR फाइलिंग के लिए ये दस्तावेज़ तैयार रखें: – Form 16 – PAN कार्ड – आधार कार्ड – बैंक स्टेटमेंट – TDS सर्टिफिकेट्स – इन्वेस्टमेंट प्रूफ्स
ITR-U फॉर्म के माध्यम से अब आप पिछले रिटर्न में हुई गलतियों को 4 साल तक सुधार सकते हैं.
व्यक्तिगत वेतनभोगी और गैर-ऑडिट मामलों के लिए ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 के बाद फाइलिंग पर ₹5,000 तक की पेनल्टी लग सकती है.
जिन व्यापारियों को ऑडिट की ज़रूरत है, उनके लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन 31 अक्टूबर 2025 है, जबकि बिलेटेड और रिवाइज्ड रिटर्न की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई है.
– रिफंड में देरी नहीं होती – लोन अप्रूवल में मदद मिलती है – पेनल्टी और ब्याज से बचाव
– सभी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें – ITR फॉर्म सही से चुनें – ई-फाइलिंग पोर्टल का उपयोग करें – फाइलिंग के बाद एक्नॉलेजमेंट सेव करें