कर्नाटक की लेखिका बानु मुश्ताक ने अपनी किताब हार्ट लैम्प के लिए 2025 का इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार जीता.
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कन्नड़ साहित्य को मिला पहला अंतरराष्ट्रीय बुकर सम्मान, Heart Lamp बनी ऐतिहासिक कृति. यह पहली कन्नड़ किताब है जिसे मिला इतना बड़ा वैश्विक पुरस्कार.
दीपा भास्थी ने Heart Lamp का अंग्रेज़ी अनुवाद कर इसे वैश्विक मंच तक पहुँचाया, जिससे बानु मुश्ताक की रचनाएँ अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर सकीं.
इस संग्रह में 12 कहानियाँ शामिल हैं, जो दक्षिण भारत के मुस्लिम समुदायों की महिलाओं की ज़िंदगी को उजागर करती हैं.
लंदन के टेट मॉडर्न में आयोजित पुरस्कार समारोह में बानु मुश्ताक और दीपा भास्थी को सम्मानित किया गया.
बानु मुश्ताक ने बताया कि उनकी कहानियाँ महिलाओं के अधिकारों, जाति, धर्म और सत्ता के मुद्दों पर आधारित हैं.