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BCCI ने जूनियर सेलेक्टर्स को सौंपी नई जिम्मेदारी, ड्रग्स और मैच फिक्सिंग से बचाएंगे युवा क्रिकेटर
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, August 24, 2026
Last Updated On: Monday, August 24, 2026
BCCI ने युवा क्रिकेटरों को ड्रग्स, सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसे खतरों से बचाने के लिए नई पहल शुरू की है. अब जूनियर चयनसमिति खिलाड़ियों में नैतिक मूल्यों और जागरूकता को बढ़ावा देगी. नई समिति अंडर-22 तक की टीमों का चयन करने के साथ मजबूत टैलेंट पूल तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, August 24, 2026
BCCI: भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को लेकर BCCI ने एक नई पहल की है. अब जूनियर चयनकर्ताओं की भूमिका सिर्फ टीम चुनने और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने तक सीमित नहीं रहेगी. बोर्ड ने युवा क्रिकेटरों को ड्रग्स, सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसे खतरों से दूर रखने के लिए जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी भी जूनियर क्रिकेट चयनसमिति को देने का फैसला किया है.
कम उम्र में शुरू होगी जागरूकता की मुहिम
BCCI का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को शुरुआत से ही सही और गलत के बीच फर्क समझाना जरूरी है. अंडर-19 स्तर पर पहुंचने वाले खिलाड़ियों के सामने कम उम्र में ही पैसा, पहचान और सफलता आ जाती है. ऐसे में उन्हें गलत लोगों के प्रभाव में आने से बचाने के लिए सीनियर और पूर्व क्रिकेटरों के साथ बातचीत और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
नई जूनियर चयनसमिति के लिए आवेदन शुरू
नई जिम्मेदारियों के साथ नई जूनियर चयनसमिति का गठन भी किया जाएगा. BCCI ने समिति के पांच पदों के लिए आवेदन मांगे हैं और आवेदन की अंतिम तारीख 5 सितंबर तय की गई है. नई समिति की घोषणा बोर्ड की अगली वार्षिक आम बैठक में की जाएगी. यह मौजूदा जूनियर चयनसमिति की जगह लेगी, जिसका पांच साल का कार्यकाल अब पूरा होने वाला है.
मौजूदा समिति में कौन-कौन?
मौजूदा जूनियर चयनसमिति की अध्यक्षता एस शरथ कर रहे हैं. उनके साथ कृष्ण मोहन, राणादेब बोस, पथिक पटेल और हरविंदर सिंह सोढ़ी समिति का हिस्सा हैं. इस पैनल का गठन सितंबर 2021 में किया गया था. मौजूदा समिति की आखिरी बड़ी जिम्मेदारी जूनियर ईरानी कप के लिए शेष भारत की अंडर-23 टीम का चयन करना होगी.
नई समिति चुनेगी अंडर-22 तक की टीमें
नई चयनसमिति के सामने भी बड़ी जिम्मेदारी होगी. यह कोचिंग कैंप और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए अंडर-22 तक की आयु वर्ग की टीमों का चयन करेगी. इसके अलावा चयनकर्ता खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखेंगे और भविष्य के लिए मजबूत टैलेंट पूल तैयार करने में योगदान देंगे.
कौन बन सकता है जूनियर सेलेक्टर?
BCCI ने चयनकर्ता पद के लिए योग्यता भी तय की है. आवेदन करने वाले पूर्व खिलाड़ी के नाम कम से कम 25 प्रथम श्रेणी मुकाबले होने चाहिए. साथ ही उन्हें क्रिकेट से संन्यास लिए कम से कम पांच साल पूरे हो चुके होने चाहिए. यानी बोर्ड ऐसे अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों को जिम्मेदारी देना चाहता है, जो युवा प्रतिभाओं को खेल के साथ-साथ उसके नैतिक पक्ष की भी समझ दे सकें.
क्रिकेट से आगे चरित्र निर्माण पर जोर
BCCI की यह पहल बताती है कि युवा क्रिकेटरों की तैयारी अब केवल मैदान तक सीमित नहीं रखी जा रही. ड्रग्स, सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसे मामलों से खिलाड़ियों को बचाने के लिए समय रहते जागरूक करना जरूरी है. नई जूनियर चयनसमिति से उम्मीद होगी कि वह प्रतिभा पहचानने के साथ युवा खिलाड़ियों में अनुशासन, जिम्मेदारी और खेल भावना को भी मजबूत करेगी.
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