States News
UP Election 2027: सपा-कांग्रेस में सीट शेयरिंग का पेंच, अखिलेश की PDA यात्रा से बढ़ी हलचल
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Tuesday, September 29, 2026
Last Updated On: Tuesday, September 29, 2026
UP Election 2027 से पहले सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान जारी है. रायबरेली से अखिलेश यादव की PDA यात्रा और 2024 के चुनावी आंकड़ों ने गठबंधन के सीट बंटवारे की चर्चा तेज कर दी है. आखिर क्या है दोनों दलों का गणित?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Tuesday, September 29, 2026
UP Election 2027: इस बात में कोई शक नहीं कि उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होंगे. लोकसभा चुनाव 2024(Lok Sabha Election 2024) में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बेहतरीन प्रदर्शन ने विपक्षी दलों के आत्मविश्वास को बढ़ा दिया है, वहीं योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा लगातार तीसरी बार कमल खिलाने की तैयारी में जी -जान से जुटी है. कैसी है प्रमुख दलों की रणनीति कौन किस तरह अपने पसंदीदा मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रहा है, इन्हीं सब पर जानते हैं इस रिपोर्ट में
प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग का पेंच अभी सुलझा नहीं है. इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से पीडीए ( PDA) यात्रा शुरू कर दी है. दूसरी ओर कांग्रेस भी सीटों की दावेदारी को लेकर जमीनी हिसाब-किताब जुटा रही है. पार्टी ने संभावित सीटों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटकर अपनी मजबूत सीटों की पहचान शुरू की है. ऐसे में रायबरेली से सपा की यात्रा ने गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर चल रही हलचल को और बढ़ा दिया है.
सपा की ओर से सीट बंटवारे में ‘जीतने की क्षमता’ को आधार बनाए जाने की बात कही जा रही है. कांग्रेस के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव (UP Assembly Election 2027) अपने दावे का प्रमुख आधार है.
लोकसभा चुनाव नतीजे बना रहे आधार
दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे से ही 2027 की सीट (UP Seat Sharing) शेयरिंग में दोनों दलों के अपने-अपने दावे का आधार बनाने की बात सामने आ रही है.
लोकसभा जितनी हिस्सेदारी का फॉर्मूला भी
उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीट हैं. लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में सपा को करीब 79 फीसदी और कांग्रेस(congress) को करीब 21 फीसदी सीटें मिली थीं. एक विकल्प इसी फॉर्मूले को बरकरार रखने का भी है. इसके तहत कुल 403 में से सपा को 315 से 320 सीट और कांग्रेस को 85 से 90 सीट तक मिल सकती हैं.
कांग्रेस : कमजोर प्रदर्शन के बाद दमदार वापसी
2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सिर्फ दो सीटें जीती थीं. पार्टी को 2.33 फीसदी वोट मिले थे. चार सीटों पर प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे.
2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में सपा (SP) के साथ आते ही तस्वीर बदली. गठबंधन में कांग्रेस ने 17 लोकसभा सीटों में से 6 जीतीं, जिनमें 85 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. 39 क्षेत्रों में पार्टी आगे रही.
सपा का 2024 का गणित बड़ा
सपा ने 2024 में यूपी(UP Election)की 62 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा और 37 सीटें जीतीं. पार्टी का वोट शेयर 33.59 फीसदी रहा.
इन 62 लोकसभा क्षेत्रों में आने वाले 310 विधानसभा क्षेत्रों में सपा 184 पर आगे रही. सपा-कांग्रेस को मिलाकर लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 224 विधानसभा सीटों पर बढ़त मिली थी.
अभी फिलहाल सपा ब्राह्मण वोट को अपने पाले में लाने की रणनीति पर काम कर रही है. साथ ही राम मंदिर में चोरी के मसले पर भी पार्टी आक्रामक रुख अख्तियार किए है. वहीं छोटे राजनीतिक दलों की अहमियत को बखूबी समझ कर आगे का गणित बिठाने की जुगत में है. इसके उलट कांग्रेस (congress) की रफ़्तार अभी थोड़ी धीमी है. वो फिलहाल इस रणनीति पर काम कर रही है कि सपा से सम्मानजनक सीटों का समझौता हो जाए और उससे रूठ चुके मुस्लिम और दलित मतदाता फिर से उनकी तरफ हो जाएं. अगले कुछ दिनों में हालात साफ होने की उम्मीद है
यह भी पढ़ें :- Bhagat Singh Jayanti पर CM योगी आदित्यनाथ की ‘योगी की पाती’, युवाओं को दिया बड़ा संदेश










