उज्जैन में AI वीडियो ने मचाया बवाल! शाही मस्जिद पर क्या है पूरा सच?

Authored By: Galgotias Times Bureau

Published On: Tuesday, September 29, 2026

Updated On: Tuesday, September 29, 2026

Ujjain AI Video से शाही मस्जिद गिराने का फर्जी वीडियो वायरल

Ujjain AI Video ने उज्जैन में ऐसा बवाल खड़ा कर दिया, जिसने पुलिस और प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया. शाही मस्जिद का AI से बनाया गया फर्जी वीडियो वायरल होने के बाद भीड़ जुटी और हिंसा भड़क गई. पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है और 100 से ज्यादा Instagram अकाउंट जांच के घेरे में हैं. पढ़ें पूरी खबर.

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Updated On: Tuesday, September 29, 2026

Ujjain AI Video: कभी-कभी एक फर्जी वीडियो असली सच्चाई से भी ज्यादा तेजी से फैल जाता है, और यही कुछ उज्जैन में हुआ. सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के एक छोटे हिस्से को हटाने की खबर जब सोशल मीडिया (Social media)  पर पहुंची, तो कुछ लोगों ने इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से पूरी तरह गलत रूप में पेश कर दिया. नतीजा यह हुआ कि हकीकत जानने से पहले ही सड़कों पर हंगामा शुरू हो गया. आइए जानते हैं कि पुलिस जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया है.

शाही मस्जिद गिराने के AI वीडियो से जुटी थी भीड़, उज्जैन के बवाल पर खुलासा, 15 हिरासत में

मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद (Shahi Masjid Ujjain) को लेकर सोमवार को हुई हिंसक झड़प के पीछे असली वजह पुलिस जांच में सामने आ गई है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे बवाल की जड़ एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार किया गया फर्जी वीडियो था, जिसमें जेसीबी मशीन से पूरी मस्जिद को ध्वस्त होते हुए दिखाया गया था.

क्या था असली मामला

हकीकत में यह पूरा मामला सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण से जुड़ा था, जिसके दायरे में मस्जिद का सिर्फ एक छोटा हिस्सा आ रहा था. लेकिन सोशल मीडिया पर फैलाए गए फर्जी वीडियो में इसे पूरी मस्जिद को गिराए जाने के रूप में दिखाया गया, जिसकी वजह से हजारों लोग मस्जिद के आसपास इकट्ठा हो गए.

पुलिस अधीक्षक ने बताई पूरी बात

उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के मुताबिक मस्जिद समिति के कुछ सदस्य भी इस फर्जी वीडियो से गुमराह हो गए थे. उन्होंने बताया कि समिति के भीतर के ही एक असंतुष्ट गुट ने युवाओं को भड़काने में बड़ी भूमिका निभाई. जब सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो भीड़ अचानक हिंसक हो गई और जेसीबी लेकर पहुंची सुरक्षा टीम पर पथराव शुरू कर दिया. हालात संभालने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.

अब तक कितनी गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस अब तक पंद्रह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. अलग-अलग थानों में करीब आठ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें बीस से ज्यादा लोगों को नामजद किया गया है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और अफवाह फैलाने के आरोप में पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ भी अलग से मामला दर्ज किया गया है.

सौ से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट जांच के घेरे में

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सौ से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट सामने आए हैं, जिनसे फर्जी वीडियो और भड़काऊ पोस्ट शेयर किए गए थे. इन सभी अकाउंट की गतिविधियों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह वीडियो सबसे पहले कहां से और किसने बनाकर फैलाया.

अब बनी सहमति, खुद हटा रहे मस्जिद का हिस्सा

तनाव कम करने के लिए प्रशासन और मस्जिद (Shahi Masjid) समिति के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद आपसी सहमति बन गई. अब स्थानीय लोग खुद अपनी मर्जी से मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटा रहे हैं, और सड़क चौड़ीकरण का काम दोबारा शुरू हो गया है.

निष्कर्ष

यह पूरा मामला दिखाता है कि किस तरह एक फर्जी वीडियो (Ujjain AI Video) असली तथ्यों से कहीं ज्यादा तेजी से लोगों के गुस्से को भड़का सकता है. पुलिस अब वीडियो बनाने और फैलाने वाले असली जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. फिलहाल शहर में शांति बहाल हो चुकी है, लेकिन यह घटना एक बड़ी सीख है कि सोशल मीडिया पर आई किसी भी सनसनीखेज खबर को बिना जांचे आगे न बढ़ाया जाए.

यह भी पढ़ें :- उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

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