Semicon India 2025 : भारत का पहला स्वदेशी ‘VIKRAM’ 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर पेश
Authored By: संतोष आनंद
Published On: Tuesday, September 2, 2025
Updated On: Tuesday, September 2, 2025
विक्रम 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी छलांग है। यह न सिर्फ इसरो के स्पेस मिशनों को और मजबूती देगा, बल्कि भविष्य में भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा।
Authored By: संतोष आनंद
Updated On: Tuesday, September 2, 2025
भारत ने सेमीकॉन इंडिया 2025 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को देश का पहला स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर ‘विक्रम’ (VIKRAM) पेश किया। इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने लॉन्च व्हीकल एप्लिकेशंस के लिए डेवलप किया है, ताकि अत्यधिक प्रतिकूल परिस्थितियों में भी मिशन सुचारु रूप से ऑपरेट हो सके। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘विक्रम’ के साथ-साथ ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वीकृत चार अन्य परियोजनाओं के टेस्ट चिप्स भी पेश किए गए।
विक्रम माइक्रोप्रोसेसर की खासियत
विक्रम 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर (VIKRAM3201) इसरो के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर और सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (SCL) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है। इसे विशेष रूप से लॉन्च व्हीकल्स में इस्तेमाल होने वाले कठोर पर्यावरणीय हालात को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह स्पेस मिशन के दौरान कंट्रोल फंक्शन्स और नेविगेशनल क्षमताओं को निरंतर बनाए रखता है।
तकनीकी क्षमता और मजबूती
इस चिप की सबसे खास बात यह है कि यह अत्यधिक तापमान सहन करने में सक्षम है। यह -55 डिग्री सेल्सियस से लेकर 125 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी काम करता है। यह माइक्रोप्रोसेसर पुराने VIKRAM1601 के साथ बैकवर्ड कम्पैटिबल है, जिसे 2009 से इसरो के लॉन्च व्हीकल्स में इस्तेमाल किया जा रहा है।
विक्रम 32-बिट प्रोसेसर में कस्टम इंस्ट्रक्शन सेट आर्किटेक्चर दिया गया है। यह Ada हाई-लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सपोर्ट करता है, जो अपनी विश्वसनीयता के लिए जानी जाती है और उपग्रहों, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम्स और लॉन्च व्हीकल्स में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है।
साथ ही इसमें फ्लोटिंग-पॉइंट कम्प्यूटेशन की क्षमता भी है, जिससे जटिल गणनाएं जैसे स्पेस व्हीकल की ट्राजेक्ट्री तय करना, सेंसर डेटा का विश्लेषण करना और 3D ग्राफिक्स रेंडरिंग करना संभव हो पाता है।
सॉफ्टवेयर सपोर्ट और डेवलपमेंट टूल्स
इसरो के अनुसार, विक्रम माइक्रोप्रोसेसर ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर टूलसेट्स के साथ कम्पैटिबल है। इसके साथ एक प्रोपाइटरी सिम्युलेटर और इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एन्वायरनमेंट (IDE) भी उपलब्ध है। यह फ्लाइट सॉफ्टवेयर के साथ सफलतापूर्वक टेस्ट किया जा चुका है।
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बीते 3.5 साल में भारत ने दुनिया का भरोसा जीता है। वर्तमान में देश में 5 सेमीकंडक्टर यूनिट्स का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिनमें से एक यूनिट का पायलट लाइन कार्य पूरा हो चुका है। विक्रम के अलावा आने वाले महीनों में दो अन्य फैब्रिकेशन प्लांट्स भी अपने-अपने चिप्स लॉन्च करने की तैयारी में हैं।
विक्रम 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी छलांग है। यह न सिर्फ इसरो के स्पेस मिशनों को और मजबूती देगा, बल्कि भविष्य में भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा।
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