PhonePe, Paytm और GPay पर UPI MDR चार्ज? जानिए नए नियम का पूरा हिसाब
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, September 16, 2026
Updated On: Wednesday, September 16, 2026
15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI भुगतान पर 0.40% MDR चार्ज लागू होगा. इसका भुगतान ग्राहक नहीं, बल्कि पात्र मर्चेंट करेगा. PhonePe, Paytm और GPay जैसे ऐप से पेमेंट करने पर ग्राहक के खाते से अतिरिक्त शुल्क नहीं कटेगा. जानिए MDR की गणना और अधिकतम सीमा.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Wednesday, September 16, 2026
UPI MDR Charge: UPI से पेमेंट करने वाले लोगों के लिए एक जरूरी बदलाव सामने आया है. 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लागू होगा. हालांकि इसका सीधा असर ग्राहक की जेब पर नहीं पड़ेगा. यह शुल्क केवल पात्र मर्चेंट से लिया जाएगा.
UPI पेमेंट पर आखिर किसे देना होगा चार्ज?
नए नियम को लेकर सबसे ज्यादा सवाल इस बात पर है कि क्या PhonePe, Paytm और Google Pay जैसे ऐप से पेमेंट करने पर ग्राहक के खाते से अतिरिक्त रकम कटेगी. इसका जवाब है नहीं. MDR ग्राहक से नहीं, बल्कि कुछ निर्धारित व्यापारियों से लिया जाएगा.
| भुगतान राशि | MDR दर | मर्चेंट द्वारा देय शुल्क |
|---|---|---|
| ₹2,000 | 0% | ₹0 |
| ₹3,000 | 0.40% | ₹12 |
| ₹50,000 | 0.40% | ₹200 |
| ₹75,000 या अधिक | 0.40%, अधिकतम सीमा | ₹300 |
यह व्यवस्था Person-to-Merchant (P2M) भुगतान पर लागू होगी. यानी जब कोई ग्राहक किसी दुकान या कारोबारी को UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान करता है, तब पात्र मर्चेंट के लिए MDR की व्यवस्था लागू हो सकती है. व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P भुगतान पर यह शुल्क लागू नहीं होगा.
PhonePe, Paytm या GPay में अलग-अलग चार्ज नहीं
यह समझना भी जरूरी है कि MDR किसी एक UPI ऐप पर लगाया जाने वाला अलग शुल्क नहीं है. ग्राहक चाहे PhonePe इस्तेमाल करे, Paytm, Google Pay या किसी दूसरे UPI ऐप से भुगतान करे, उसे इस वजह से अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा.
MDR का भुगतान मर्चेंट की ओर से उसके Acquiring Bank को किया जाएगा. इसलिए केवल ऐप का नाम देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि ग्राहक से कितना पैसा कटेगा.
कितनी खरीदारी पर कितना MDR?
MDR की दर 2,000 रुपये से अधिक के पात्र P2M लेनदेन पर 0.40 प्रतिशत बताई गई है. हालांकि इस शुल्क पर अधिकतम 300 रुपये की सीमा रखी गई है. इसका मतलब बड़ी राशि के भुगतान पर भी MDR अनिश्चित रूप से नहीं बढ़ेगा.
उदाहरण के तौर पर, 3,000 रुपये के भुगतान पर 0.40 प्रतिशत के हिसाब से MDR 12 रुपये होगा. वहीं 50,000 रुपये की खरीदारी पर यह राशि 200 रुपये बनेगी. अगर गणना 300 रुपये से अधिक होती है, तो निर्धारित अधिकतम सीमा के कारण शुल्क 300 रुपये तक ही रहेगा.
ग्राहक के लिए सबसे अहम बात
UPI से भुगतान करने वाले आम ग्राहक को इस नियम के कारण अतिरिक्त MDR नहीं देना होगा. यानी दुकान पर 3,000 रुपये की खरीदारी करके PhonePe, Paytm या GPay से भुगतान करने पर ग्राहक के खाते से 3,012 रुपये नहीं कटेंगे. MDR मर्चेंट के स्तर पर लागू होगा.
हालांकि हर व्यापारी पर यह शुल्क लागू नहीं होगा. नियम में पात्र या चुनिंदा मर्चेंट की बात कही गई है. इसलिए किसी विशेष दुकान पर MDR लागू है या नहीं, यह उसके भुगतान सेटअप और लागू नियमों पर निर्भर करेगा.
UPI यूजर्स को क्या याद रखना चाहिए?
नए नियम का सबसे आसान मतलब यही है कि UPI ऐप बदलने से ग्राहक पर MDR खत्म या शुरू नहीं होगा. PhonePe, Paytm, GPay समेत UPI सपोर्ट करने वाले ऐप से भुगतान करते समय ग्राहक से इस शुल्क की वसूली नहीं की जानी है. बदलाव मुख्य रूप से पात्र मर्चेंट और उनके बैंकिंग सेटलमेंट से जुड़ा है.
नोट: यह जानकारी दिए गए नियमों और उपलब्ध विवरण के आधार पर तैयार की गई है. MDR की वास्तविक लागू दर या पात्रता संबंधित आधिकारिक नियमों और मर्चेंट की श्रेणी पर निर्भर करेगी.
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