NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा दावा, NTA से जुड़े एक्सपर्ट्स ने कथित तौर पर बाहर पहुंचाया प्रश्नपत्र

Authored By: Nishant Singh

Published On: Friday, August 7, 2026

Updated On: Friday, August 7, 2026

NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा दावा. NTA से जुड़े एक्सपर्ट्स पर प्रश्नपत्र लीक कराने का आरोप

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट से परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं. जांच एजेंसी का दावा है कि NTA से जुड़े विषय विशेषज्ञों ने अधिकृत पहुंच का कथित दुरुपयोग कर प्रश्नपत्र की जानकारी उम्मीदवारों तक पहुंचाई. मामले में नोटबुक, डिजिटल लेनदेन और नकदी से जुड़े सबूत भी सामने आए हैं.

Authored By: Nishant Singh

Updated On: Friday, August 7, 2026

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट से परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है. जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रश्नपत्र किसी प्रिंटिंग प्रेस से लीक नहीं हुआ था, बल्कि NTA के लिए काम कर रहे कुछ विषय विशेषज्ञों ने अपने अधिकृत एक्सेस का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर पेपर की जानकारी बाहर पहुंचाई. इस मामले में दाखिल चार्जशीट पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट 10 अगस्त को संज्ञान लेगी.

अनुवाद और प्रूफरीडिंग के दौरान कथित लीक

CBI के अनुसार, प्रश्नपत्र के गोपनीय अनुवाद, बैक-ट्रांसलेशन और प्रूफरीडिंग के दौरान उसकी जानकारी बाहर पहुंचाई गई. जांच में बॉटनी-जूलॉजी विशेषज्ञ मनीषा गुरुनाथ मंधारे, केमिस्ट्री विशेषज्ञ प्रल्हाद विठ्ठलराव कुलकर्णी और फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा संजय हवालदार के नाम सामने आए हैं. एजेंसी का आरोप है कि इन विशेषज्ञों ने प्रश्नपत्र तक अपनी आधिकारिक पहुंच का कथित तौर पर दुरुपयोग किया और परीक्षा से पहले उसकी जानकारी कुछ उम्मीदवारों तक पहुंचाई.

उम्मीदवारों को घर पर बताए गए सवाल

जांच के मुताबिक, अप्रैल 2026 में पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे ने पुणे स्थित अपने घरों पर विशेष रिवीजन सेशन आयोजित किए. यहां कथित तौर पर उम्मीदवारों को प्रश्न, उनके चार विकल्प और सही उत्तर बताए गए. छात्रों ने इन सवालों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिख लिया. CBI का मानना है कि इस तरीके से जानकारी को बिना डिजिटल रिकॉर्ड के आगे पहुंचाने की कोशिश की गई.

फिजिक्स के सवालों की तस्वीरें भी भेजी गईं

CBI का दावा है कि फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा हवालदार ने कुछ प्रश्न पुणे के फिजिक्स लेक्चरर तेजस हर्षदकुमार शाह को बताए. इसके बाद कथित तौर पर हस्तलिखित नोट्स की तस्वीरें खींचकर उन्हें लातूर स्थित एक करियर सेंटर से जुड़े प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर तक भेजा गया. जांच एजेंसी ने इस नेटवर्क में ऑनलाइन पैसों के लेनदेन के सबूत मिलने की भी बात कही है.

अस्पताल में उम्मीदवारों को प्रश्न बैंक याद कराने का दावा

जांच में यह भी सामने आया कि पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे ने लातूर के डॉक्टर मनोज भगवानराव शिरुरे के साथ मिलकर कुछ उम्मीदवारों को सिद्धिविनायक अस्पताल बुलाया. CBI के अनुसार, यहां परीक्षा से पहले उन्हें पूरा प्रश्न बैंक याद कराया गया. इसके बाद कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नों को पीडीएफ में तैयार किया गया और टेलीग्राम के जरिए आगे भेजा गया.

लाखों रुपये में आगे पहुंचा कथित पेपर

CBI के मुताबिक, नासिक के शुभम खैरनार ने गुरुग्राम के यश यादव से संपर्क किया और लीक हुए सवालों की पीडीएफ आगे पहुंचाई गई. इसके बाद यह सामग्री जयपुर के मांगीलाल बिवाल उर्फ मांगीलाल खटीक तक पहुंचने का दावा किया गया. जांच एजेंसी के अनुसार, प्रश्नपत्र की प्रति कथित तौर पर 10 से 12 लाख रुपये में उपलब्ध कराई गई. बाद में इसकी प्रिंट कॉपी निकालकर कोचिंग छात्रों और निजी ट्यूटर्स तक पहुंचाई गई.

नोटबुक और डिजिटल रिकॉर्ड बने अहम सबूत

CBI ने जांच में फॉरेंसिक और हैंडराइटिंग जांच को भी महत्वपूर्ण बताया है. छापेमारी के दौरान बरामद उम्मीदवारों की नोटबुक का तीन मई को आयोजित वास्तविक NEET-UG प्रश्नपत्र से मिलान किया गया. एजेंसी के अनुसार, नोटबुक में लिखे प्रश्न और उत्तर वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए. इसके अलावा कथित लेनदेन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और पांच लाख रुपये की नकदी बरामद होने की बात भी चार्जशीट में कही गई है.

अब अदालत के फैसले पर नजर

NEET-UG जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले बाहर पहुंचने के आरोपों ने परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. हालांकि CBI ने चार्जशीट में जो आरोप लगाए हैं, उन पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा. अब 10 अगस्त को राउज एवेन्यू कोर्ट में होने वाली सुनवाई से आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

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About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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