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दिल्ली कैपिटल्स के अभिषेक पोरेल गिरफ्तार, मेडिकल छात्रा ने लगाया रेप और प्राइवेट वीडियो बनाने का गंभीर आरोप
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, August 11, 2026
Last Updated On: Tuesday, August 11, 2026
दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को बंगाल पुलिस ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद गिरफ्तार किया है. एक मेडिकल छात्रा ने उन पर शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, निजी वीडियो तैयार करने, धमकी देने और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले की जांच जारी है और आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, August 11, 2026
Abhishek Porel Arrest: दिल्ली कैपिटल्स के लिए आईपीएल में खेलने वाले युवा क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. 23 वर्षीय पोरेल को बंगाल पुलिस ने हुगली से गिरफ्तार किया है. उनके खिलाफ एक मेडिकल छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के मुताबिक, पोरेल ने शादी का भरोसा देकर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए और कथित तौर पर उसका निजी वीडियो भी बनाया. महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उसे निजी तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी गई. मामले में गिरफ्तारी कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हुई है. हालांकि, पोरेल पर लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं और मामले की जांच जारी है.
शिकायत के बाद हाईकोर्ट पहुंची महिला
बताया जा रहा है कि महिला की अभिषेक पोरेल से पहचान वर्ष 2023 में हुई थी. शिकायतकर्ता का दावा है कि दोनों के बीच संबंध बने और बाद में शादी को लेकर दोनों परिवारों के बीच बातचीत भी हुई. महिला के अनुसार, इसके बाद रिश्ते में विवाद पैदा हुआ. उसने आरोप लगाया कि 2 अप्रैल 2026 को दिल्ली में उसके साथ मारपीट की गई और उसे कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया. महिला ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया. इसके बाद उसने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया. सुनवाई के दौरान अदालत ने पोरेल और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया.
पेन ड्राइव की जांच से खुल सकते हैं कई राज
इस मामले में डिजिटल सबूतों को भी अहम माना जा रहा है. अदालत के समक्ष पुलिस ने बताया कि पोरेल से जुड़ी एक पेन ड्राइव जब्त की गई है और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसकी निजी तस्वीरों और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी दी गई थी. ऐसे में जांच एजेंसियां डिजिटल सामग्री की जांच कर सकती हैं और यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि उसमें क्या मौजूद है और उसका मामले से क्या संबंध है. इसके अलावा महिला द्वारा लगाए गए मारपीट, धमकी और बंधक बनाने जैसे आरोपों की भी जांच की जाएगी. मामले में आगे की दिशा जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों से तय होगी.
गिरफ्तारी हुई है, दोष अभी साबित नहीं
अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आया है, लेकिन कानूनी तौर पर गिरफ्तारी और दोष सिद्ध होने में बड़ा अंतर होता है. फिलहाल महिला की शिकायत के आधार पर गंभीर आरोपों की जांच चल रही है और अदालत की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे डिजिटल और अन्य सबूत मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं. क्रिकेटर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी. इसलिए फिलहाल पोरेल को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा. आने वाले समय में जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है.
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