Asian Games 2026: नीरू ढांढा ने जीता ऐतिहासिक गोल्ड, 48 साल का इंतजार खत्म
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Tuesday, September 29, 2026
Updated On: Tuesday, September 29, 2026
नीरू ढांढा ने Asian Games 2026 में ट्रैप शूटिंग का ऐतिहासिक गोल्ड जीतकर नया रिकॉर्ड बना दिया. 48 साल का इंतजार खत्म हुआ. पढ़ें पूरी खबर
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Updated On: Tuesday, September 29, 2026
Asian Games 2026: कभी-कभी एक निशानेबाज का शांत दिमाग और सटीक निशाना पूरे देश के लिए गर्व का पल बन जाता है. मंगलवार को नीरू ढांढा (Neeru Dhanda) ने ठीक यही कर दिखाया. दबाव भरे फाइनल में उन्होंने न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज करा लिया. आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक जीत की पूरी कहानी.
Asian Games 2026: नीरू ढांढा ने जीता ऐतिहासिक गोल्ड, एशियन गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) में मंगलवार का दिन भारत के लिए बेहद खास रहा. भारतीय निशानेबाज नीरू ढांढा ने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने फाइनल में मिले तीस में से अट्ठाईस निशाने सटीक लगाए और एशियन गेम्स (Asian Games) का नया रिकॉर्ड बना डाला. चीन की सुन युनगोंग छब्बीस अंकों के साथ दूसरे और कुवैत की हजर अब्दुलमलिक इक्कीस अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं.
एक ही दिन में दूसरा पदक
नीरू (Neeru) के लिए यह दिन दोहरी खुशी लेकर आया. इससे पहले उसी दिन वे महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत को सिल्वर मेडल दिला चुकी थीं. यानी एक ही दिन के भीतर उन्होंने पहले टीम स्पर्धा में रजत और फिर व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया.
पचहत्तर साल में पहली बार
ट्रैप शूटिंग की बात करें तो एशियन गेम्स (Asian Games) के पचहत्तर साल के इतिहास में इससे पहले कोई भी भारतीय महिला निशानेबाज व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा का गोल्ड मेडल (Gold Medal) नहीं जीत पाई थी. नीरू ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई हैं. क्वालीफिकेशन राउंड में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था और कतर की एक निशानेबाज के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया था, दोनों का स्कोर एक सौ अठारह रहा था.
48 साल बाद लौटा गोल्ड
ट्रैप शूटिंग में भारत ने आखिरी बार किसी एकल स्पर्धा का गोल्ड मेडल (Gold Medal) सन उन्नीस सौ अठहत्तर में जीता था, जब रणधीर सिंह ने पुरुषों की एकल स्पर्धा में स्वर्ण जीता था. उसके बाद अड़तालीस साल बीत जाने के बावजूद भारत को ट्रैप शूटिंग की एकल स्पर्धा में एशियन गेम्स का गोल्ड नहीं मिला था. नीरू ने इस लंबे इंतजार को खत्म कर दिया.
साल भर से शानदार फॉर्म में हैं नीरू
साल दो हजार छब्बीस नीरू के लिए बेहद खास रहा है. इसी साल जुलाई में उन्होंने इटली में हुए शॉटगन वर्ल्ड कप के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता (Neeru Dhanda Gold Medal) था और ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनी थीं. एशियन गेम्स में मिली इस सफलता ने उनके शानदार साल पर सोने पर सुहागा जैसा काम किया है.
भारत का पांचवां गोल्ड
यह इस बार के एशियन गेम्स (Asian Games) में भारत का कुल पांचवां गोल्ड मेडल है. इससे पहले महिला क्रिकेट टीम, महिला और पुरुष कबड्डी टीम और निशानेबाजी में कमलजीत तथा सुरुचि सिंह की जोड़ी पहले ही स्वर्ण पदक जीत चुकी है. इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर सैंतालीस हो गई है, और भारत फिलहाल पदक तालिका में ग्यारहवें स्थान पर बना हुआ है.
निष्कर्ष
नीरू ढांढा (Neeru Dhanda) की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि भारतीय महिला निशानेबाजी के लिए एक नया अध्याय है. पचहत्तर साल के इंतजार को खत्म करते हुए उन्होंने साबित कर दिया कि सही समय पर सही दबाव झेलने की काबिलियत ही चैंपियन बनाती है. अब उम्मीद है कि उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी की महिला निशानेबाजों के लिए भी प्रेरणा बनेगी.
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