Hariyali Amavasya 2026: हरियाली अमावस्या व्रत कथा, पूजा विधि और धार्मिक महत्व के साथ जानें इस दिन से जुड़ी खास बातें

Authored By: Nishant Singh

Published On: Wednesday, August 12, 2026

Last Updated On: Thursday, August 13, 2026

Hariyali Amavasya 2026 व्रत कथा और पूजा विधि
Hariyali Amavasya 2026 व्रत कथा और पूजा विधि

Hariyali Amavasya 2026: हरियाली अमावस्या सावन माह का पवित्र पर्व है, जिसमें पूजा, व्रत कथा, दान और पौधरोपण का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन पीपल-तुलसी की पूजा, पितरों का तर्पण और जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा है. मान्यता है कि श्रद्धा से कथा सुनने और प्रकृति की सेवा करने से सुख-समृद्धि आती है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Thursday, August 13, 2026

Hariyali Amavasya 2026: सावन महीने की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है. बारिश के मौसम में चारों ओर हरियाली छाने के कारण इस पर्व का नाम पड़ा. धार्मिक मान्यताओं में इस दिन पूजा-पाठ, दान, पितरों का तर्पण और पौधरोपण को विशेष महत्व दिया गया है. माना जाता है कि श्रद्धा के साथ पूजा और कथा सुनने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.

इस दिन क्या करना शुभ माना जाता है?

  • सुबह स्नान करके सूर्य देव को जल अर्पित करें.
  • भगवान शिव और अन्य देवी-देवताओं की श्रद्धा से पूजा करें.
  • पीपल और तुलसी के पौधे की पूजा कर परिक्रमा करें.
  • जरूरतमंद लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार दान दें.
  • पितरों की शांति के लिए तर्पण और दान-पुण्य करें.
  • पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधा लगाएं और उसकी देखभाल का संकल्प लें.

हरियाली अमावस्या की पौराणिक कथा

लोकमान्यता से जुड़ी कथा के अनुसार एक राजा की बहू ने एक दिन छिपकर मिठाई खा ली और इसका दोष घर के चूहे पर लगा दिया. चूहा इस बात से नाराज हो गया और उसने बदला लेने की ठान ली. कुछ समय बाद जब घर में मेहमान आए तो चूहे ने बहू की साड़ी उठाकर राजा के कमरे में रख दी. सुबह साड़ी देखकर राजा को लगा कि बहू ने गलत काम किया है. उन्होंने बिना पूरी सच्चाई जाने उसे महल से बाहर निकाल दिया.

महल से दूर जाकर बहू ने पीपल के पेड़ के नीचे रहना शुरू किया. वह हर शाम दीपक जलाती, ज्वार उगाती और लोगों को गुड़धानी का प्रसाद बांटती थी. उसके मन में किसी के प्रति शिकायत नहीं थी और वह लगातार श्रद्धा के साथ पूजा करती रही. एक रात राजा के सैनिकों ने पीपल के पेड़ के नीचे रखे दीपकों को आपस में बात करते हुए सुना.

दीपक ने खोल दिया राज

सैनिकों ने जब दीपकों से इस बातचीत का कारण पूछा तो बहू के दीपक ने पूरी घटना बता दी. उसने बताया कि मिठाई बहू ने खाई थी, लेकिन साड़ी चूहे ने राजा के कमरे में रखी थी. बहू को जिस आरोप में महल से निकाला गया, वह सही नहीं था. सैनिकों ने राजा को पूरी बात बताई. सच्चाई सामने आने पर राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने बहू को सम्मान के साथ वापस महल बुला लिया. इसके बाद परिवार में फिर से खुशियां लौट आईं.

कथा से मिलने वाली सीख:

  • बिना पूरी सच्चाई जाने किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहिए.
  • कठिन समय में धैर्य और विश्वास बनाए रखना जरूरी है.
  • सत्य देर से सामने आए, लेकिन अंततः उसकी जीत होती है.
  • प्रकृति और पेड़-पौधों के प्रति सम्मान रखना चाहिए.

पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

हरियाली अमावस्या के दिन सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल चढ़ाकर पूजा की शुरुआत की जा सकती है. इसके बाद घर या मंदिर में दीपक जलाएं. पीपल और तुलसी की पूजा करके उनकी परिक्रमा करने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है. सुहागिन महिलाएं सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र की कामना से हरी चूड़ियां, सिंदूर और बिंदी का आदान-प्रदान करती हैं. भगवान को मालपुए का भोग लगाने की भी परंपरा कई क्षेत्रों में है.

हरियाली अमावस्या पर खास काम

  • पीपल पूजा: श्रद्धा के साथ पीपल की पूजा और परिक्रमा करें.
  • तुलसी पूजा: तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाएं.
  • पौधरोपण: किसी फलदार, छायादार या स्थानीय पौधे को लगाकर उसकी देखभाल करें.
  • दान-पुण्य: जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार अन्य सामग्री दें.
  • पितृ तर्पण: परिवार की परंपरा के अनुसार पितरों की शांति के लिए तर्पण करें.

प्रकृति के साथ मनाएं यह पर्व

हरियाली अमावस्या का सबसे खूबसूरत संदेश प्रकृति से जुड़ा है. इस दिन केवल पूजा करने के बजाय एक पौधा लगाना और उसे बड़ा करने की जिम्मेदारी लेना भी सार्थक पहल हो सकती है. यह पर्व आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करने का अवसर देता है. स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा-विधि अलग हो सकती है, इसलिए अपने परिवार की मान्यताओं का भी सम्मान करना चाहिए.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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