एक्सरसाइज करते समय किन लोगों को हो सकता है हार्ट अटैक का खतरा? इन सावधानियों को न करें नजरअंदाज
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, August 26, 2026
Updated On: Wednesday, August 26, 2026
Heart Attack Risk: एक्सरसाइज सेहतमंद रहने का जरूरी हिस्सा है, लेकिन अचानक बहुत ज्यादा या हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट कुछ लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है. लंबे समय से निष्क्रिय लोगों, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए. वार्म-अप करें और सीने में दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Wednesday, August 26, 2026
Heart Attack Risk: एक्सरसाइज शरीर को एक्टिव और फिट रखने का अच्छा तरीका है, लेकिन हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है. लंबे समय तक एक्सरसाइज न करने के बाद अचानक बहुत तेज दौड़ना, भारी वजन उठाना या हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू करना कुछ लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है. इसलिए वर्कआउट हमेशा अपनी क्षमता के हिसाब से शुरू करना चाहिए.
अचानक भारी एक्सरसाइज क्यों पड़ सकती है भारी?
जब शरीर लंबे समय से किसी कठिन शारीरिक गतिविधि का आदी नहीं होता और अचानक उस पर ज्यादा दबाव डाला जाता है, तो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकते हैं. खासकर भारी वजन उठाते समय गलत तकनीक या जरूरत से ज्यादा वजन परेशानी बढ़ा सकता है.
ध्यान रखने वाली बातें:
- लंबे ब्रेक के बाद सीधे हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू न करें.
- अपनी क्षमता से ज्यादा वजन उठाने से बचें.
- एक्सरसाइज के दौरान सही तकनीक का इस्तेमाल करें.
- वर्कआउट की तीव्रता धीरे-धीरे बढ़ाएं.
इन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
कुछ लोगों के लिए कठिन एक्सरसाइज शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा जरूरी हो सकता है. खासतौर पर जिन लोगों को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, उन्हें अपनी फिटनेस रूटीन को लेकर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.
इन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए:
- हृदय संबंधी समस्या वाले लोग
- हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोग
- डायबिटीज वाले लोग
- अधिक उम्र के लोग
- लंबे समय से बिल्कुल एक्सरसाइज न करने वाले लोग
शुरुआत आसान एक्सरसाइज से करें
फिटनेस की शुरुआत में शरीर को धीरे-धीरे एक्टिव करना बेहतर रहता है. तेज चाल से पैदल चलना, हल्की साइकिलिंग और सामान्य एरोबिक गतिविधियां शुरुआती विकल्प हो सकती हैं. शरीर जब इन गतिविधियों का अभ्यस्त हो जाए, तब धीरे-धीरे समय और वर्कआउट की तीव्रता बढ़ाई जा सकती है.
वार्म-अप और कूल-डाउन को न भूलें
एक्सरसाइज से पहले कुछ मिनट वार्म-अप करना शरीर को वर्कआउट के लिए तैयार करने में मदद करता है. इसी तरह एक्सरसाइज खत्म करने के बाद अचानक रुकने के बजाय कुछ समय हल्की गतिविधि और स्ट्रेचिंग करना बेहतर होता है.
वर्कआउट के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:
- शुरुआत वार्म-अप से करें.
- सही तकनीक के साथ वेट ट्रेनिंग करें.
- जरूरत से ज्यादा वजन न उठाएं.
- भारी वजन उठाते समय सांस रोकने से बचें.
- वर्कआउट के बाद कूल-डाउन जरूर करें.
शरीर के इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
व्यायाम करते समय अगर सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, चक्कर, अचानक कमजोरी, असामान्य धड़कन या बहुत ज्यादा थकान महसूस हो तो इसे सामान्य थकावट समझकर नजरअंदाज न करें.
ऐसे लक्षण दिखें तो:
- तुरंत एक्सरसाइज रोक दें.
- आराम करें और स्थिति को गंभीरता से लें.
- जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें.
फिटनेस का असली मंत्र है संतुलन
हार्ट अटैक का जोखिम किसी एक एक्सरसाइज से तय नहीं होता. उम्र, स्वास्थ्य, फिटनेस और अन्य जोखिम कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसलिए शरीर को चुनौती जरूर दें, लेकिन उसकी क्षमता से बाहर जाने की जल्दबाजी न करें. नियमित, संतुलित और अपनी स्थिति के अनुरूप वर्कआउट ही बेहतर फिटनेस की कुंजी है.
यह भी पढ़ें
news via inbox
समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।













