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World Lungs Day: इन आदतों से बढ़ रहा है फेफड़ों की बीमारी का खतरा, ऐसे रखें Lungs Health का ध्यान
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Friday, September 25, 2026
Last Updated On: Friday, September 25, 2026
World Lung Day पर जानिए किन आदतों से Lung Health प्रभावित हो सकती है और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. हर साल पच्चीस सितंबर को विश्व फेफड़ा दिवस मनाया जाता है ताकि लोगों में फेफड़ों की सेहत को लेकर जागरूकता बढ़े. सिर्फ सिगरेट ही नहीं, बल्कि हमारी कई रोजमर्रा की आदतें भी धीरे-धीरे फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रही हैं. आंकड़ों की मानें तो दुनिया भर में होने वाली हर छठी मौत की वजह फेफड़ों की बीमारी है.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Friday, September 25, 2026
World Lungs Day: फेफड़े हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में शामिल हैं, लेकिन रोजमर्रा की कई ऐसी आदतें हैं जो धीरे-धीरे Lung Health को प्रभावित कर सकती हैं. धूम्रपान, प्रदूषण, धूल और धुएं के संपर्क में रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी और खराब लाइफस्टाइल सांस से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकते हैं. World Lungs Day के मौके पर जानिए किन आदतों से फेफड़ों की सेहत पर असर पड़ सकता है और Lungs Health को बेहतर बनाए रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
कितने लोग हैं प्रभावित
आंकड़ों पर नजर डालें तो दुनिया भर में होने वाली कुल मौतों में से लगभग हर छठी मौत फेफड़ों की किसी न किसी बीमारी के कारण होती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार साल दो हजार बाईस में करीब पच्चीस लाख लोगों में फेफड़ों के कैंसर की पहचान हुई थी, जबकि लगभग अठारह लाख लोगों की इस बीमारी से मौत हो गई थी. इसके अलावा दुनिया भर में करोड़ों लोग सीओपीडी नाम की बीमारी से जूझ रहे हैं, जो मौत के सबसे बड़े कारणों में तीसरे नंबर पर मानी जाती है. बच्चों में भी अस्थमा की समस्या तेजी से बढ़ रही है और दुनिया भर के करीब चौदह प्रतिशत बच्चे इससे प्रभावित हैं. निमोनिया की बात करें तो यह आज भी पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है.
सिगरेट के अलावा भी हैं खतरे
फेफड़ों की सेहत के लिए सिगरेट सबसे बड़ा दुश्मन तो है ही, लेकिन खतरा यहीं खत्म नहीं होता. डॉक्टरों के अनुसार तंबाकू के धुएं में हजारों रसायन होते हैं, जिनमें कई कैंसर पैदा करने वाले भी होते हैं. लंबे समय तक धूम्रपान करने से फेफड़ों में सूजन आ सकती है और उनके ऊतक भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं. सबसे चिंता की बात यह है कि सिर्फ खुद सिगरेट पीने वाला ही नहीं, बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोग भी इसके धुएं से बराबर का खतरा झेलते हैं. इसे सेकेंड हैंड स्मोकिंग कहा जाता है, और यह उतना ही नुकसानदायक माना जाता है जितना खुद धूम्रपान करना.
प्रदूषण और आलस भरी जिंदगी भी बड़ा कारण
शहरों में रहने वाले लोगों के लिए वायु प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या बन चुका है. हवा में मौजूद बेहद सूक्ष्म कण न सिर्फ फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि खून के जरिए शरीर के दूसरे अंगों तक भी पहुंच सकते हैं. इसके अलावा लंबे समय तक शारीरिक रूप से सुस्त रहना भी फेफड़ों की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे कम कर सकता है. जो लोग फैक्ट्रियों या धूल-धुएं वाले माहौल में काम करते हैं, उन्हें भी अस्थमा और सीओपीडी जैसी बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है.
क्या कहते हैं डॉक्टर
विशेषज्ञों के मुताबिक फेफड़ों का नुकसान Lungs Problem) हमेशा अचानक नहीं होता. यह हमारी आदतों और आसपास के माहौल के चलते धीरे-धीरे होता रहता है, और अक्सर हमें इसका अंदाजा भी नहीं लगता. डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते इन आदतों में सुधार कर लिया जाए, तो फेफड़ों को गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है.
निष्कर्ष
फेफड़े हमारे शरीर का वह अंग हैं जो बिना रुके हमें जीवन देने का काम करते हैं, लेकिन हम अक्सर इनकी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं. सिगरेट छोड़ना जरूरी है, लेकिन सिर्फ इतना काफी नहीं है. प्रदूषण से बचाव, सक्रिय जीवनशैली और समय-समय पर जांच कराना भी उतना ही जरूरी है. अगर हम कम उम्र से ही अपने फेफड़ों का ख्याल रखना शुरू कर दें,(Lung Health Tips) तो आने वाले समय में कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है.
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