E20 पेट्रोल से घटेगा माइलेज या सिर्फ भ्रम? जानिए नई गाड़ियों और पुराने वाहनों की पूरी सच्चाई

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, February 26, 2026

Last Updated On: Thursday, February 26, 2026

E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज कम होने की सच्चाई और E20 Petrol Reduce प्रभाव की पूरी जानकारी.
E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज कम होने की सच्चाई और E20 Petrol Reduce प्रभाव की पूरी जानकारी.

E20 petrol reduce vehicle mileage : 1 अप्रैल 2026 से देशभर में E20 पेट्रोल अनिवार्य होगा. E20 में 20% इथेनॉल होने से माइलेज में 3–7% तक हल्की कमी आ सकती है. नई E20-रेडी गाड़ियों पर असर कम होगा, जबकि पुरानी गाड़ियों के लिए कंपनी की सलाह और सही मेंटेनेंस जरूरी है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Thursday, February 26, 2026

E20 Petrol Reduce Vehicle Mileage: केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सिर्फ 95 RON वाला E20 पेट्रोल ही बेचा जाए. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, इसमें अधिकतम 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाएगा, जो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के अनुसार होगा. सरकार का मकसद साफ है- तेल आयात पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और किसानों को इथेनॉल उत्पादन से सीधा फायदा पहुंचाना.

E20 पेट्रोल होता क्या है?

E20 पेट्रोल दरअसल 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल और 20 प्रतिशत इथेनॉल का मिश्रण होता है. यह इथेनॉल गन्ने या मक्का से बनाया जाता है और इसे पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत साफ ईंधन माना जाता है. इथेनॉल जलने पर कम कार्बन उत्सर्जन करता है, इसलिए सरकार इसे भविष्य का ईंधन मान रही है.

क्या सच में माइलेज कम हो जाता है?

अब आते हैं सबसे अहम सवाल पर. ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू यानी ऊर्जा क्षमता सामान्य पेट्रोल से थोड़ी कम होती है. इसका मतलब यह है कि समान मात्रा में E20 पेट्रोल से इंजन को थोड़ी कम ऊर्जा मिलती है. इसी वजह से माइलेज में करीब 3 से 7 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. हालांकि यह कमी हर गाड़ी में समान नहीं होती. नई, E20-रेडी गाड़ियों में यह फर्क बेहद मामूली होता है, जबकि पुरानी गाड़ियों में इसका असर थोड़ा ज्यादा महसूस हो सकता है.

क्या सभी गाड़ियां E20 पर चल पाएंगी?

सरकार ने वाहन कंपनियों को पहले ही E20-अनुकूल इंजन बनाने के निर्देश दे दिए थे. 2023 के बाद लॉन्च हुई ज्यादातर कारें और बाइक E20-रेडी बताई जा रही हैं. लेकिन अगर आपकी गाड़ी पुरानी है, तो सावधानी जरूरी है. लंबे समय तक E20 इस्तेमाल करने से कुछ पुराने मॉडलों में रबर पाइप, सील और फ्यूल सिस्टम के हिस्सों पर असर पड़ सकता है. इसलिए कंपनी की मैनुअल या सर्विस सेंटर से जानकारी लेना समझदारी होगी.

क्या घबराने की जरूरत है?

विशेषज्ञों की मानें तो घबराने की कोई बड़ी वजह नहीं है. अगर आपकी गाड़ी E20-रेडी है, तो माइलेज में हल्की कमी के अलावा कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा. पुरानी गाड़ियों के लिए भी विकल्प मौजूद हैं. कुछ कंपनियां कन्वर्जन किट उपलब्ध करा रही हैं. हाल ही में Royal Enfield ने भी E20-फ्यूल के लिए एक किट लॉन्च की है. सही सर्विस, समय पर मेंटेनेंस और स्मूद ड्राइविंग अपनाकर E20 के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

निष्कर्ष

E20 पेट्रोल से माइलेज में थोड़ी कमी आना सच है, लेकिन यह कोई बड़ा झटका नहीं है. नई गाड़ियों के लिए यह बदलाव लगभग बेअसर है, और पुरानी गाड़ियों के लिए सही जानकारी और तैयारी ही सबसे बड़ा समाधान है. बदलाव तय है बस उसे समझदारी से अपनाने की जरूरत है.

यह भी पढ़ें :- ChatGPT बनेगा आपका पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड, फर्जी लिंक और ऑनलाइन स्कैम से ऐसे मिलेगी पूरी सुरक्षा

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

अन्य टेक खबरें