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ईरान-इजरायल जंग तेज: 70 बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला, तेल अवीव में बजते रहे सायरन और आपातकाल घोषित
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, February 28, 2026
Last Updated On: Saturday, February 28, 2026
Iran-Israel War: ईरान और इजरायल के बीच तनाव अब खुली जंग में बदल चुका है. अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद ईरान ने 70 बैलेस्टिक मिसाइलें दागकर जोरदार पलटवार किया. तेल अवीव में सायरन गूंज रहे हैं, इमरजेंसी लागू है और दोनों देशों में तबाही के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. पूरी दुनिया की नजरें इस संघर्ष पर टिकी हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, February 28, 2026
Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट में तनाव आखिरकार खुली जंग में बदल गया है. ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से चल रही तल्ख़ी अब सीधे मिसाइल हमलों तक पहुंच चुकी है. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि दोनों देशों ने अपने-अपने नागरिकों के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिए हैं. सायरन, धमाके और आसमान में उठता धुआं इन सबने हालात को बेहद डरावना बना दिया है. दुनिया की निगाहें अब इस संघर्ष पर टिकी हैं, क्योंकि इसका असर सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहने वाला.
ईरान का पलटवार: 70 बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं
इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले के बाद ईरान ने जोरदार जवाब दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने इजरायल की ओर 70 बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं. इजरायली सेना, जिसे Israel Defense Forces (IDF) के नाम से जाना जाता है, ने पुष्टि की कि मिसाइल लॉन्च की पहचान होते ही पूरे देश में अलर्ट एक्टिवेट कर दिया गया. उत्तरी इजरायल में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम को तुरंत सक्रिय किया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा मिसाइलों को हवा में ही रोका जा सके. पूरे देश में सायरन बज उठे और लोगों को बॉम्ब शेल्टर के पास रहने की हिदायत दी गई.
तेल अवीव में सायरन, नेशनवाइड इमरजेंसी लागू
हमलों के बीच इजरायल ने नेशनवाइड इमरजेंसी और स्पेशल स्टेट ऑफ इमरजेंसी घोषित कर दी. खासतौर पर Tel Aviv में सायरनों की आवाज लगातार गूंजती रही. होम फ्रंट कमांड ने मोबाइल फोन पर सीधे अलर्ट मैसेज भेजकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए. स्कूलों को बंद कर दिया गया, गैर-जरूरी दफ्तरों पर ताले लग गए और लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई. साफ है कि इजरायल किसी भी बड़े हमले के लिए पूरी तरह तैयार रहने की कोशिश कर रहा है.
तेहरान में तबाही: संयुक्त हमला और बड़े धमाके
इससे पहले इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर बड़ा हमला किया था. राजधानी Tehran में कई जगह जोरदार धमाके हुए. डाउनटाउन और सेंट्रल इलाकों में 3 से 5 बड़े विस्फोटों की खबरें सामने आईं, जिसके बाद आसमान में घना धुआं उठता दिखाई दिया. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि हमले सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के दफ्तर और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े ठिकानों के आसपास हुए. हालांकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसी Reuters के मुताबिक उस वक्त खामेनेई अपने आवास पर मौजूद नहीं थे.
‘शील्ड ऑफ जूडा’ ऑपरेशन और 30 टारगेट
इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि ईरान में एक साथ 30 टारगेट पर हमले किए गए. इन हमलों को ‘शील्ड ऑफ जूडा’ नाम दिया गया. बताया गया कि इस ऑपरेशन की प्लानिंग महीनों से चल रही थी और इसका मकसद इजरायली होम फ्रंट के लिए खतरों को खत्म करना था, खासकर मिसाइल लॉन्चर और ड्रोन बेस को निशाना बनाना. तेहरान के अलावा इस्फ़हान, करज और करमानशाह में भी धमाकों की खबरें आईं. ईरान ने एहतियातन अपना एयरस्पेस अगली सूचना तक बंद कर दिया और देशभर में NOTAM जारी किया.
मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त, कूटनीति नाकाम
हमलों के बाद ईरान में मोबाइल नेटवर्क ठप होने की खबरें सामने आईं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई महीनों की कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद कोई समझौता नहीं हो पाया. अमेरिका पहले ही मिडिल ईस्ट में अपने एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोत तैनात कर चुका था. हालात बिगड़ते देख कतर में अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों के लिए ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ लागू कर दिया और नागरिकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी.
आगे क्या? दुनिया की सांसें थमीं
ईरान-इजरायल की यह सीधी भिड़ंत सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक असर डाल सकती है. तेल की कीमतों से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक, हर जगह अनिश्चितता बढ़ गई है. सबसे बड़ा सवाल यही है क्या यह जंग और भयानक रूप लेगी या कूटनीति एक बार फिर रास्ता निकालेगी? फिलहाल दोनों देशों में सायरन और धमाकों की आवाजें गूंज रही हैं, और पूरी दुनिया दुआ कर रही है कि यह आग जल्द शांत हो.
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