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September 2026 Festival Calendar: जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी से पितृपक्ष तक, सितंबर में कब कौन सा व्रत-त्योहार?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, August 31, 2026
Last Updated On: Monday, August 31, 2026
September 2026 Festival Calendar: सितंबर 2026 में जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज, राधा अष्टमी और अनंत चतुर्दशी जैसे बड़े त्योहार मनाए जाएंगे. महीने के अंत में पितृपक्ष शुरू होगा. इसके अलावा हल षष्ठी, बछ बारस, महालक्ष्मी व्रत और कई एकादशी-प्रदोष भी पड़ेंगे. जानिए सितंबर के सभी प्रमुख व्रत-त्योहारों की तारीखें और उनका धार्मिक महत्व.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, August 31, 2026
September 2026 Festival Calendar: सितंबर 2026 धार्मिक नजरिए से बेहद खास रहने वाला है. इस महीने भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज, राधा अष्टमी और अनंत चतुर्दशी जैसे बड़े पर्व आएंगे. वहीं महीने के आखिरी सप्ताह में पितृपक्ष की शुरुआत होगी. यानी सितंबर में पूजा-पाठ, व्रत, उत्सव और पितरों के स्मरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण अवसर एक साथ देखने को मिलेंगे.
सितंबर में कब-कौन सा व्रत और त्योहार?
सितंबर की शुरुआत से ही धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो जाएगा. पूरे महीने की प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
- 1 सितंबर 2026 – नागपंचमी (गुजरात)
- 2 सितंबर 2026 – हल षष्ठी, रांधण छठ
- 3 सितंबर 2026 – शीतला सातम
- 4 सितंबर 2026 – कृष्ण जन्माष्टमी, विंध्यवासिनी जयंती, कालाष्टमी
- 5 सितंबर 2026 – दही हांडी, गोगा नवमी, शिक्षक दिवस
- 7 सितंबर 2026 – बछ बारस द्वादशी, अजा एकादशी
- 8 सितंबर 2026 – पर्युषण पर्व की शुरुआत, भौम प्रदोष व्रत
- 9 सितंबर 2026 – मासिक शिवरात्रि
- 11 सितंबर 2026 – पोला, भाद्रपद अमावस्या
- 13 सितंबर 2026 – वराह जयंती
- 14 सितंबर 2026 – हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी, गौरी हब्बा
- 15 सितंबर 2026 – ऋषि पंचमी
- 16 सितंबर 2026 – बलराम जयंती
- 17 सितंबर 2026 – विश्वकर्मा पूजा, कन्या संक्रांति
- 18 सितंबर 2026 – दूर्वा अष्टमी
- 19 सितंबर 2026 – राधा अष्टमी, महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत
- 22 सितंबर 2026 – परिवर्तिनी एकादशी, कल्कि द्वादशी
- 23 सितंबर 2026 – वामन जयंती, भुवनेश्वरी जयंती
- 24 सितंबर 2026 – गुरु प्रदोष व्रत
- 25 सितंबर 2026 – गणेश विसर्जन, अनंत चतुर्दशी
- 26 सितंबर 2026 – पूर्णिमा श्राद्ध, भाद्रपद पूर्णिमा व्रत
- 27 सितंबर 2026 – पितृपक्ष की शुरुआत, प्रतिपदा श्राद्ध
- 28 सितंबर 2026 – द्वितीया श्राद्ध
- 29 सितंबर 2026 – तृतीया श्राद्ध, विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी
- 30 सितंबर 2026 – चतुर्थी श्राद्ध, पंचमी श्राद्ध
जन्माष्टमी से गणेश चतुर्थी तक रहेगा उत्सव का माहौल
सितंबर के पहले पखवाड़े में कई बड़े त्योहार पड़ेंगे. 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी, जिसके अगले दिन दही हांडी का उत्सव होगा. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज एक साथ पड़ने से धार्मिक माहौल और भी खास हो जाएगा. गणेश चतुर्थी के साथ कई जगहों पर गणपति स्थापना और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू होगा, जो अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ पूरा होगा.
राधा अष्टमी और महालक्ष्मी व्रत भी खास
19 सितंबर का दिन भी धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा. इस दिन राधा अष्टमी मनाई जाएगी और इसी दिन महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत होगी. भगवान श्रीकृष्ण के साथ राधा रानी की आराधना करने वाले भक्तों के लिए यह दिन विशेष माना जाता है. वहीं महालक्ष्मी व्रत में धन, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है.
27 सितंबर से शुरू होगा पितृपक्ष
महीने के अंतिम दिनों में धार्मिक उत्सवों के साथ पूर्वजों के स्मरण का समय शुरू होगा. 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध के बाद 27 सितंबर से पितृपक्ष की शुरुआत होगी. इस दिन प्रतिपदा श्राद्ध किया जाएगा. इसके बाद 28 सितंबर को द्वितीया और 29 सितंबर को तृतीया श्राद्ध रहेगा. 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध किया जाएगा. पितृपक्ष के दौरान परिवार अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य करते हैं.
संतान के लिए भी महत्वपूर्ण हैं ये व्रत
सितंबर में संतान के कल्याण से जुड़े कुछ खास अवसर भी आएंगे. 2 सितंबर को हल षष्ठी और 7 सितंबर को बछ बारस ऐसे पर्व हैं, जिनमें संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना की जाती है. हल षष्ठी का संबंध भगवान बलराम से माना जाता है, जबकि बछ बारस पर गाय और बछड़े की पूजा करने की परंपरा है.
जन्माष्टमी पर भी माता-पिता बाल गोपाल की पूजा करके अपने बच्चों के स्वास्थ्य, बुद्धि और उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना करते हैं. इस वजह से सितंबर का महीना परिवार और संतान से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण रहेगा.
सितंबर 2026 में त्योहारों की शुरुआत जहां भक्ति और उत्सव के साथ होगी, वहीं महीने का समापन पितृपक्ष के साथ श्रद्धा और आत्मचिंतन के माहौल में होगा. जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, राधा अष्टमी और अनंत चतुर्दशी जैसे पर्व इस महीने को खास बनाएंगे, जबकि पितृपक्ष पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देगा.
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