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CEC के खिलाफ विपक्ष का आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, 6 मेट्रो स्टेशन बंद, CJI ने मुलाकात से किया इनकार
Authored By: Mazhar Pathan
Published On: Monday, October 12, 2026
Last Updated On: Sunday, November 1, 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाल रहा है. सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद है. इससे पहले CJI सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से मिलने का अनुरोध ठुकरा दिया.
Authored By: Mazhar Pathan
Last Updated On: Sunday, November 1, 2026
CEC Opposition March: चुनाव आयोग (Election Commission) और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष की लड़ाई आज सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच रही है. कांग्रेस की अगुवाई में INDIA गठबंधन के नेता सोमवार को कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर रहे हैं. मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा कड़ी है और मेट्रो के कई स्टेशन बंद हैं.
कहां से कहां तक होगा मार्च
INDIA ब्लॉक के नेता आज दोपहर कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च करेंगे. मांग वही है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और SIR प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए. विपक्ष इस मामले में कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगा रहा है. संसद मार्ग पर सुरक्षाबलों का भारी जमावड़ा है और संसद भवन से सुप्रीम कोर्ट के रास्ते में कई जगह बैरिकेडिंग की गई है.
6 मेट्रो स्टेशन सुबह से शाम तक बंद
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से 6 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दी है. ये स्टेशन हैं: पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंभा रोड. ये सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेंगे. DMRC के मुताबिक इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा चालू रहेगी, यानी यात्री यहां ट्रेन बदल सकेंगे, पर बाहर नहीं निकल पाएंगे. दिल्ली पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों से मार्च वाले रास्तों पर जाने से बचने को कहा है.
CJI ने मुलाकात से किया इनकार
मार्च से पहले विपक्ष को एक झटका भी लगा. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखकर आज शाम 4 से 5 बजे के बीच मिलने का समय मांगा था. खड़गे ने कहा था कि वे कोई मांग नहीं करेंगे, बल्कि हाथ जोड़कर अपनी बात रखना चाहते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक 11 अक्टूबर को CJI कार्यालय ने ईमेल भेजकर यह अनुरोध ठुकरा दिया.
CJI ने क्या वजह बताई
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक CJI ने कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों पर बात करना चाहता है, वे पहले से अदालत में विचाराधीन हैं. साथ ही सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक स्तर पर किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर ज्ञापन नहीं ले सकता. उन्होंने सलाह दी कि अगर विपक्ष ये मुद्दे अदालत के सामने रखना चाहता है, तो उचित न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल करे. उन्होंने यह भी दोहराया कि जिनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, उनके लिए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे चौबीसों घंटे खुले हैं. एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर कांग्रेस याचिका दायर करती है, तो अदालत मंगलवार को लंबित मामलों के साथ उस पर सुनवाई कर सकती है.
अब मार्च क्यों हो रहा है
मुलाकात नहीं मिलने के बावजूद विपक्ष ने मार्च का कार्यक्रम रद्द नहीं किया है. विपक्ष का कहना है कि वह चुनाव प्रक्रिया पर अपनी चिंताएं सामने रखना चाहता है.
पिछले कुछ दिनों का घटनाक्रम
यह मार्च इसी मुद्दे पर चल रही लगातार कार्रवाइयों की अगली कड़ी है. 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च किया था, जिसे पुलिस ने नीति आयोग के पास रोक दिया. 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने कई नेताओं और समर्थकों को हिरासत में लिया था. News Mobile के मुताबिक CJP अब पुलिस से अपने प्रदर्शन की नई तारीख मांगेगी.
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