SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- ‘हम सब जानते हैं, जांच करेंगे’

Authored By: Galgotias Times Bureau

Published On: Wednesday, October 28, 2026

Last Updated On: Wednesday, October 28, 2026

SIR मामले की सुनवाई करते भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और सुप्रीम कोर्ट की पीठ
SIR मामले की सुनवाई करते भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और सुप्रीम कोर्ट की पीठ

चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर देश की शीर्षतम अदालत का रुख लगातार सख्त होता जा रहा है। एसआईआर की पूरी प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर देश भर में सरगर्मियां काफी तेज हो गई है। अदालत की टिप्पणियों पर नजर डालें तो ये बात साफ तौर पर नजर आती है कि शीर्ष अदालत मामले को लेकर संजीदा है। चुनाव आयोग भले अपनी कार्यशैली में निष्पक्ष होने का दावा करे, मगर उसके लिए भी ये मसला मुसीबत का सबब बना हुआ है। क्या कुछ कोर्ट ने कहा, जानते हैं…

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Last Updated On: Wednesday, October 28, 2026

Supreme Court SIR Case: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यह भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज से जुड़े विवाद के सभी पहलुओं की जांच करेगा। इसमें वे आरोप भी शामिल हैं, जिनके अनुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को कराने के फैसले सर्वसम्मति से नहीं लिए गए थे। गौरतलब है कि चुनाव आयोग के कामकाज पर हाल के दिनों में कई सवाल उठे हैं और उसके काम करने के तौर तरीकों को चुनौती दी गई है।

याचिकाकर्ताओं को मिला 10 दिन का समय

याचिकाओं पर सुनवाई कर रही तीन न्यायाधीशों की पीठ की अध्यक्षता करते हुए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, ‘हमें सब पता है। हम इसकी जांच करेंगे’। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को निर्वाचन आयोग के हलफनामे पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है।

अगले महीने की 17 को होगी सुनवाई

इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर के लिए तय की है। आयोग ने अपने हलफनामे में कहा है कि यह प्रक्रिया कानून के अनुरूप थी और इसे लागू करने से संबंधित आदेशों को आयोग के तीनों सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने राज्यसभा सदस्य डोला सेन की एक नई याचिका पर निर्वाचन आयोग और अन्य को नोटिस भी जारी किया। याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि शीर्ष अदालत की मंजूरी के बिना बिहार एसआइआर के दौरान ‘फार्म 6’ में बदलाव किए गए। सांसद सेन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने गलत तरीके से यह दावा किया है कि ‘फार्म 6’ में किए गए बदलावों को शीर्ष अदालत द्वारा अनुमोदित किया गया था।

हरेक मुद्दों की होगी समीक्षा

प्रधान न्यायाधीश ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि सभी मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने प्रथम याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह से कहा कि वे सोमवार देर शाम दाखिल किए गए निर्वाचन आयोग के जवाब पर 10 दिन के भीतर अपना प्रत्युत्तर दाखिल करें।

प्रमुख बिंदु
​
– अदालत ने एसआइआर को लेकर आयोग के हलफनामे पर जवाब के लिए याचिकाकर्ताओं को 10 दिन दिए
​– पीठ ने राज्यसभा सदस्य डोला सेन की एक नई याचिका पर निर्वाचन आयोग और अन्य को नोटिस भी जारी किया
​- आयोग ने अपने हलफनामे में कहा है कि यह प्रक्रिया कानून के अनुरूप थी और इसे लागू करने से संबंधित आदेशों को आयोग के तीनों सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी

Written By: Rajiv Mandal

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