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Chaitra Navratri Ashtami-Navami 2026: कब है महाअष्टमी और राम नवमी, सही तारीख जानकर दूर करें कंफ्यूजन
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, March 21, 2026
Last Updated On: Saturday, March 21, 2026
Chaitra Navratri Ashtami-Navami 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 में महाअष्टमी 26 मार्च को मनाई जाएगी, जबकि राम नवमी की तारीख को लेकर भ्रम है. नवमी तिथि 26 मार्च को होने से कई लोग उसी दिन पर्व मनाएंगे, वहीं उदया तिथि के अनुसार 27 मार्च को भी राम जन्मोत्सव मनाया जा सकता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, March 21, 2026
Chaitra Navratri Ashtami-Navami 2026: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और शुभ पर्वों में से एक मानी जाती है. इस दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं. साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है. इन नौ दिनों में वातावरण पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से भर जाता है. व्रत, पूजा और नियमों का पालन कर भक्त मां दुर्गा को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं. खास बात यह है कि नवरात्रि के अंतिम दिन यानी अष्टमी और नवमी का विशेष धार्मिक महत्व होता है, जिसे लेकर इस बार लोगों के मन में थोड़ी उलझन देखने को मिल रही है.
महाअष्टमी और राम नवमी की सही तारीख
साल 2026 में महाअष्टमी 26 मार्च, गुरुवार को मनाई जाएगी. यह दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी को समर्पित होता है. इसी दिन भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और कन्या पूजन का आयोजन भी किया जाता है.
वहीं, राम नवमी को लेकर थोड़ी कंफ्यूजन बनी हुई है. दरअसल, पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल नवमी तिथि 26 मार्च को ही पड़ रही है, इसलिए कई स्थानों पर इसी दिन राम नवमी मनाई जाएगी. लेकिन उदया तिथि के अनुसार 27 मार्च को भी राम नवमी मनाई जा सकती है. यही वजह है कि लोग सही तारीख को लेकर असमंजस में हैं.
महाअष्टमी का धार्मिक महत्व
नवरात्रि का आठवां दिन यानी महाअष्टमी बेहद फलदायी माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन मां महागौरी की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनका पूजन किया जाता है और उन्हें भोजन कराया जाता है.
मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा और सेवा से मां दुर्गा भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं. इसलिए इस दिन व्रत, पूजा और दान-पुण्य का विशेष ध्यान रखा जाता है.
राम नवमी का महत्व और मान्यता
राम नवमी का पर्व भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान राम का जन्म हुआ था. यह दिन धर्म, सत्य और मर्यादा के प्रतीक भगवान राम को समर्पित है.
इस दिन भक्त भगवान राम की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और रामायण का पाठ करते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. राम नवमी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा भी देती है.
क्यों हो रही है तिथियों को लेकर कंफ्यूजन?
दरअसल, हिंदू पंचांग में तिथियों की गणना चंद्रमा की स्थिति के आधार पर होती है. इसी वजह से कई बार तिथियां दो दिनों में पड़ जाती हैं. एक दिन तिथि का आरंभ होता है और दूसरे दिन उसका उदय काल होता है.
राम नवमी के मामले में भी यही स्थिति बनी है. जहां एक ओर नवमी तिथि 26 मार्च को है, वहीं उदया तिथि 27 मार्च को पड़ रही है. इसलिए कुछ लोग 26 मार्च को राम जन्मोत्सव मनाएंगे, जबकि कुछ 27 मार्च को इसे मनाना उचित मानेंगे.














