Lifestyle News
Ekadashi 2026: ज्येष्ठ 2026 में चार एकादशी व्रत का महासंयोग, जानें तिथियां, पारण समय और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, May 9, 2026
Last Updated On: Saturday, May 9, 2026
Ekadashi 2026: ज्येष्ठ माह 2026 में चार एकादशी व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें अपरा, पद्मिनी, परमा और निर्जला एकादशी शामिल हैं. अधिकमास के कारण इन व्रतों का महत्व और बढ़ गया है. सही तिथि और पारण समय के अनुसार व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा और पुण्य फल प्राप्त होता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, May 9, 2026
Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पवित्र माना जाता है. हर महीने दो बार आने वाली यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है और इसे रखने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है. साल 2026 का ज्येष्ठ महीना खास इसलिए बन जाता है क्योंकि इस बार एक ही महीने में चार एकादशी पड़ रही हैं. यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए भक्ति और पुण्य कमाने का बड़ा अवसर लेकर आया है, जिससे इस पूरे महीने का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है.
ज्येष्ठ माह का महत्व – Importance of Jyeshtha Month 2026
ज्येष्ठ माह 2 मई 2026 से शुरू होकर 29 जून 2026 तक चलेगा. इस दौरान 17 मई से 15 जून तक अधिकमास रहेगा, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. इस समय भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का विशेष महत्व होता है और माना जाता है कि इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्य कई गुना अधिक फल देते हैं.
- ज्येष्ठ माह: 2 मई से 29 जून 2026
- अधिकमास: 17 मई से 15 जून 2026
- कुल एकादशी: 4
अपरा एकादशी 2026 – Apara Ekadashi 2026
अपरा एकादशी को पापों से मुक्ति दिलाने वाली एकादशी माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन के कष्ट दूर होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है.
तिथि और समय – Date & Time:
व्रत तिथि: 13 मई 2026
प्रारंभ: 12 मई, दोपहर 2:52 बजे
समाप्त: 13 मई, दोपहर 1:30 बजे
पारण समय – Parana Time:
14 मई, सुबह 6:04 से 8:41 तक
पद्मिनी एकादशी 2026 – Padmini Ekadashi 2026
पद्मिनी एकादशी अधिकमास की विशेष एकादशी है, जिसका महत्व बहुत अधिक होता है. इस दिन व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है.
तिथि और समय – Date & Time:
व्रत तिथि: 27 मई 2026
प्रारंभ: 26 मई, रात 10:24 बजे
समाप्त: 27 मई, रात 12:44 बजे
पारण समय – Parana Time:
28 मई, सुबह 5:25 से 8:08 तक
परमा एकादशी 2026 – Parama Ekadashi 2026
परमा एकादशी अधिकमास के शुक्ल पक्ष में आती है और इसे अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं.
तिथि और समय – Date & Time:
व्रत तिथि: 11 जून 2026 (गुरुवार)
पारण समय – Parana Time:
12 जून 2026
निर्जला एकादशी 2026 – Nirjala Ekadashi 2026
निर्जला एकादशी साल की सबसे कठिन और महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है. इस दिन बिना जल के व्रत रखा जाता है और माना जाता है कि इससे पूरे वर्ष की एकादशियों का फल प्राप्त होता है.
तिथि और समय – Date & Time:
व्रत तिथि: 25 जून 2026
प्रारंभ: 24 जून, शाम 6:12 बजे
समाप्त: 25 जून, रात 8:09 बजे
पारण समय – Parana Time:
26 जून, सुबह 5:25 से 8:13 तक
एकादशी व्रत के नियम – Rules of Ekadashi Fast
एकादशी व्रत केवल भोजन त्यागने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा की शुद्धि का माध्यम है. इस दिन व्यक्ति को अपने विचारों और व्यवहार को भी सकारात्मक रखना चाहिए.
- भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें
- सात्विक भोजन या फलाहार लें
- नकारात्मक विचारों से दूर रहें
- पारण समय का सही पालन करें
इस तरह ज्येष्ठ 2026 में चार एकादशी का यह महासंयोग श्रद्धालुओं के लिए बेहद खास अवसर है. श्रद्धा और नियमों के साथ व्रत रखने से जीवन में सकारात्मक बदलाव और आध्यात्मिक उन्नति निश्चित रूप से प्राप्त होती है.














