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India Vs Pakistan Record: जब टी20 वर्ल्ड कप में भिड़े भारत-पाकिस्तान, 9 मैचों में 8 बार टीम इंडिया की जीत
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, February 16, 2026
Last Updated On: Monday, February 16, 2026
India Vs Pakistan Record: भारत-पाकिस्तान मुकाबले क्रिकेट के सबसे बड़े महामुकाबलों में गिने जाते हैं. टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत ने पाकिस्तान पर 8 जीत दर्ज की हैं. 2007 से शुरू हुआ यह दबदबा 2026 तक कायम रहा, जहां भारत ने कोलंबो में 61 रन से जीत दर्ज कर पाकिस्तान को उसकी सबसे बड़ी हार का स्वाद चखाया.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, February 16, 2026
India Vs Pakistan Record: भारत और पाकिस्तान का मुकाबला सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं होता, यह जज़्बात, इतिहास और करोड़ों फैंस की धड़कनों से जुड़ा हुआ होता है. जब भी टी20 वर्ल्ड कप में ये दोनों टीमें आमने-सामने आई हैं, रोमांच अपने चरम पर रहा है. लेकिन आंकड़े साफ बताते हैं कि इस मंच पर भारतीय क्रिकेट टीम ने हमेशा पाकिस्तान क्रिकेट टीम पर बढ़त बनाई है. साल 2007 से लेकर 2026 तक टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच 9 मुकाबले खेले गए, जिनमें से 8 बार भारत ने जीत का परचम लहराया. ताज़ा मुकाबले में कोलंबो में भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर यह साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में टीम इंडिया का रिकॉर्ड कितना मजबूत है.
कोलंबो 2026: पाकिस्तान की सबसे बड़ी हार
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 175 रन बनाए. भारतीय बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया. जवाब में पाकिस्तानी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 114 रनों पर सिमट गई. 61 रनों की यह हार टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भारत के खिलाफ सबसे बड़ी हार बन गई. इसी के साथ भारत ने टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ अपनी आठवीं जीत दर्ज की.
2007: जहां से शुरू हुआ भारत का दबदबा
टी20 वर्ल्ड कप 2007 में भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता ने नया मोड़ लिया. ग्रुप स्टेज में खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों ने 141-141 रन बनाए, जिसके बाद मैच का फैसला बॉल-आउट से हुआ. उस ऐतिहासिक मुकाबले में रॉबिन उथप्पा की अहम पारी के बाद भारत ने बॉल-आउट में जीत दर्ज की. यही नहीं, उसी टूर्नामेंट के फाइनल में भी दोनों टीमें आमने-सामने आईं, जहां इरफान पठान की घातक गेंदबाजी की बदौलत भारत ने 5 रन से जीत हासिल कर पहला टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया.
2012 और 2014: विराट युग की झलक
टी20 वर्ल्ड कप 2012 के सुपर-8 मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 128 रन बनाए, जिसे भारत ने आसानी से हासिल कर लिया. इस मैच में विराट कोहली ने नाबाद 78 रन बनाकर भारत को 8 विकेट से जीत दिलाई. इसके बाद 2014 टी20 वर्ल्ड कप में भी भारत का दबदबा कायम रहा. पाकिस्तान द्वारा दिए गए 130 रनों के लक्ष्य को भारत ने 7 विकेट रहते हासिल कर लिया. गेंदबाजी में अमित मिश्रा की भूमिका निर्णायक रही.
2016: दबाव में भी भारत भारी
टी20 वर्ल्ड कप 2016 का मुकाबला बारिश से प्रभावित रहा और मैच 18 ओवर का कर दिया गया. पाकिस्तान ने 118 रन बनाए, लेकिन शुरुआती झटकों के बाद विराट कोहली और युवराज सिंह ने पारी संभाली. कोहली की नाबाद 55 रनों की पारी ने भारत को 6 विकेट से जीत दिलाई. यह मैच एक बार फिर साबित कर गया कि बड़े मुकाबलों में भारत का अनुभव और संयम उसे आगे रखता है.
2021: पाकिस्तान की इकलौती जीत
टी20 वर्ल्ड कप 2021 वह साल रहा, जब पाकिस्तान ने पहली बार टी20 वर्ल्ड कप में भारत को हराया. दुबई में खेले गए इस मुकाबले में शाहीन अफरीदी की घातक गेंदबाजी और बाबर आज़म-मोहम्मद रिज़वान की नाबाद पारियों ने पाकिस्तान को 10 विकेट से जीत दिलाई. यह पाकिस्तान की भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में इकलौती जीत रही.
2022 और 2024: रोमांच अपने चरम पर
2022 टी20 वर्ल्ड कप में मेलबर्न के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए मुकाबले को आज भी फैंस याद करते हैं. विराट कोहली की नाबाद 82 रनों की ऐतिहासिक पारी ने भारत को 4 विकेट से जीत दिलाई. वहीं, 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने बेहद कम स्कोर का बचाव करते हुए पाकिस्तान को 6 रन से हराया. इस मैच में जसप्रीत बुमराह की कसी हुई गेंदबाजी ने मैच का रुख पलट दिया.
आंकड़े जो कहानी खुद बयां करते हैं
टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक 9 मुकाबले हुए हैं. इनमें से 8 में भारत ने जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान को सिर्फ एक बार सफलता मिली है. ये आंकड़े बताते हैं कि टी20 वर्ल्ड कप के मंच पर भारत का पलड़ा हमेशा भारी रहा है.
निष्कर्ष: बड़े मैच का असली बादशाह
भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा खास रहेगा, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने बार-बार साबित किया है कि वह दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करता है. 2007 से 2026 तक की यह यात्रा सिर्फ जीत की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, रणनीति और जज़्बे की कहानी है. आने वाले सालों में भी जब-जब टी20 वर्ल्ड कप में ये दोनों टीमें भिड़ेंगी, फैंस को एक बार फिर इसी रोमांच की उम्मीद रहेगी और आंकड़े कहते हैं कि भारत फिर से फेवरेट रहेगा.
















