Indian Hockey Olympic Medals List: ओलंपिक में भारतीय हॉकी का स्वर्णिम इतिहास, 8 गोल्ड समेत अब तक जीते 12 पदक
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, March 6, 2026
Updated On: Friday, March 6, 2026
Indian Hockey Olympic Medals List: ओलंपिक में भारतीय हॉकी का इतिहास बेहद शानदार रहा है. भारत ने अब तक ओलंपिक में कुल 12 पदक जीते हैं, जिनमें 8 गोल्ड, 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं. 1928 से शुरू हुआ यह सफर कई ऐतिहासिक जीतों से भरा रहा, जिसने भारत को दुनिया की महान हॉकी टीमों में शामिल किया.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Friday, March 6, 2026
Indian Hockey Olympic Medals List: भारतीय हॉकी का नाम ओलंपिक के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है. एक समय ऐसा था जब पूरी दुनिया भारतीय हॉकी टीम से खौफ खाती थी. भारत ने ओलंपिक में अब तक कुल 12 पदक जीते हैं, जिनमें 8 गोल्ड, 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. खास बात यह है कि भारत अभी भी ओलंपिक हॉकी में सबसे ज्यादा गोल्ड जीतने वाला देश है.
1928 एम्स्टर्डम ओलंपिक – पहला स्वर्ण पदक

1928 का एम्स्टर्डम ओलंपिक भारतीय हॉकी के लिए ऐतिहासिक रहा. कप्तान जयपाल सिंह मुंडा की अगुवाई में भारत ने पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लिया और आते ही गोल्ड जीत लिया. टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया. फाइनल में भारत ने नीदरलैंड्स को 3-0 से हराया और दुनिया को दिखा दिया कि हॉकी का असली बादशाह कौन है.
1932 लॉस एंजिल्स ओलंपिक – दूसरा गोल्ड

1932 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारतीय टीम का दबदबा और भी ज्यादा नजर आया. कप्तान लाल शाह बुखारी के नेतृत्व में टीम ने विरोधियों को कोई मौका नहीं दिया. भारत ने अमेरिका को 24-1 से हराकर इतिहास रच दिया, जो आज भी ओलंपिक हॉकी की सबसे बड़ी जीतों में गिना जाता है. फाइनल में जापान को हराकर भारत ने लगातार दूसरा गोल्ड जीत लिया.
1936 बर्लिन ओलंपिक – ध्यान चंद की ऐतिहासिक जीत

1936 का बर्लिन ओलंपिक भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी ध्यान चंद के नाम रहा. उनकी कप्तानी में भारत ने फाइनल में जर्मनी को 8-1 से हराकर तीसरा गोल्ड जीत लिया. यह मुकाबला दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया. ध्यान चंद के शानदार खेल की वजह से उन्हें “हॉकी का जादूगर” कहा जाने लगा.
1948 लंदन ओलंपिक – आजाद भारत का पहला गोल्ड

1948 का लंदन ओलंपिक भारत के लिए भावनात्मक जीत लेकर आया. यह पहला मौका था जब भारत एक स्वतंत्र देश के रूप में ओलंपिक खेल रहा था. कप्तान किशन लाल के नेतृत्व में टीम ने फाइनल में ग्रेट ब्रिटेन को 4-0 से हराया. यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं बल्कि आजाद भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक भी बन गई.
1952 हेलसिंकी ओलंपिक – शानदार प्रदर्शन

1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में भारतीय टीम ने अपना स्वर्णिम दौर जारी रखा. कप्तान के. डी. सिंह ‘बाबू’ की अगुवाई में टीम ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल दिखाया. फाइनल मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड्स को 6-1 से हराकर एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया और हॉकी में अपनी बादशाहत कायम रखी.
1956 मेलबर्न ओलंपिक – लगातार छठा गोल्ड

1956 के मेलबर्न ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया. कप्तान बलबीर सिंह सीनियर की कप्तानी में भारत ने पाकिस्तान को फाइनल में 1-0 से हराया. यह जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि भारत ने लगातार छठी बार ओलंपिक गोल्ड जीता था. उस दौर में भारतीय हॉकी को दुनिया की सबसे मजबूत टीम माना जाता था.
1960 रोम ओलंपिक – सिल्वर मेडल

1960 के रोम ओलंपिक में भारत का गोल्ड जीतने का सिलसिला टूट गया. कप्तान लेस्ली क्लॉडियस की कप्तानी में टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद भारत ने सिल्वर मेडल जीता और लगातार सातवें ओलंपिक में पदक हासिल करने का रिकॉर्ड भी कायम रखा.
1964 टोक्यो ओलंपिक – फिर से गोल्ड

1964 के टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम ने शानदार वापसी की. कप्तान चरणजीत सिंह की अगुवाई में भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को 1-0 से हराकर सातवां गोल्ड मेडल जीता. यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और इस जीत ने साबित कर दिया कि भारतीय हॉकी अब भी दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में शामिल है.
1968 मैक्सिको सिटी ओलंपिक – ब्रॉन्ज

1968 के मैक्सिको सिटी ओलंपिक में भारतीय टीम गोल्ड की दौड़ में नहीं पहुंच सकी, लेकिन उसने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया. कप्तान पृथीपाल सिंह की अगुवाई में टीम ने संघर्ष करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और यह साबित किया कि भारतीय हॉकी अभी भी दुनिया की टॉप टीमों में शामिल है.
1972 म्यूनिख ओलंपिक – कांस्य पदक

1972 के म्यूनिख ओलंपिक में कप्तान हरमीक सिंह के नेतृत्व में भारतीय टीम ने एक और ब्रॉन्ज मेडल जीता. टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा खेल दिखाया और तीसरे स्थान के मुकाबले में जीत हासिल की. यह पदक भारत की ओलंपिक हॉकी परंपरा को आगे बढ़ाने वाला साबित हुआ.
1980 मॉस्को ओलंपिक – आठवां गोल्ड

1980 के मॉस्को ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने आखिरी बार गोल्ड मेडल जीता. कप्तान वासुदेवन भास्करन के नेतृत्व में भारत ने फाइनल में स्पेन को 4-3 से हराया. यह जीत भारतीय हॉकी के लिए बेहद खास रही और इसी के साथ भारत के खाते में आठवां ओलंपिक गोल्ड दर्ज हो गया.
2020 टोक्यो ओलंपिक – 41 साल बाद पदक

टोक्यो ओलंपिक 2020 भारतीय हॉकी के लिए नई उम्मीद लेकर आया. करीब 41 साल बाद भारतीय टीम ने ओलंपिक में पदक जीता. कप्तान मनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारत ने जर्मनी को 5-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. इस जीत ने देशभर में हॉकी के प्रति उत्साह को फिर से जगा दिया.
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