भारत में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या 100 करोड़ के पार, ब्रॉडबैंड ग्रोथ से आई तेजी
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Thursday, September 4, 2025
Updated On: Thursday, September 4, 2025
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 तक देश में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या 100 करोड़ के पार पहुंच गई. इसमें 95.81 करोड़ वायरलेस और 4.47 करोड़ वायर्ड कनेक्शन शामिल हैं. ब्रॉडबैंड ग्रोथ 3.77% रही, जबकि नैरोबैंड यूजर्स की संख्या में गिरावट दर्ज की गई.
Authored By: Ranjan Gupta
Updated On: Thursday, September 4, 2025
India Internet Subscribers 100 Crore: भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है. ब्रॉडबैंड सेवाओं के तेजी से विस्तार के चलते 30 जून, 2025 तक देश में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या 1 अरब (100 करोड़) को पार कर गई. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि मार्च की तुलना में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या में 3.48% की बढ़ोतरी हुई है.
दरअसल, ब्रॉडबैंड ग्रोथ के कारण भारत में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या 30 जून, 2025 तक 1 अरब को पार कर 1,002.85 मिलियन हो गई, जो मार्च की तुलना में 3.48 प्रतिशत अधिक है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन 100 करोड़ से अधिक ग्राहकों में से 4.47 करोड़ के पास वायर्ड इंटरनेट कनेक्शन थे, जबकि 95.81 करोड़ के पास वायरलेस कनेक्शन थे.
नैरोबैंड यूजर्स घटे, ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स में बढ़ोतरी
ब्रॉडबैंड इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या जून तिमाही में 3.77 प्रतिशत बढ़कर 979.71 मिलियन पहुंच गई है. वहीं, नैरोबैंड यूजर्स की संख्या घटकर 23.14 मिलियन रह गई. कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या अब 1,218.36 मिलियन हो गई है, जो पिछली तिमाही की तुलना में 1.46 प्रतिशत ज्यादा है.
आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, देश में कुल दूरसंचार घनत्व 85.04 प्रतिशत से बढ़कर 86.09 प्रतिशत पर पहुंच गया है. आंकड़े बताते हैं कि शहरी इलाकों में इंटरनेट ग्राहकों की संख्या लगभग 57.94 करोड़ है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 42.33 करोड़ तक पहुंच गई है.
औसत उपयोग और एआरपीयू में बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, वायरलेस सेवाओं के लिए हर महीने औसत राजस्व प्रति ग्राहक (एआरपीयू) 186.62 रुपए दर्ज किया गया. वहीं, प्रति वायरलेस ग्राहक औसत उपयोग मिनट (एमओयू) बढ़कर हर महीने 16.76 घंटे तक पहुंच गया.
टेलीकॉम सेक्टर का कुल सकल राजस्व 96,646 करोड़ रुपए रहा. यह पिछली तिमाही से 1.63 प्रतिशत कम है, लेकिन सालाना आधार पर इसमें 12.34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. समायोजित सकल राजस्व (AGR) 81,325 करोड़ रुपए तक पहुंचा, जो पिछली तिमाही से 2.65 प्रतिशत ज्यादा है. इसमें से 83.62 प्रतिशत हिस्सेदारी एक्सेस सेवाओं की रही.
लाइसेंस और टीवी चैनलों की स्थिति
प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया है कि टेलीकॉम कंपनियों से मिलने वाला लाइसेंस शुल्क 2.63 प्रतिशत बढ़कर 6,506 करोड़ रुपए हो गया है. वहीं, पास-थ्रू शुल्क 19.45 प्रतिशत घटकर 10,457 करोड़ रुपए रह गया.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने बताया कि देश में करीब 912 निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग की अनुमति दी गई है. इनमें से 30 जून 2025 तक 333 चैनल पे टीवी श्रेणी के हैं, जबकि कुल 902 चैनल भारत में डाउनलिंकिंग के लिए उपलब्ध हैं.
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