आ गई भारत की पहली मेड इन इंडिया चिप, इसरो ने तैयार किया 32-बिट चिप ‘विक्रम’
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Tuesday, September 2, 2025
Updated On: Tuesday, September 2, 2025
भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपनी पहली स्वदेशी 32-बिट चिप ‘विक्रम’ लॉन्च की है. इसरो की सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला द्वारा विकसित यह माइक्रोप्रोसेसर स्पेस लॉन्च व्हीकल्स की कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है.
Authored By: Ranjan Gupta
Updated On: Tuesday, September 2, 2025
यह उपलब्धि न सिर्फ भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है, बल्कि आयातित चिप्स पर निर्भरता कम करने और ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनने के भारत के सपने को भी नई दिशा देती है.
अश्विनी वैष्णव ने दी इसकी जानकारी
- केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “देश के पहले ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स तैयार हो गए हैं. यह किसी भी राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण है और आज भारत ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है.”
- उन्होंने आगे कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच, मजबूत इच्छाशक्ति और निर्णायक कदमों का परिणाम है. यह चिप खास तौर पर स्पेस लॉन्च व्हीकल्स की कठिन परिस्थितियों को झेलने के लिए डिजाइन किया गया है. इससे भारत को आयातित चिप्स पर निर्भरता घटाने में बड़ी मदद मिलेगी.
भारत के सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर पर बोले केंद्रीय मंत्री
- ‘सेमीकॉन इंडिया 2025’ कार्यक्रम में वैष्णव ने भारत के सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर की तेज़ प्रगति का उल्लेख किया.
- केंद्रीय मंत्री ने कहा, “कुछ साल पहले हमने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से भारत सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया था. महज 3.5 साल में ही हालात बदल गए हैं और पूरी दुनिया अब भरोसे के साथ भारत की तरफ देख रही है.”
- उन्होंने यह भी बताया कि इस समय देश में पांच सेमीकंडक्टर यूनिट्स का निर्माण तेजी से चल रहा है. इसी क्रम में प्रधानमंत्री को पहली बार ‘मेड इन इंडिया’ चिप सौंपा गया है.
10 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की मंजूरी
सेमिकॉन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को नई रफ्तार मिली है. सरकार अब तक हाई-वॉल्यूम फैब्रिकेशन यूनिट्स (फैब्स), 3डी हेटेरोजेनस पैकेजिंग, कंपाउंड सेमीकंडक्टर और आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग (ओएसएटी) जैसे क्षेत्रों में 10 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है.
इसके साथ ही, डिजाइन केंद्रित योजनाओं के जरिए 280 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों और 72 स्टार्टअप्स को एडवांस्ड टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं. वहीं, डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) स्कीम के तहत 23 स्टार्टअप्स को हरी झंडी दी गई है.
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