मिलिए भारत के सबसे युवा अरबपति Perplexity AI के फाउंडर Aravind Srinivas से, जानें वे कैसे पहुंचे यहां तक

Authored By: संतोष आनंद

Published On: Saturday, October 4, 2025

Updated On: Saturday, October 4, 2025

Aravind Srinivas

अरविंद श्रीनिवास की कहानी यह साबित करती है कि अगर आपके पास नई सोच, मेहनत और टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल हो, तो सफलता किसी भी उम्र में पाई जा सकती है। मात्र 31 साल की उम्र में अरबपति बनकर उन्होंने युवाओं के लिए प्रेरणा का नया उदाहरण पेश किया है।

Authored By: संतोष आनंद

Updated On: Saturday, October 4, 2025

भारत ने हाल के वर्षों में कई ऐसे युवा उद्यमियों को देखा है, जिन्होंने नई सोच और टेक्नोलॉजी के दम पर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इन्हीं में से एक हैं अरविंद श्रीनिवास (Aravind Srinivas), जो 31 साल की उम्र में ही भारत के सबसे युवा अरबपति बन गए हैं। उन्हें यह उपाधि M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में दी गई है। अरविंद की कुल संपत्ति इस समय ₹21,190 करोड़ आंकी गई है और यह उपलब्धि उन्होंने अपनी कंपनी Perplexity AI की सफलता के दम पर हासिल की है।

अरबपति बनने तक का सफर

अरविंद श्रीनिवास का नाम 2025 की हुरुन इंडिया रिच लिस्ट में शामिल किया गया, जहां वे सबसे कम उम्र के अरबपति के रूप में सामने आए हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि आज की तारीख में भारत में 358 अरबपति हैं और 1,687 ऐसे लोग हैं जिनकी संपत्ति ₹1,000 करोड़ से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर हफ्ते एक नया अरबपति बन रहा है। यही वजह है कि देश को वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।

अरविंद की संपत्ति का बड़ा हिस्सा Perplexity AI से आया है, जो एक AI-आधारित सर्च इंजन है और दुनिया भर में लाखों यूजर्स के बीच लोकप्रिय हो चुका है। 2025 तक इसके 2.2 करोड़ एक्टिव यूजर्स रिपोर्ट किए गए हैं।

शिक्षा और शुरुआती करियर

अरविंद श्रीनिवास का जन्म चेन्नई में हुआ। उनकी पढ़ाई हमेशा से शानदार रही। उन्होंने IIT मद्रास से अपनी ग्रेजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की डिग्री हासिल की।

करियर की शुरुआत अरविंद ने 2018 में की जब वे OpenAI में रिसर्च इंटर्न बने। इसके बाद उन्होंने DeepMind और Google जैसी दिग्गज कंपनियों में भी काम किया। इन अनुभवों ने उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की गहरी समझ दी। 2021 में वे दोबारा OpenAI लौटे और रिसर्च साइंटिस्ट के रूप में काम करने लगे, लेकिन उनका सपना था कि वे अपना कुछ बड़ा बनाएं और इसी सोच से उन्होंने Perplexity AI की नींव रखी।

Perplexity AI क्या है?

Perplexity AI को आमतौर पर AI-आधारित सर्च इंजन कहा जाता है। यह पारंपरिक सर्च इंजनों जैसे Google से अलग है, क्योंकि यह केवल लिंक दिखाने के बजाय सीधा और सटीक जवाब देता है। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत है कि यह कॉन्टेक्स्ट-बेस्ड और पर्सनलाइज्ड आंसर देता है। इसका मतलब है कि जब भी कोई यूजर कोई सवाल करता है, तो यह केवल इंटरनेट से जानकारी नहीं खींचता, बल्कि AI की मदद से सही और उपयोगी जवाब प्रस्तुत करता है। यही वजह है कि बहुत कम समय में Perplexity AI दुनियाभर में लोकप्रिय हो गया और सीधे Google जैसे दिग्गज सर्च इंजनों को चुनौती देने लगा है।

अरबपति बनने का कारण

हालांकि अरविंद का करियर Google, DeepMind और OpenAI जैसी बड़ी कंपनियों से होकर गुजरा, लेकिन उनकी अरबपति बनने की असली वजह Perplexity AI की सफलता है। कंपनी के तेजी से बढ़ते यूजर बेस और निवेशकों के विश्वास ने उनकी संपत्ति को आसमान तक पहुंचा दिया है। आज Perplexity AI न सिर्फ एक सफल प्रोडक्ट है, बल्कि यह भारत की तकनीकी क्षमता और इनोवेशन का भी प्रतीक बन गया है।

भारत में अरबपतियों की बढ़ती संख्या

2025 की हुरुन इंडिया रिच लिस्ट यह दिखाती है कि भारत किस तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट बताती है कि बीते दो सालों में भारत के अरबपतियों ने हर दिन औसतन ₹1,991 करोड़ की संपत्ति जोड़ी है। यही नहीं, अब भारत हर हफ्ते एक नया अरबपति बना रहा है। अरविंद श्रीनिवास की सफलता इस बात का सबूत है कि भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं रहा, बल्कि इनोवेशन और नए प्रोडक्ट्स के जरिए दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

अरविंद श्रीनिवास की कहानी यह साबित करती है कि अगर आपके पास नई सोच, मेहनत और टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल हो, तो सफलता किसी भी उम्र में पाई जा सकती है। मात्र 31 साल की उम्र में अरबपति बनकर उन्होंने युवाओं के लिए प्रेरणा का नया उदाहरण पेश किया है। Perplexity AI की सफलता न केवल उन्हें अमीर बना रही है, बल्कि भारत को ग्लोबली एक नई पहचान भी दिला रही है।

तकनीकी क्षेत्र में 15 वर्षों के अनुभव के साथ, संतोष आनंद कंप्यूटर, नेटवर्किंग, और सॉफ्टवेयर जैसे विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं। नवीनतम तकनीकी प्रगतियों से हमेशा अपडेट रहते हुए, उन्होंने अपनी लेखनी से हजारों पाठकों के लिए तकनीकी समस्याओं के प्रभावी समाधान प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, मोबाइल फोन, और बॉलीवुड एवं एंटरटेनमेंट जैसे विविध विषयों पर भी लेख लिखे हैं। उनकी लेखनी तकनीकी विषयों को सरल और व्यावहारिक भाषा में प्रस्तुत करती है, जो पाठकों को आसानी से समझने और उनके उपयोग में मदद करती है।
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