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ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से खाड़ी व मध्यपूर्व के 9 देशों में मची भारी तबाही, देखें पूरी लिस्ट
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, March 2, 2026
Last Updated On: Monday, March 2, 2026
US-Israel Iran War : अमेरिका-इजरायल कार्रवाई के बाद भड़के संघर्ष में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी, जिससे खाड़ी और मध्यपूर्व के कई देशों में सैन्य ठिकाने, हवाई अड्डे और नागरिक इलाके प्रभावित हुए. कई जगह जनहानि और भारी नुकसान की खबरों से क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने इन 9 देशों में मचाई तबाही, देखें पूरी लिस्ट
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, March 2, 2026
US-Israel Iran War: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद हालात अचानक बदल गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह अली खामनेई को निशाना बनाए जाने के बाद तेहरान ने इसे खुली जंग मान लिया. इसके तुरंत बाद खाड़ी क्षेत्र में मिसाइलों और ड्रोन की बौछार शुरू हो गई. ईरान ने साफ संदेश दिया कि अब जवाब सीमित नहीं होगा. देखते ही देखते कई देशों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गए, आसमान में धमाकों की आवाजें गूंजने लगीं और नागरिक इलाकों में दहशत फैल गई. इस पूरे घटनाक्रम ने खाड़ी से लेकर मध्यपूर्व तक हालात को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है.
संयुक्त अरब अमीरात: मिसाइलों की बारिश और मलबे का कहर
संयुक्त अरब अमीरात में हमले का असर सबसे ज्यादा दिखाई दिया. रक्षा मंत्रालय के अनुसार 165 बैलिस्टिक मिसाइलें, दो क्रूज मिसाइलें और 541 ड्रोन लॉन्च किए गए. अधिकतर को वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही रोक दिया, लेकिन गिरते मलबे ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया. अबू धाबी में इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलबा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास गिरा, जिससे एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए. एतिहाद टावर्स परिसर, जहां इजरायल का दूतावास स्थित है, वहां भी नुकसान हुआ. दुबई में रिहायशी मकानों और मशहूर बुर्ज अल अरब होटल में आग लगने की खबर ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी.
ओमान: बंदरगाह और समुद्री रास्ते निशाने पर
ओमान के दुक़म बंदरगाह पर ड्रोन हमले ने क्षेत्रीय व्यापार पर असर डाला. यह बंदरगाह अमेरिकी नौसेना के लिए लॉजिस्टिक हब के तौर पर भी इस्तेमाल होता है. हमले में एक विदेशी कर्मचारी घायल हुआ. इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होरमज के आसपास तीन वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया. एक जहाज में आग लग गई और एक तेल टैंकर पर चार नाविक घायल हुए. इस घटना ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है.
कतर: एयर बेस पर बड़ा खतरा
कतर के आंतरिक मंत्रालय ने कम से कम 16 लोगों के घायल होने की पुष्टि की. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक देश में मौजूद अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाते हुए 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया. हालांकि एयर डिफेंस ने बड़ा नुकसान टाल दिया, लेकिन हमले की तीव्रता ने साफ कर दिया कि ईरान रणनीतिक ठिकानों को सीधे निशाना बना रहा है. राजधानी दोहा में कुछ इलाकों में सायरन बजते रहे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई.
बहरीन: अमेरिकी पांचवीं फ्लीट पर साया
बहरीन में अमेरिकी नौसेना की पांचवीं फ्लीट का मुख्यालय संभावित लक्ष्य बना. अधिकारियों के अनुसार 45 मिसाइलें और 9 ड्रोन को रोका गया. मना मा और मुहर्रक शहर में तीन इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि क्राउन प्लाजा होटल भी प्रभावित हुआ. राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस हमले ने साफ कर दिया कि सैन्य अड्डे ही नहीं, शहरी इलाके भी जोखिम में हैं.
कुवैत: भारी संख्या में मिसाइलें दागी गईं
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 97 बैलिस्टिक मिसाइलें और 283 ड्रोन फायर किए गए. एक व्यक्ति की मौत हुई और 30 से अधिक लोग घायल हुए. इंटरसेप्शन के दौरान गिरते शेल के टुकड़ों से कुछ इलाकों में सीमित नुकसान हुआ. मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी ड्रोन ने निशाना बनाया, जिससे नौ कर्मचारियों को चोटें आईं. यह हमला बताता है कि ईरान बड़े पैमाने पर हमले करने की क्षमता रखता है.
सऊदी अरब: राजधानी और एयर बेस पर नजर
सऊदी अरब ने पुष्टि की कि रियाद और पूर्वी क्षेत्र में आने वाली मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया गया. रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रिंस सुल्तान एयर बेस को लक्ष्य बनाया गया था. एयर डिफेंस सिस्टम की सक्रियता से बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन सऊदी नेतृत्व ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है.
जॉर्डन और इराक: सीमा पार असर
जॉर्डन ने 49 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का दावा किया. वहीं इराक में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ड्रोन ने हिट किया, जहां अमेरिकी सैन्य बेस भी मौजूद है. डियाला प्रांत में ईरान समर्थित मिलिशिया के चार सदस्य मारे गए. इन घटनाओं ने इराक की आंतरिक सुरक्षा को और जटिल बना दिया है.
इजरायल: इमारतें गिरीं, कई जानें गईं
इजरायल के बीट शेमेश शहर में हमले के बाद कई इमारतें ढह गईं. कम से कम नौ लोगों की मौत और 28 घायल होने की पुष्टि हुई. आपातकालीन सेवाएं अब भी मलबे में फंसे लोगों को तलाश रही हैं. यह हमला इस पूरे संघर्ष की सबसे दर्दनाक तस्वीरों में से एक बनकर सामने आया है.
सीरिया: दक्षिणी इलाके में तबाही
दक्षिणी सीरिया के अस स्वेदा शहर में मिसाइल हमले में चार लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए. इस घटना ने दिखा दिया कि संघर्ष की लपटें सीमाओं से परे जा चुकी हैं. पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव चरम पर है. नागरिकों के लिए यह समय सबसे कठिन साबित हो रहा है, क्योंकि मिसाइल और ड्रोन युद्ध ने आम जिंदगी को असुरक्षित बना दिया है.
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