कंबोडिया और थाईलैंड ने संघर्षविराम समझौते पर किए हस्ताक्षर, विशेष जीबीसी बैठक के बाद लिया गया फैसला

Authored By: Ranjan Gupta

Published On: Thursday, August 7, 2025

Last Updated On: Thursday, August 7, 2025

Cambodia Thailand Ceasefire Agreement पर हस्ताक्षर करते हुए कंबोडिया और थाईलैंड के प्रतिनिधि.
Cambodia Thailand Ceasefire Agreement पर हस्ताक्षर करते हुए कंबोडिया और थाईलैंड के प्रतिनिधि.

कंबोडिया और थाईलैंड ने सीमा संघर्ष को शांतिपूर्वक हल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए संघर्षविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. मलेशिया में आयोजित विशेष जीबीसी बैठक के बाद यह फैसला लिया गया. दोनों देशों ने क्षेत्रीय निगरानी, संवाद और मानवीय व्यवहार की सहमति जताई है.

Authored By: Ranjan Gupta

Last Updated On: Thursday, August 7, 2025

Cambodia Thailand Ceasefire Agreement: कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हालिया सीमा संघर्ष के तनाव को कम करने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई, जब दोनों देशों ने संघर्षविराम को औपचारिक रूप देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. मलेशिया की राजधानी में आयोजित विशेष जनरल बॉर्डर कमेटी (जीबीसी) बैठक में लिए गए इस फैसले के तहत न केवल संघर्षविराम की पुष्टि की गई, बल्कि क्षेत्रीय निगरानी तंत्र, आपसी संवाद और मानवीय कानूनों के पालन पर भी सहमति बनी. 

हालांकि, इस बीच कंबोडिया ने थाईलैंड के कुछ कानूनी दावों को “राजनीतिक रूप से प्रेरित” और “आधारहीन” करार देते हुए शांति की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

दोनों देशों ने जताई सहमति

  • कंबोडियाई पक्ष के अनुसार, दोनों देशों ने संघर्षविराम को लेकर विस्तृत चर्चा की और एक क्षेत्रीय निगरानी तंत्र स्थापित करने, आपसी विश्वास बहाली और पकड़े गए सैनिकों के साथ अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत व्यवहार करने पर सहमति जताई.
  • वहीं, थाई पक्ष ने बताया कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय तंत्र के माध्यम से संवाद बनाए रखने और विवाद सुलझाने पर सहमति जताई है. इसके अलावा, आसियान सदस्य देशों को संघर्षविराम की निगरानी की अनुमति दी जाएगी.
  • दोनों देशों ने यह भी तय किया कि अगली विशेष जीबीसी बैठक एक महीने के भीतर आयोजित की जाएगी.

ध्यान भटकाने की कोशिश की गई

6 अगस्त को कंबोडियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने थाईलैंड द्वारा कंबोडिया पर सैन्य बल और हथियारों के जरिए उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने को लेकर की गई कानूनी कार्रवाई को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया.

विदेश मंत्रालय के सचिव और प्रवक्ता चुम सौनरी ने कहा कि यह कानूनी कदम पूर्णतः आधारहीन है और थाईलैंड की कंबोडिया-विरोधी नीतियों से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ध्यान भटकाने का प्रयास है. उन्होंने कहा, “आरोप बेबुनियाद, राजनीतिक रूप से प्रेरित और किसी ठोस प्रमाण पर आधारित नहीं हैं.” सौनरी ने स्पष्ट किया कि कंबोडिया ने झड़प की शुरुआत नहीं की थी और वह शांति के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा कि लगातार उकसावे के बावजूद कंबोडिया संघर्षविराम समझौते के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. प्रवक्ता ने कहा, “कंबोडिया थाईलैंड से अपील करता है कि वह झूठे प्रचार और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को रोके और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व तथा आसियान एकता की भावना के साथ रचनात्मक संवाद में लौटे.”

28 जुलाई को हुए हस्ताक्षर 

बता दें कि 24 जुलाई को कंबोडिया और थाईलैंड के सैनिकों के बीच उनके विवादित सीमा क्षेत्र में झड़पें हुई थीं. इसके बाद 28 जुलाई को दोपहर में दोनों देशों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई, जो उसी दिन मध्यरात्रि से प्रभावी हो गया.

(आईएएनएस इनपुट के साथ)

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रंजन कुमार गुप्ता डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें डिजिटल न्यूज चैनल में तीन वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है. वे कंटेंट राइटिंग, गहन रिसर्च और SEO ऑप्टिमाइजेशन में माहिर हैं. शब्दों से असर डालना उनकी कला है और कंटेंट को गूगल पर रैंक कराना उनका जुनून! वो न केवल पाठकों के लिए उपयोगी और रोचक लेख तैयार करते हैं, बल्कि गूगल के एल्गोरिदम को भी ध्यान में रखते हुए SEO-बेस्ड कंटेंट तैयार करते हैं. रंजन का मानना है कि "हर जानकारी अगर सही रूप में दी जाए, तो वह लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है." यही सोच उन्हें हर लेख में निखरने का अवसर देती है.
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