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पुतिन की सुरक्षा कितनी अभेद्य? जानें 5 लेयर प्रोटेक्शन का पूरा प्लान
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Thursday, December 4, 2025
Last Updated On: Friday, December 5, 2025
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को भारत आ रहे हैं और इससे पहले दिल्ली को अभेद्य सुरक्षा कवच में बदल दिया गया है. पुतिन के लिए बनाई गई 5-लेयर हाईटेक सिक्योरिटी, जिसमें NSG कमांडो, स्नाइपर्स, ड्रोन, एआई निगरानी, फेस रिकॉग्निशन कैमरे और रूस की स्पेशल टीम शामिल है, यात्रा शुरू होते ही सक्रिय हो जाएगी. राजधानी में हर कदम, हर रास्ता और हर वेन्यू की मिनट-टू-मिनट सुरक्षा स्कैनिंग की जा रही है.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Friday, December 5, 2025
Putin Security 5 Layer Protection: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा जितना अहम है, उतनी ही अभूतपूर्व उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी है. 4 दिसंबर को होने वाले 23वें भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन से पहले दिल्ली को एक हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है, जहां पुतिन की सुरक्षा के लिए पांच-स्तरीय सुरक्षा कवच तैयार किया गया है. इसमें रूसी स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट, NSG कमांडो, दिल्ली पुलिस, स्नाइपर्स, ड्रोन, जैमर, एआई-आधारित सर्विलांस और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम शामिल हैं. पुतिन के प्लेन से उतरते ही यह पूरा सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो जाएगा और उनकी हर मूवमेंट पर कंट्रोल रूम से 24×7 निगरानी रखी जाएगी.
रूसी टीम पहले ही दिल्ली पहुंचकर होटल से लेकर संभावित रूट तक हर जगह की सूक्ष्म जांच कर चुकी है. पुतिन की बख्तरबंद “सीनेट” कार भी मॉस्को से दिल्ली मंगाई जा रही है, जो उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और भी हाई-ऑक्टेन बनाती है. दिल्ली में इस समय सुरक्षा इतनी कड़ी है कि राजधानी का हर इंच, हर गली, हर छत और हर परछाई पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर टिकी है. आइए जानते हैं पुतिन की इस अभेद्य सुरक्षा का पूरा प्लान क्या है?
रूसी स्पेशल टीम पहले ही दिल्ली में
रूस की स्पेशल प्रोटेक्शन टीम कुछ दिन पहले ही चुपचाप दिल्ली पहुंच चुकी है. टीम ने होटल, एयरपोर्ट और उन सभी जगहों की जांच शुरू कर दी है, जहां पुतिन का कार्यक्रम तय है. कौन सा कमरा इस्तेमाल होगा, कौन सा रास्ता सबसे सुरक्षित है, किस दरवाजे से एंट्री होगी और किससे बाहर निकलना है, सब कुछ पहले से तय कर लिया गया है. हर मिनट की मूवमेंट प्लान्ड है.
पुतिन जहां भी जाते हैं, उनके साथ एक मोबाइल केमिकल लैब भी रहती है. यह लैब उनका खाना और पानी जांचती है. यही वजह है कि वे स्थानीय खाना या पानी नहीं लेते. खाने-पीने की हर चीज रूस से आती है और कई लेयर की जांच के बाद ही उन्हें दी जाती है. पुतिन अपना पर्सनल पोर्टेबल टॉयलेट भी साथ रखते हैं, ताकि उनकी मेडिकल प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहे. यह उनकी सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का अहम हिस्सा है.
दौरे पर एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. यह कंट्रोल रूम ड्रोन की मदद से हर वक्त उनके काफिले पर नजर रखेगा. कई जगह स्नाइपर तैनात होंगे. तकनीक का इस्तेमाल भी बड़े पैमाने पर हो रहा है जैमर, एआई बेस्ड सर्विलांस सिस्टम और फेस रिकॉग्निशन कैमरे लगातार एक्टिव रहेंगे.
चप्पे-चप्पे पर नजर
सभी सुरक्षा कर्मी लगातार कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे. एनएसजी और दिल्ली पुलिस बाहरी सुरक्षा घेरा संभालेंगे. वहीं, पुतिन की कोर सिक्योरिटी उनके रूसी कमांडो के पास ही रहेगी. जब पुतिन प्रधानमंत्री मोदी से मिलेंगे, तब एसपीजी कमांडो भी सबसे अंदरूनी सुरक्षा घेरा संभालेंगे.
जिस होटल में पुतिन रुकेंगे, उसकी जांच कई दौर में की जा रही है. रूसी सुरक्षा अधिकारियों ने उन सभी स्थानों की भी जांच शुरू कर दी है, जहां पुतिन जाना चाहते हैं. एक “इमरजेंसी रूट लिस्ट” भी तैयार की गई है. किसी भी आकस्मिक स्थिति में कौन सा रास्ता इस्तेमाल होगा, सब पहले से टेस्ट किया जा चुका है.
मॉस्को से लाई जा रही है पुतिन की कार
पुतिन की सुरक्षा का सबसे खास हिस्सा उनकी कार होती है Aurus Senat. यह एक भारी बख्तरबंद लग्जरी लिमोज़ीन है. पुतिन हर अंतरराष्ट्रीय दौरे पर इसी का इस्तेमाल करते हैं. इस बार भी यह स्पेशल कार मॉस्को से दिल्ली लाई जा रही है. दिलचस्प बात यह है कि इस साल चीन में हुए एससीओ सम्मेलन में पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी इसी सीनेट में साथ बैठे थे. इसे “चलता-फिरता किला” कहा जाता है. Aurus Motors द्वारा बनाई गई यह कार 2018 में पहली बार पेश की गई थी. यह रूस की “Cortege Project” का हिस्सा है, जिसका मकसद सरकारी अधिकारियों के लिए अल्ट्रा-सेफ और लग्जरी वाहनों का निर्माण करना है. कार में कई तरह की सुरक्षा लेयर, बख्तरबंद ढांचा और उन्नत सुरक्षा तकनीक शामिल है.
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