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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर, दिया पीएम मोदी का संदेश
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Tuesday, July 15, 2025
Last Updated On: Tuesday, July 15, 2025
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति पर चर्चा की. साथ ही उन्होंने भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं और अभिवादन पहुंचाया.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Tuesday, July 15, 2025
S Jaishankar Meets Xi Jinping: भारत और चीन के बीच बीते कुछ वर्षों से चले आ रहे सीमा तनाव के बीच एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. जयशंकर ने इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से चीनी राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं. यह मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक के मौके पर हुई.
यह पहला मौका था जब जयशंकर ने सीमा पर हालिया तनाव कम होने के बाद शी जिनपिंग से सीधे बात की. यह बातचीत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक के हिस्से के रूप में हुई, जिसमें विदेश मंत्रियों ने चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात की.
एक्स पर पोस्ट कर दी जानकारी
जयशंकर ने इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज सुबह बीजिंग में अपने साथी एससीओ विदेश मंत्रियों के साथ ही राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं भी दीं. राष्ट्रपति शी को हमारे द्विपक्षीय संबंधों में हाल की प्रगति के बारे में बताया. इस संबंध में हमारे नेताओं के मार्गदर्शन को महत्व देते हैं.”
मई 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद विदेश मंत्री जयशंकर चीन की अपनी पहली यात्रा पर हैं. वे तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक (सीएफएम) में भाग लेने के लिए चीन में हैं.
चीनी अधिकारियों के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकें
विदेश मंत्री ने सोमवार को चीनी अधिकारियों के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकें कीं, ताकि भारत-चीन संबंधों में संवाद और सहयोग को बढ़ाया जा सके. उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय समिति के अंतरराष्ट्रीय विभाग के मंत्री लियू जियानचाओ से मुलाकात की और भारत-चीन के रिश्तों को सकारात्मक दिशा में बढ़ाने की आवश्यकता पर चर्चा की. इसके अलावा, उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की. वांग यी से मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने द्विपक्षीय मुद्दों को हल करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर जोर दिया.
चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी की थी मुलाकात
जयशंकर ने सोमवार को बैठक के बाद एक बयान में कहा, “यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सीमा से संबंधित मुद्दों, लोगों के बीच आदान-प्रदान को सामान्य बनाने और व्यापार में कड़े कदमों और अवरोधों से बचने पर ध्यान दें. मुझे विश्वास है कि आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता के आधार पर, हमारे संबंध सकारात्मक दिशा में विकसित हो सकते हैं.”
विदेश मंत्री ने चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात की और भारत-चीन संबंधों के और सामान्यीकरण पर जोर दिया, जिससे दोनों देशों के लिए लाभकारी परिणाम निकल सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पड़ोसियों और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच विचारों और दृष्टिकोणों का खुला आदान-प्रदान वर्तमान जटिल वैश्विक माहौल में बहुत महत्वपूर्ण है.
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर बात
भारत और चीन के बीच कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर जयशंकर ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने का स्वागत किया, जो 2020 से महामारी और सीमा तनावों के कारण निलंबित थी.
एससीओ विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में जयशंकर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है. वे इस साल के अंत में तियानजिन में आयोजित होने वाली एससीओ के 25वीं प्रमुखों की परिषद बैठक से पहले हो रही है. भारत ने 2023 में एससीओ की अध्यक्षता की थी.
शंघाई सहयोग संगठन को क्षेत्रीय सुरक्षा ब्लॉक के रूप में स्थापित किया गया था और यह एक स्थायी अंतर सरकारी संगठन है, जिसमें भारत, चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, पाकिस्तान, ईरान और बेलारूस सदस्य हैं. एससीओ का एजेंडा आतंकवाद विरोधी, सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर केंद्रित है.
भारत की एससीओ की विभिन्न बैठकों में भागीदारी हाल के महीनों में बढ़ी है, जिसमें जून में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल की चीन यात्रा भी शामिल है.
(आईएएनएस इनपुट के साथ)
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