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EU ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड को क्यों घोषित किया आतंकवादी संगठन, गार्ड के बारे में जाने सबकुछ
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Friday, January 30, 2026
Last Updated On: Friday, January 30, 2026
यूरोपियन संघ ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड को अल-कायदा, हमास और इस्लामिक स्टेट जैसे संगठनों की श्रेणी में रखा है. संघ के मंत्रियों का कहना है कि जो संगठन आतंक जैसा काम करते हैं, उनके साथ आतंकवादियों जैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए.
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Friday, January 30, 2026
यूरोपीय संघ (EU) ने 29 जनवरी को देर रात ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल करने पर सहमति जता दी है. संघ का यह फैसला ईरान में जारी देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई के बाद लिया गया है. EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने बताया कि 27 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने इस कदम को सर्वसम्मति से मंजूरी दी है.
कैलास ने कहा कि इस फैसले के तहत IRGC को अल-कायदा, हमास और इस्लामिक स्टेट जैसे संगठनों की श्रेणी में रखा जाएगा. उन्होंने कहा, ‘जो लोग आतंक के माध्यम से काम करते हैं, उनके साथ आतंकवादियों जैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए.’ हालांकि EU के भीतर इसे काफी हद तक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन इससे ईरान पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ने की संभावना है.
ईरान में विरोध प्रदर्शन और हिंसा
ईरान में विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत आर्थिक संकट, मुद्रा अवमूल्यन और बढ़ती महंगाई के खिलाफ हुई थी. समय के साथ ये प्रदर्शन सीधे तौर पर देश की धर्मतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ चुनौती में बदल गए. सरकार ने इसके जवाब में व्यापक कार्रवाई की. उसमें इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन सेवाएं बंद करना, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और बल प्रयोग शामिल हैं.
छह हजार से अधिक मौत
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी के आंकड़ें को मानें, तो हालिया हिंसा में कम से कम 6,479 लोगों की मौत हुई है. इनमें 6,092 प्रदर्शनकारी, 214 सरकारी सुरक्षा बलों के सदस्य, 118 बच्चे और 55 ऐसे नागरिक शामिल भी हैं, जो प्रदर्शनों में शामिल नहीं थे. इसी एजेंसी के मुताबिक 47,200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
वहीं ईरान की सरकार ने इन आंकड़ों को खारिज करते हुए 21 जनवरी तक मरने वालों की संख्या 3,117 बताई है. सरकार ने कई मृतकों को ‘आतंकवादी’ करार दिया है. ईरानी सरकार पर पहले भी अशांति के दौरान मौतों की संख्या कम बताने या फिर संख्या सार्वजनिक नहीं करने का आरोप लगता रहा है.
IRGC की भूमिका और पृष्ठभूमि
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की स्थापना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद शिया मौलवियों द्वारा संचालित शासन की रक्षा के लिए की गई थी. यह ईरान की नियमित सशस्त्र सेनाओं के समानांतर काम करता है. 1980 के दशक में इराक के साथ लंबे युद्ध के दौरान इसकी सैन्य और राजनीतिक भूमिका काफी बढ़ी.
बाद के वर्षों में सर्वोच्च धार्मिक एवं इस्लामिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने गार्ड को निजी उद्यमों में विस्तार की अनुमति दी. जिससे इसके तेल, निर्माण, दूरसंचार और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में बड़े कारोबारी हित विकसित हुए.
प्रदर्शनकारियों पर चलाई गोली
मानवाधिकार संगठनों और वीडियो साक्ष्यों के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड IRGC और उससे जुड़ी बसीज फोर्स ने हालिया प्रदर्शनों को दबाने में प्रमुख भूमिका निभाई है. कई वीडियो में हथियारबंद बलों को प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाते और उन्हें पीटते देखा गया है.
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने EU के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे ‘PR स्टंट’ बताते हुए कहा कि यदि नए प्रतिबंधों के कारण ऊर्जा कीमतें बढ़ती हैं तो इसका असर यूरोप पर पड़ेगा.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘कई देश इस समय हमारे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दुर्भाग्य से उनमें कोई भी यूरोपीय देश नहीं है.’
अमेरिका और कनाडा पहले ही IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं. ईरान पहले से ही अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों के व्यापक प्रतिबंधों को झेल रहा है.
EU के नए प्रतिबंध और उसका असर
IRGC को सूचीबद्ध करने के साथ ही EU ने ईरान के 15 वरिष्ठ अधिकारियों और छह संगठनों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. इनमें ईरान के गृहमंत्री और प्रॅसिक्यूटर जनरल सहित इंटरनेट और ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं. ईरान में तीन सप्ताह से इंटरनेट सेवाएं आंशिक या पूरी तरह बंद हैं.
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि इन प्रतिबंधों के तहत संबंधित व्यक्तियों और संगठनों की यूरोप में मौजूद संपत्तियां फ्रीज कर दी जाएंगी. इसके अलावा उन पर यात्रा प्रतिबंध लगाए जाएंगे.
विशेषज्ञों का कहना है कि IRGC के व्यापक कारोबारी नेटवर्क को देखते हुए यह कदम यूरोप में उसकी संपत्तियों की जब्ती का रास्ता खोल सकता है.
होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास की चेतावनी
तनाव के बीच ईरान ने अगले सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य में लाइव फायरिंग सहित सैन्य अभ्यास करने की चेतावनी जारी की है. यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत मार्ग है.
एक कट्टरपंथी ‘कीहान’ अखबार ने दावा किया कि तेहरान जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग कर इस मार्ग को बंद कर सकता है. अमेरिका ने क्षेत्र में USS अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर तैनात किए हैं. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक सैन्य कार्रवाई पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है.
डॉक्टरों को लिया गया हिरासत में
ईरानी विपक्षी नेता मीर हुसैन मौसवी ने एक बार फिर संवैधानिक जनमत संग्रह के जरिए सरकार बदलने की मांग दोहराई है. वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज करने वाले कम से कम पांच डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है. विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हिंसा और जनाक्रोश 1979 की क्रांति के बाद ईरान में सबसे गंभीर राजनीतिक संकट का संकेत दे रहा है.
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