ट्रंप को क्यों सताने लगा महाभियोग का डर? जानें, अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की क्या है पूरी प्रक्रिया?

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Published On: Wednesday, January 7, 2026

Last Updated On: Wednesday, January 7, 2026

ट्रंप को क्यों सता रहा महाभियोग का डर? जानें पूरी प्रक्रिया
ट्रंप को क्यों सता रहा महाभियोग का डर? जानें पूरी प्रक्रिया

अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनाव सिर्फ कांग्रेस की सीटों का मुकाबला नहीं हैं. यह अब ट्रंप बनाम डेमोक्रेट्स की सीधी सत्ता संघर्ष की लड़ाई बन चुके हैं. एक तरफ ट्रंप अपनी कुर्सी बचाने के लिए रिपब्लिकन पार्टी को एकजुट करने में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ डेमोक्रेट्स वेनेजुएला मुद्दे के बहाने महाभियोग की जमीन तैयार कर रहे हैं.

Authored By: गुंजन शांडिल्य

Last Updated On: Wednesday, January 7, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 2026 के मिडटर्म चुनावों से पहले सार्वजनिक तौर पर महाभियोग की आशंका जताई है. उनकी आशंका ने अमेरिकी राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. आमतौर पर आत्मविश्वास और आक्रामक बयानबाज़ी के लिए चर्चित ट्रंप का यह बयान बताता है कि व्हाइट हाउस के भीतर राजनीतिक खतरे को लेकर चिंता गहराने लगी है.

ट्रंप का साफ कहना है, ‘अगर रिपब्लिकन पार्टी मिडटर्म चुनाव हारती है, तो डेमोक्रेट्स उनके खिलाफ किसी न किसी बहाने से महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर देंगे.’ उनका यह बयान सिर्फ एक चेतावनी नहीं है, बल्कि रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक अलार्म भी है.

रिपब्लिकन रिट्रीट में ट्रंप का संदेश

वॉशिंगटन में हाउस रिपब्लिकन सांसदों के एक रिट्रीट कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि आपको मिडटर्म जीतना ही होगा, क्योंकि अगर हम हार गए, तो वे मुझे इम्पीच कर देंगे.

ट्रंप का यह बयान इस बात का संकेत है कि वे मिडटर्म चुनावों को अपने राजनीतिक अस्तित्व से जोड़कर देख रहे हैं. उनका मानना है कि कांग्रेस पर रिपब्लिकन पकड़ कमजोर हुई, तो डेमोक्रेट्स उनके सुधार एजेंडे को रोकने के साथ-साथ उन्हें सत्ता से बाहर करने की कोशिश करेंगे.

मिडटर्म चुनाव क्यों है अहम?

इसी साल होने वाले मिडटर्म चुनावों में अमेरिकी राजनीति का बड़ा दांव लगा है. आगामी मिडटर्म चुनावों में अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से एक-तिहाई सीटों पर वोटिंग होनी है.

अगर डेमोक्रेट्स हाउस में बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो उन्हें महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने का संवैधानिक अधिकार मिल जाएगा. हालांकि, इससे ट्रंप की तत्काल विदाई तय नहीं होगी, लेकिन उनका प्रशासन गंभीर राजनीतिक दबाव में आ जाएगा. ऐसे भी ट्रंप को अपने पहले कार्यकाल के दौरान दो बार महाभियोग का सामना करना पड़ा था. यदि फिर से ऐसा होता है तो उनके खिलाफ तीसरी बार महाभियोग होगा.

ऐसे कांग्रेस में बहुमत खोना ट्रंप के लिए सिर्फ राजनीतिक हार नहीं, बल्कि उनके कानूनों, नीतियों और विदेश नीति के फैसलों पर सीधी चोट होगी.

वेनेजुएला ऑपरेशन: महाभियोग की चिंगारी

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की मांगों को सबसे बड़ा बल मिला है, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद. डेमोक्रेट सांसदों का आरोप है कि ट्रंप ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई कर अमेरिकी संविधान और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया.

मैरीलैंड से डेमोक्रेट सांसद अप्रैल मैक्लेन डेलैनी ने खुलकर डेमोक्रेटिक नेताओं से अपील की कि वे ट्रंप के खिलाफ तत्काल महाभियोग की प्रक्रिया पर विचार करें. उनका कहना है कि बिना कांग्रेस की मंजूरी किसी संप्रभु देश में सैन्य हस्तक्षेप ‘इम्पीचेबल ऑफेंस’ की श्रेणी में आता है.

ट्रंप पर ‘अवैध आक्रमण और तख्तापलट’ का आरोप

कैलिफोर्निया के स्टेट सीनेटर स्कॉट वीनर ने ट्रंप की वेनेजुएला कार्रवाई को ‘अवैध आक्रमण और तख्तापलट की कोशश’ बताया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने वही तरीका अपनाया, जिसकी वजह से दुनिया भर में तानाशाहों की आलोचना होती है.

न्यूयॉर्क से डेमोक्रेट सांसद डैन गोल्डमैन ने ट्रंप पर और भी गंभीर आरोप लगाए हैं. गोल्डमैन के अनुसार, ‘ट्रंप ने ऑपरेशन के दौरान असंवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल किया. इससे अमेरिकी लोकतंत्र कमजोर हुआ और संविधान का उल्लंघन हुआ.’

तेल, ताकत और सत्ता

कांग्रेसनल कैरेबियन कॉकस की सह-अध्यक्ष और वरिष्ठ डेमोक्रेट नेता मैक्सीन वॉटर्स ने ट्रंप की मंशा पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि ट्रंप ने खुले तौर पर यह स्वीकार किया कि वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण उनकी रणनीति का हिस्सा था. वॉटर्स के मुताबिक, ‘कांग्रेस को दरकिनार कर किसी संप्रभु देश पर हमला करना राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र से बाहर है.’ यह बयान ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कानूनी जमीन को और मजबूत करता है.

अमेरिका में महाभियोग की प्रक्रिया क्या है?

अमेरिकी संविधान राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए महाभियोग की व्यवस्था देता है. महाभियोग की प्रक्रिया बेशक बेहद जटिल है. इस प्रक्रिया के तहत वहां कांग्रेस का निचला सदन प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) महाभियोग प्रस्ताव पेश करता है. इसके लिए साधारण बहुमत यानि 51 प्रतिशत वोट की जरूरत पड़ती है.

ट्रायल की अध्यक्षता

ट्रायल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस करते हैं. राष्ट्रपति अपना वकील रख सकता है. सुनवाई के बाद कांग्रेस का उच्च सदन सीनेट में अंतिम वोटिंग होती है. यदि महाभियोग के समर्थन में दो-तिहाई (67 प्रतिशत) वोट पड़ते हैं, तप राष्ट्रपति को अपना पद छोड़ना पड़ता है.

हालांकि अमेरिका में अब तक कई राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग लाया गया है लेकिन किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग के जरिए हटाया नहीं गया है.

गुंजन शांडिल्य समसामयिक मुद्दों पर गहरी समझ और पटकथा लेखन में दक्षता के साथ 10 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। पत्रकारिता की पारंपरिक और आधुनिक शैलियों के साथ कदम मिलाकर चलने में निपुण, गुंजन ने पाठकों और दर्शकों को जोड़ने और विषयों को सहजता से समझाने में उत्कृष्टता हासिल की है। वह समसामयिक मुद्दों पर न केवल स्पष्ट और गहराई से लिखते हैं, बल्कि पटकथा लेखन में भी उनकी दक्षता ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। उनकी लेखनी में विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की रोचकता का अनूठा संगम दिखाई देता है।
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