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Ramadan 2026: रमजान 2026 की शुरुआत कब होगी चांद रात और पहले रोजे की संभावित तारीख जानिए
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, February 16, 2026
Last Updated On: Monday, February 16, 2026
Ramadan 2026: रमजान मुसलमानों के लिए इबादत, सब्र और आत्मचिंतन का सबसे पाक महीना माना जाता है. इस दौरान रोजा रखकर नफ्स पर काबू पाया जाता है और अल्लाह की इबादत में ज्यादा समय दिया जाता है. चांद रात के साथ ही रमजान की शुरुआत होती है, जो रहमत और बरकत लेकर आता है. जानें किस दिन रखा जाएगा पहला रोजा….
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, February 16, 2026
Ramadan 2026: मुसलमानों के लिए रमजान सिर्फ एक महीना नहीं, बल्कि इबादत, सब्र, आत्मसंयम और खुदा के करीब आने का सबसे खास मौका होता है. इस्लामिक चंद्र कैलेंडर का नौवां महीना रमजान हर साल अपने साथ रहमत, मगफिरत और निजात की खुशखबरी लेकर आता है. जैसे-जैसे रमजान नजदीक आता है, हर मुसलमान की नजरें आसमान पर टिकी होती हैं- रमजान के चांद की एक झलक के इंतजार में. साल 2026 में भी यही सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है कि चांद रात कब होगी और पहला रोजा 19 या 20 फरवरी को रखा जाएगा.
रमजान का महत्व: सिर्फ भूखा रहना नहीं, खुद को संवारना
रमजान में रोजा रखना इस्लाम के पांच फर्जों में से एक है, लेकिन इसका मतलब केवल भूखे-प्यासे रहना नहीं होता. रोजा इंसान को अपने नफ्स यानी इच्छाओं पर काबू करना सिखाता है. यह महीना बुरी आदतों को छोड़ने, झूठ, गुस्से और गलत कामों से दूर रहने का अभ्यास कराता है. रमजान में मुसलमान ज्यादा से ज्यादा नमाज, कुरआन की तिलावत, दुआ और जरूरतमंदों की मदद करते हैं. यही वजह है कि रमजान को सब्र और आत्मशुद्धि का महीना कहा जाता है.
चांद रात की अहमियत: एक नजर और बदल जाता है महीना
रमजान की शुरुआत चांद देखने से होती है, जिसे “चांद रात” कहा जाता है. जैसे ही आसमान में रमजान का चांद नजर आता है, पूरा माहौल बदल जाता है. मस्जिदों से एलान होता है, लोग एक-दूसरे को “चांद रात मुबारक” और “रमजान मुबारक” कहकर बधाई देते हैं. घरों में सहरी और इफ्तार की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में एक अलग ही खुशी देखने को मिलती है.
रमजान 2026 में चांद रात कब होने की संभावना?
इस्लामिक परंपरा के अनुसार, सबसे पहले चांद आमतौर पर मक्का और आसपास के इलाकों में देखा जाता है. मुस्लिम धार्मिक कैलेंडर और खगोलीय गणनाओं के मुताबिक, साल 2026 में 19 फरवरी को रमजान का चांद नजर आने की प्रबल संभावना है. यदि 19 फरवरी की शाम को सऊदी अरब या मक्का में चांद दिख जाता है, तो उसी के आधार पर अन्य देशों में भी रमजान की तारीख तय की जाती है.
भारत में रमजान की शुरुआत कैसे तय होती है?
भारत में रमजान की शुरुआत स्थानीय चांद देखने या फिर सऊदी अरब में चांद दिखने की पुष्टि के बाद तय की जाती है. अगर भारत में 19 फरवरी को चांद नजर नहीं आता, लेकिन सऊदी अरब में चांद दिख जाता है, तो भारत में अगले दिन से रमजान शुरू हो जाता है. इसी प्रक्रिया के चलते कई बार अलग-अलग देशों में रमजान एक दिन आगे-पीछे शुरू होता है.
पहला रोजा 19 या 20 फरवरी: क्या है सही तारीख?
चांद रात के अगले दिन से ही रोजा रखा जाता है. मौजूदा संभावनाओं के अनुसार, अगर 19 फरवरी की शाम को चांद नजर आता है, तो रमजान का पहला रोजा 20 फरवरी 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा. हालांकि यह तारीख पूरी तरह चांद दिखने पर निर्भर करती है. आधिकारिक एलान चांद नजर आने के बाद ही किया जाएगा, इसलिए अंतिम पुष्टि का इंतजार करना जरूरी होता है.
रमजान कितने दिन चलता है और कब होगी ईद?
रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का हो सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि अगले महीने शव्वाल का चांद कब दिखाई देता है. रमजान के खत्म होते ही ईद-उल-फितर मनाई जाती है, जो खुशियों, सेवइयों और नमाज का त्योहार होता है. ईद से पहले फित्रा देना भी जरूरी माना जाता है, ताकि हर जरूरतमंद भी इस खुशी में शामिल हो सके.
रमजान 2026: एक मौका खुद को बेहतर बनाने का
रमजान 2026 हर किसी के लिए खुद को अंदर से मजबूत और बेहतर बनाने का सुनहरा मौका है. यह महीना सिखाता है कि कम में भी कैसे शुक्र किया जाए, दूसरों की तकलीफ को कैसे समझा जाए और अल्लाह से रिश्ता कैसे मजबूत किया जाए. चांद रात की एक झलक के साथ ही यह मुबारक महीना शुरू हो जाता है, जो दिलों में सुकून और जिंदगी में पाकीजगी भर देता है.
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