Iran America Nuclear Talk: जंग और शांति के बीच ईरान का बड़ा फैसला, जिनेवा में अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता और जिम्मेदारी

Authored By: Nishant Singh

Published On: Monday, February 16, 2026

Last Updated On: Monday, February 16, 2026

Iran America Nuclear Talk के तहत जिनेवा में ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता
Iran America Nuclear Talk के तहत जिनेवा में ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता

Iran America Nuclear Talk: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची जिनेवा में अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता के लिए रवाना हो गए हैं. वार्ता में ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा. ईरान शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की बात कहता है, लेकिन यूरेनियम संवर्धन पर अमेरिका सख्त है. वार्ता सफल हुई तो तनाव कम होगा, वरना क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ सकता है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Monday, February 16, 2026

Iran America Nuclear Talk: ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता एक बार फिर सुर्खियों में है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अमेरिका से मिलने के लिए रवाना हो चुके हैं. यह वार्ता एक ऐसे समय में हो रही है, जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अमेरिका ने अपने सैन्य बलों को भी तैयार रखा है. 2025 के मध्य में हुए 12 दिनों के संघर्ष के बाद यह वार्ता और भी अहम हो गई है, क्योंकि उस दौरान अमेरिका ने ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला किया था. अब सवाल यह है कि ईरान युद्ध चुनेगा या शांति?

जिनेवा में अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता

ईरानी विदेश मंत्री अरागची 15 फरवरी 2026 को तेहरान से जिनेवा के लिए रवाना हुए. यह वार्ता अप्रत्यक्ष रूप से होगी, यानी सीधे दोनों देश आमने-सामने नहीं बैठेंगे. इसके पहले वार्ता का पहला दौर 6 फरवरी को ओमान के मस्कट में हुआ था, जहां ईरान और अमेरिका ने मध्यस्थ ओमान की मौजूदगी में अपनी बातें रखीं. ईरान चाहता है कि नया परमाणु समझौता दोनों पक्षों को आर्थिक और राजनीतिक लाभ दे. इस बार की वार्ता में ईरानी टीम के साथ कई तकनीकी और कूटनीतिक अधिकारी भी शामिल होंगे.

बातचीत का मुख्य फोकस: परमाणु कार्यक्रम

ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है. लेकिन, यूरेनियम को 60% तक संवर्धित करना, हथियार-ग्रेड (90%+) से सिर्फ एक कदम दूर है. यही मुद्दा अमेरिका के लिए सबसे चिंता का विषय है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान को किसी भी स्तर पर संवर्धन की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने धमकी भी दी है कि यदि वार्ता में समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका बल प्रयोग करने से नहीं हिचकेगा. वहीं, ईरान ने भी चेतावनी दी है कि किसी हमले का जवाब वह देगा.

जिनेवा यात्रा की खासियत

अरागची जिनेवा में स्विट्जरलैंड और ओमान के विदेश मंत्रियों, IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी, और अन्य अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे. ईरान ने यूरोपीय देशों को इस वार्ता में अप्रासंगिक बताया और कहा कि अब ओमान और कतर जैसे खाड़ी देश मध्यस्थता में सक्रिय हैं. यह वार्ता दशकों पुराने विवाद को सुलझाने का एक मौका है. अगर वार्ता सफल रही, तो क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं.

इजरायल और अमेरिका के हमले का असर

जून 2024 में इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, जिसमें अमेरिका ने भी ईरानी परमाणु साइट्स को निशाना बनाया. इसके बाद बातचीत टूट गई थी. अब ट्रंप प्रशासन ने डिप्लोमेसी को प्राथमिकता दी है. अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जैरेड कुश्नर भी वार्ता में शामिल हैं. वहीं, ईरान ने हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों पर सख्त कार्रवाई की, जिससे अमेरिका ने चेतावनी दी.

खाड़ी देशों की चेतावनी और भविष्य

सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देश चेतावनी दे चुके हैं कि किसी भी हमले से क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है. ऐसे में ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता का भविष्य पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है. यदि ईरान समझौता करता है, तो शांति की उम्मीद जगी रहेगी. लेकिन अगर वार्ता विफल हुई, तो क्षेत्र में जंग का खतरा बढ़ सकता है.

यह भी पढ़ें :- बांग्लादेश चुनाव 2026: कितने हिंदू उम्मीदवार जीते, किस पार्टी पर जताया अल्पसंख्यक मतदाताओं ने भरोसा

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

अन्य खबरें

अन्य खबरें