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US Tariff विवाद: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भड़के ट्रंप, क्या अरबों डॉलर की टैरिफ वसूली लौटाएगा अमेरिका?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, February 21, 2026
Last Updated On: Saturday, February 21, 2026
US Tariff: अमेरिका में टैरिफ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ आदेश रद्द किए जाने के बाद यह सवाल बना हुआ है कि अरबों डॉलर की वसूली गई रकम लौटेगी या नहीं. ट्रंप ने फैसले पर नाराजगी जताई और 10 फीसदी नया ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया, जिससे राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, February 21, 2026
US Tariff: अमेरिका में टैरिफ को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक और कानूनी घमासान खड़ा हो गया है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ से जुड़े आदेश को रद्द किए जाने के बाद यह सवाल सबसे बड़ा बन गया है कि बीते एक साल में टैरिफ के जरिए वसूले गए अरबों डॉलर का क्या होगा. इसी मुद्दे पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने खुलकर नाराजगी जताई है और रिफंड को लेकर अनिश्चितता जाहिर की है. यह विवाद सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका की व्यापार नीति और सत्ता संतुलन पर भी असर डालता दिख रहा है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भड़के ट्रंप
अमेरिकी US Supreme Court ने जब ट्रंप प्रशासन के टैरिफ आदेशों को रद्द किया, तो उसके साथ ही एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया- क्या अब यह पैसा वापस किया जाएगा? व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान White House में ट्रंप ने कहा कि अदालत ने यह साफ नहीं किया कि टैरिफ से वसूली गई रकम का भविष्य क्या होगा. उनके मुताबिक, “हमने सैकड़ों अरब डॉलर इकट्ठा किए हैं, लेकिन अदालत ने यह बताने की जहमत नहीं उठाई कि पैसा रखा जाएगा या लौटाया जाएगा.” ट्रंप ने फैसले को “खराब” बताते हुए यहां तक कहा कि यह मामला सालों तक मुकदमेबाजी में फंसा रह सकता है.
175 अरब डॉलर का सवाल और ट्रेजरी की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले में रिफंड को लेकर कोई सीधी लाइन नहीं लिखी गई है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 175 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम रिफंड दावों के दायरे में आ सकती है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने संकेत दिए हैं कि अगर अदालत के आदेश के बाद रिफंड देना पड़ा तो ट्रेजरी विभाग इसके लिए तैयार है. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इतनी बड़ी रकम लौटाने की प्रक्रिया कानूनी और तकनीकी रूप से बेहद जटिल हो सकती है.
सेक्शन 122 के तहत 10% नया ग्लोबल टैरिफ
सुप्रीम कोर्ट से झटका लगते ही ट्रंप ने पलटवार का ऐलान कर दिया. उन्होंने संघीय कानून के सेक्शन 122 के तहत नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन करने की घोषणा की, जिसके जरिए 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा. यह मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा. ट्रंप ने साफ कहा कि “अगर हमें अदालत में पांच साल भी लग जाएं, तब भी हम पीछे नहीं हटेंगे.” इस कदम को उनकी आक्रामक व्यापार नीति का अगला अध्याय माना जा रहा है.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आगे की लड़ाई
जहां डेमोक्रेट नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया, वहीं सीनेट बैंकिंग कमेटी की वरिष्ठ डेमोक्रेट Elizabeth Warren ने चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों के लिए पहले से चुकाए गए टैरिफ की रकम वापस पाने का कोई स्पष्ट सिस्टम नहीं है. उनका मानना है कि यह फैसला कार्यपालिका और विधायिका के अधिकारों के संतुलन को भी प्रभावित करेगा. कुल मिलाकर, टैरिफ से जुड़े अरबों डॉलर का भविष्य अभी अधर में है और अमेरिका में यह बहस लंबे समय तक चलती नजर आ रही है.
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