रणबीर कपूर को राम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते: रामानंद सागर के पोते ने उठाए सवाल
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, September 9, 2026
Updated On: Wednesday, September 9, 2026
रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में चुने जाने पर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि ‘एनिमल’ जैसी पिछली भूमिकाओं की छवि के कारण उन्हें रणबीर को राम के रूप में स्वीकार करना मुश्किल लगता है, हालांकि वे अभिनेता की प्रतिभा की तारीफ करते हैं.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Wednesday, September 9, 2026
Ranbir Kapoor Ram: नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ अभी रिलीज भी नहीं हुई है, लेकिन इसकी कास्टिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है. खासकर भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर को चुने जाने पर अब रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने अपनी राय रखी है. उनका कहना है कि रणबीर बेहतरीन अभिनेता हैं, लेकिन उनकी पिछली फिल्मों की छवि के कारण उनके लिए उन्हें भगवान राम के रूप में स्वीकार करना व्यक्तिगत तौर पर आसान नहीं है.
‘एनिमल’ की छवि से क्यों जुड़ रहा सवाल?
शिव सागर के मुताबिक किसी पौराणिक किरदार के लिए अभिनेता का पिछला स्क्रीन इमेज भी काफी मायने रखता है. रणबीर कपूर ने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘एनिमल’ में रणविजय सिंह का किरदार निभाया था, जो बेहद आक्रामक और हिंसक स्वभाव का था. शिव का मानना है कि रणबीर की यही चर्चित छवि कुछ दर्शकों के लिए भगवान राम के शांत, मर्यादित और आदर्श व्यक्तित्व से जोड़ना मुश्किल बना सकती है.
नए चेहरे को लेकर क्यों है जोर?
रामानंद सागर की 1987 की ‘रामायण’ भारतीय टेलीविजन की सबसे यादगार प्रस्तुतियों में गिनी जाती है. शिव सागर का कहना है कि उनके परिवार की सोच में ऐसे किरदारों के लिए नए चेहरों को प्राथमिकता देने की वजह यही रही है कि दर्शकों के मन में अभिनेता की कोई पुरानी छवि न हो. उनके अनुसार, जब दर्शक किसी कलाकार को पहले से किसी अलग तरह की भूमिका में देख चुके होते हैं, तो पौराणिक किरदार को उसी श्रद्धा और भाव से स्वीकार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
रणबीर के अभिनय पर कोई सवाल नहीं
शिव सागर ने यह भी साफ किया कि उनकी आपत्ति रणबीर की प्रतिभा को लेकर नहीं है. उन्होंने रणबीर को अच्छा अभिनेता बताते हुए कहा कि बड़े स्टार की मौजूदगी फिल्म की मार्केटिंग और पहुंच को मजबूत कर सकती है. यानी उनकी चिंता अभिनय क्षमता से ज्यादा उस छवि को लेकर है, जो अभिनेता अपनी पिछली फिल्मों से दर्शकों के बीच बना चुका है.
यश और साई पल्लवी की कास्टिंग पसंद
रणबीर की कास्टिंग पर असहमति जताने के बावजूद शिव सागर ने फिल्म के दूसरे कलाकारों की तारीफ की. उन्होंने यश को रावण और साई पल्लवी को सीता के किरदार के लिए चुने जाने का जिक्र किया. उनका मानना है कि पौराणिक किरदारों में ऐसी कास्टिंग दर्शकों को कलाकार की पुरानी छवि से अलग होकर किरदार को देखने का मौका देती है.
असली फैसला दर्शकों के हाथ में
हालांकि शिव सागर की राय फिल्म के रिलीज से पहले सामने आई है और उन्होंने इसे अपना व्यक्तिगत नजरिया बताया है. आखिरकार रणबीर कपूर भगवान Ram के रूप में दर्शकों के दिल में जगह बना पाएंगे या नहीं, इसका जवाब फिल्म रिलीज होने के बाद ही मिलेगा. नितेश तिवारी की ‘रामायण’ दो भागों में बनाई जा रही है, जिसमें रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, रवि दुबे और सनी देओल प्रमुख भूमिकाओं में हैं. खास बात यह है कि रामानंद सागर की ‘रामायण’ में राम बने अरुण गोविल इस बार राजा दशरथ की भूमिका निभाएंगे.
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