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नेतन्याहू का गोपनीय UAE दौरा: ईरान पर क्या हुई बड़ी बातचीत?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Tuesday, September 29, 2026
Last Updated On: Tuesday, September 29, 2026
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बीते रविवार गुपचुप तरीके से यूएई का दौरा किया और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की. दो दिन बाद यूएई ने इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. जानिए इस गोपनीय यात्रा के पीछे की पूरी कहानी.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Tuesday, September 29, 2026
Netanyahu UAE Visit: मध्य पूर्व की राजनीति में कुछ मुलाकातें ऐसी होती हैं जो पर्दे के पीछे होती हैं और सामने आने में दिन लग जाते हैं. इजरायल और यूएई (Netanyahu UAE meeting) के बीच ऐसी ही एक मुलाकात हाल ही में चर्चा में आई है. दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब नेतन्याहू ने चुपचाप यूएई का दौरा किया हो. आइए समझते हैं कि यह यात्रा क्यों हुई, इसमें क्या बात हुई और यह दोनों देशों के रिश्तों के लिए क्या मायने रखती है.
यूएई ने की नेतन्याहू के ‘गोपनीय’ यूएई दौरे की पुष्टि
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Netanyahu) रविवार को अपनी पत्नी के साथ निजी विमान से यूएई( UAE Visit) पहुंचे और अबू धाबी में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की (Netanyahu secret UAE visit). इस यात्रा की जानकारी सबसे पहले इजरायल के एक टीवी चैनल ने दी थी, लेकिन दोनों में से किसी भी सरकार ने तुरंत इसकी पुष्टि नहीं की. दो दिन बाद यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी ने आधिकारिक रूप से इस मुलाकात की पुष्टि कर दी.
क्यों खास है यह मुलाकात
इस बैठक में नेतन्याहू (Netanyahu) के साथ उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख, खुफिया एजेंसी के मुखिया, सैन्य सचिव और विदेश नीति सलाहकार भी मौजूद थे. इससे साफ है कि यह कोई सामान्य शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि गंभीर रणनीतिक विषयों पर बातचीत के लिए बुलाई गई बैठक थी. इजरायली मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बातचीत का मुख्य केंद्र ईरान रहा, और दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा हुई.
पहली बार नहीं हुआ है ऐसा गोपनीय दौरा
दिलचस्प बात यह है कि यह पहला मौका नहीं है जब नेतन्याहू (Netanyahu) का यूएई (UAE) दौरा विवाद में आया हो. इसी साल मई में भी इजरायल ने दावा किया था कि नेतन्याहू ने फरवरी में यूएई की गोपनीय यात्रा की थी और इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़ी उपलब्धि बताया था. लेकिन उस समय यूएई ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था. यानी दोनों देशों के बीच ऐसी मुलाकातों को लेकर हमेशा एक तरह की गोपनीयता और असमंजस बना रहता है.
अब्राहम समझौते के बावजूद जारी है सतर्कता
गौरतलब है कि यूएई और इजरायल ने 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच औपचारिक कूटनीतिक रिश्ते कायम हुए थे. इसके बावजूद पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के आपसी संबंध कई बार तनावपूर्ण रहे हैं, खासकर गाजा युद्ध शुरू होने के बाद. यही वजह है कि नेतन्याहू की यात्राएं अक्सर सार्वजनिक होने के बजाय गुपचुप तरीके से पूरी की जाती हैं.
एक विवादित रिपोर्ट भी बनी चर्चा का विषय
इस मुलाकात के दौरान एक और मुद्दा भी चर्चा में रहा. एक इजरायली अखबार ने हाल ही में दावा किया था कि सात अक्तूबर 2023 के हमास हमले से पहले यूएई के राष्ट्रपति ने नेतन्याहू को खतरे की चेतावनी दी थी. नेतन्याहू कार्यालय पहले से ही इस रिपोर्ट को खारिज करता रहा है और इसे राजनीति से प्रेरित बता चुका है. बैठक की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के मुताबिक नेतन्याहू ने इस मुलाकात में शेख मोहम्मद से इस रिपोर्ट का सार्वजनिक रूप से खंडन करने का भी अनुरोध किया.
निष्कर्ष
फिलहाल इतना साफ है कि नेतन्याहू ने यूएई का दौरा किया और राष्ट्रपति से मुलाकात हुई, जिसे अब दोनों पक्षों ने स्वीकार भी कर लिया है. लेकिन इस मुलाकात में असल में क्या-क्या चर्चा हुई, यह अब भी पूरी तरह साफ नहीं है. इतना जरूर है कि यह यात्रा दिखाती है कि इजरायल ( Israel) और यूएई (UAE) के बीच का रिश्ता जितना दिखता है, उससे कहीं ज्यादा जटिल और संवेदनशील बना हुआ है, जिसमें ईरान जैसे मुद्दे किसी भी वक्त गोपनीय कूटनीति को मजबूर कर सकते हैं.
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