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ब्राजील में फिर लूला की वापसी, पीएम मोदी ने दी बधाई, भारत-ब्राजील रिश्तों पर क्या होगा असर?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Monday, October 26, 2026
Last Updated On: Monday, October 26, 2026
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने 25 अक्टूबर 2026 को हुए दूसरे दौर के मतदान में फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर फिर से चुनाव जीत लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 'माई डियर फ्रेंड' कहकर बधाई दी और भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Monday, October 26, 2026
PM Modi Congratulates Lula: ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है. 26 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में मोदी ने लूला को अपना प्रिय मित्र बताया और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही. ब्राजील के आधिकारिक चुनाव प्राधिकरण के मुताबिक, दूसरे दौर के मतदान में लूला को 51.79 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत वोट मिले. इस जीत के साथ लूला चौथी बार, हालांकि लगातार नहीं, ब्राजील के राष्ट्रपति पद पर पहुंचेंगे.
पीएम मोदी ने लूला को क्या संदेश दिया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में भारत और ब्राजील के रिश्तों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति लूला के साथ मिलकर दोनों देशों की बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं. मोदी ने यह भी कहा कि भारत और ब्राजील अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाते रहेंगे. दोनों देश ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण तथा टिकाऊ दुनिया बनाने के लिए काम करेंगे. ग्लोबल साउथ का मतलब उन विकासशील देशों से है, जो आर्थिक विकास, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक संस्थानों में अपनी भूमिका बढ़ाने जैसे मुद्दों पर सहयोग करते हैं. भारत और ब्राजील दोनों इस समूह के महत्वपूर्ण सदस्य हैं.
पहले दौर में पिछड़े, फिर कैसे पलटी बाजी?
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो ने लूला से ज्यादा वोट हासिल किए थे. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 4 अक्टूबर को हुए पहले दौर में फ्लावियो को 47.03 प्रतिशत और लूला को 45.16 प्रतिशत वैध वोट मिले थे. किसी उम्मीदवार को जरूरी बहुमत नहीं मिलने के कारण मुकाबला दूसरे दौर में पहुंचा.
25 अक्टूबर को हुए दूसरे दौर में लूला ने वापसी की और जीत हासिल कर ली. ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट के अनुसार, उन्हें 51.79 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि फ्लावियो को 48.21 प्रतिशत वोट मिले. इस तरह पहले दौर में पीछे रहने के बावजूद लूला ने अंतिम मुकाबला जीत लिया.
चौथी बार राष्ट्रपति बनेंगे लूला
लूला इससे पहले 2003 से 2010 तक दो कार्यकाल ब्राजील के राष्ट्रपति रह चुके हैं. इसके बाद 2023 में उन्होंने फिर राष्ट्रपति पद संभाला था. अब 2026 का चुनाव जीतकर वह चौथी बार राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. उनके नए कार्यकाल का शपथ ग्रहण 5 जनवरी 2027 को निर्धारित है. उनका राजनीतिक सफर भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा था, लेकिन बाद में उनकी सजाएं रद्द कर दी गईं. 2022 में चुनाव जीतने के बाद उन्होंने दोबारा राष्ट्रपति पद संभाला था. अब उनकी नई जीत ब्राजील की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है.
भारत-ब्राजील के रिश्तों पर क्या होगा असर?
लूला की जीत के बाद भारत और ब्राजील के बीच व्यापार, ऊर्जा, कृषि, रक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसर बने रहेंगे. दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की चिंताओं और प्राथमिकताओं को उठाने में भी साथ काम करते हैं. हालांकि, चुनावी जीत का मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच तत्काल कोई नया समझौता हो गया है. मोदी का संदेश सहयोग को आगे बढ़ाने की इच्छा दिखाता है, जबकि ठोस नीतियों और समझौतों के बारे में फैसला आगे की बातचीत पर निर्भर करेगा.
लूला के सामने घरेलू स्तर पर भी चुनौतियां रहेंगी. ब्राजील की राजनीति में गहरे मतभेद हैं और संसद में दक्षिणपंथी दलों का प्रभाव सरकार के फैसलों को लागू करने में अहम भूमिका निभा सकता है. ऐसे में नई सरकार को अपने कार्यक्रमों के लिए दूसरी पार्टियों का समर्थन जुटाना पड़ सकता है.













