भारत के न्योते पर पाकिस्तान का जवाब: SCO मंच में आएंगे या नहीं?

Authored By: Mazhar Pathan

Published On: Saturday, November 7, 2026

Last Updated On: Saturday, November 7, 2026

भारत और पाकिस्तान के झंडे, SCO बैठक में शामिल होने के पाकिस्तान के फैसले पर सबकी नजर
भारत और पाकिस्तान के झंडे, SCO बैठक में शामिल होने के पाकिस्तान के फैसले पर सबकी नजर

भारत ने 20 से 22 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाले SCO सभ्यता संवाद मंच के लिए पाकिस्तान को न्योता भेजा है। पाकिस्तान ने निमंत्रण मिलने की पुष्टि की है, पर हिस्सा लेने का फ़ैसला अभी नहीं हुआ। जानिए पूरा मामला।

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Last Updated On: Saturday, November 7, 2026

भारत ने इस महीने के आखिर में नई दिल्ली में होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए पाकिस्तान को भी न्योता भेजा है। पाकिस्तान ने निमंत्रण मिलने की पुष्टि कर दी है, लेकिन वह शामिल होगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है। दोनों देशों के रिश्ते पहले से तनाव भरे हैं, इसलिए इस निमंत्रण पर सबकी नज़र बनी हुई है।

क्या है यह कार्यक्रम?

यह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का पहला सिविलाइज़ेशनल डायलॉग फ़ोरम, यानी सभ्यता संवाद मंच है। यह 20 से 22 नवंबर तक नई दिल्ली में होगा और इसे संस्कृति मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर करा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराना किला में इसका उद्घाटन करने की उम्मीद है और 25 से ज़्यादा देशों के प्रतिनिधि इसमें जुटेंगे। इस पहल का प्रस्ताव मोदी ने सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन में हुए SCO शिखर सम्मेलन में रखा था।

किन-किन को बुलाया गया है?

विदेश मंत्रालय ने 28 अक्टूबर को बताया था कि स्थापित परंपरा के अनुसार SCO के सभी सदस्यों, डायलॉग पार्टनर्स और एक पर्यवेक्षक देश को बुलाया गया है। भारत, चीन, रूस, कज़ाख़्स्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, ईरान, उज़्बेकिस्तान, पाकिस्तान और बेलारूस इस संगठन के सदस्य हैं। कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री औरंगज़ेब ख़ान खिची को भी न्योता गया है।

पाकिस्तान ने क्या कहा?

शुक्रवार को पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर ख़ान ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफ़िंग में निमंत्रण मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कई संस्थानों से बातचीत के बाद देश का नेतृत्व इसमें हिस्सा लेने पर अंतिम फ़ैसला करेगा। यानी अभी न हां कही गई है, न ना।

यह न्योता अहम क्यों माना जा रहा है?

रिपोर्टों के मुताबिक पिछले साल मई में हुए सैन्य टकराव के बाद शायद यह पहली बार है, जब भारत ने पाकिस्तान के किसी वरिष्ठ मंत्री को अपने यहां होने वाले कार्यक्रम में बुलाया है। कुछ रिपोर्टें याद दिलाती हैं कि इससे पहले इतने वरिष्ठ पाकिस्तानी नेता मई 2023 में गोवा में हुई SCO विदेश मंत्रियों की बैठक में आए थे, जब तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी भारत पहुंचे थे।

एक रिपोर्ट में इस निमंत्रण को SCO के दायरे में उठाया गया सीमित कदम बताया गया है, क्योंकि दोनों पड़ोसी देशों के बीच बड़े राजनीतिक मतभेद अब भी बने हुए हैं।

रिश्तों में तनाव की पृष्ठभूमि

दोनों देशों के बीच तनाव 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद और बढ़ गया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसका निशाना पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ढांचा बताया गया। यह सैन्य टकराव चार दिन चला और दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बनी सहमति के बाद 10 मई को ख़त्म हो गया।

SCO में भारत का रुख़

भारत SCO के मंच पर सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा लगातार उठाता रहा है। उसका मानना है कि संगठन को बिना दोहरे मापदंड के आतंकवाद और उसे मिलने वाली फ़ंडिंग के ख़िलाफ़ एकजुट होकर काम करना चाहिए।

अब आगे क्या?

अब सबकी नज़र पाकिस्तान के फ़ैसले पर है। बैठक 20 नवंबर से शुरू होनी है, इसलिए जवाब आने में ज़्यादा वक़्त नहीं बचा है। पाकिस्तान हिस्सा लेता है या नहीं, इससे दोनों देशों के बीच मौजूदा माहौल की झलक भी मिलेगी।

About the Author: Mazhar Pathan
मैं पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। इस दौरान न्यूज़ रूम से लेकर ज़मीनी स्तर तक पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में काम करने का अनुभव हासिल किया है। ऑफिस में वीडियो एंकरिंग से लेकर फील्ड में ग्राउंड रिपोर्टिंग तक, मैंने अलग-अलग विषयों और मुद्दों पर काम किया है। सामाजिक, राजनीतिक, समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग, लेखन और वीडियो कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली का हिस्सा रहा है।
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