UP Bonus: योगी सरकार का कर्मचारियों को दिवाली तोहफा, 6908 रुपये बोनस का ऐलान; जानें किसे कितना मिलेगा पैसा

Authored By: Mazhar Pathan

Published On: Friday, November 6, 2026

Last Updated On: Friday, November 6, 2026

योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए 30 दिन का दिवाली बोनस मंजूर किया
योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए 30 दिन का दिवाली बोनस मंजूर किया

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के पात्र कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का शासनादेश जारी किया है। करीब 14.82 लाख कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकता है। अधिकतम बोनस 6,908 रुपये तय किया गया है, लेकिन इसकी 75 फीसदी रकम बचत खाते या भविष्य निधि में जमा होगी।

Authored By: Mazhar Pathan

Last Updated On: Friday, November 6, 2026

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ी राहत दी है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का फैसला किया है। इस संबंध में वित्त विभाग ने 5 नवंबर 2026 को शासनादेश जारी कर दिया। सरकार के इस फैसले से करीब 14.82 लाख अराजपत्रित कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, इस बोनस की एक खास बात है। कर्मचारियों को मिलने वाली पूरी रकम नकद नहीं दी जाएगी। सरकार ने भुगतान के लिए ऐसा फॉर्मूला तय किया है, जिसके तहत बोनस का 25 फीसदी हिस्सा नकद मिलेगा, जबकि 75 फीसदी रकम भविष्य निधि या निर्धारित बचत माध्यम में जमा की जाएगी।

अधिकतम 6,908 रुपये मिलेगा बोनस

शासनादेश के मुताबिक, पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के आधार पर तदर्थ बोनस दिया जाएगा। इसकी गणना के लिए सरकार ने अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपये तय की है।

इसी आधार पर 30 दिन के बोनस की अधिकतम रकम 6,908 रुपये बनती है। इसका मतलब है कि अधिकतम पात्रता वाले कर्मचारी को इससे ज्यादा बोनस नहीं मिलेगा। हालांकि, हर कर्मचारी को एक समान रकम मिलना जरूरी नहीं है। वास्तविक भुगतान की गणना 31 मार्च 2026 को लागू परिलब्धियों के आधार पर होगी।

हाथ में आएंगे सिर्फ 25 फीसदी रुपये

बोनस की रकम को लेकर कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात इसका भुगतान फॉर्मूला है। सरकार के नियम के मुताबिक, कुल बोनस का 25 फीसदी हिस्सा नकद दिया जाएगा और बाकी 75 फीसदी कर्मचारी के जीपीएफ खाते में जमा होगा।

अगर किसी कर्मचारी को अधिकतम 6,908 रुपये बोनस मिलता है, तो उसे करीब 1,727 रुपये नकद मिलेंगे। बाकी करीब 5,181 रुपये जीपीएफ में जमा होंगे।

जो कर्मचारी भविष्य निधि यानी जीपीएफ के सदस्य नहीं हैं, उनके लिए बचत वाले हिस्से को नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) के माध्यम से देने का प्रावधान है। इस तरह सरकार ने तत्काल नकद भुगतान के साथ कर्मचारियों की बचत को भी ध्यान में रखा है।

यूपी में दिवाली बोनस: किसे मिलेगा, कितना मिलेगा और कब तक?

योगी सरकार के बोनस वाले फैसले को लेकर आम धारणा यही है कि इसका फायदा बस सचिवालय या सरकारी दफ्तरों के बाबुओं को मिलेगा। शासनादेश पढ़ें तो तस्वीर इससे काफी बड़ी निकलती है।

पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारी तो इसमें हैं ही, साथ में सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों और प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के कर्मचारी, स्थानीय निकायों व जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारी और सरकारी विभागों के कार्यभारित कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं।

पात्रता की सीमा

वेतन मैट्रिक्स में लेवल-8 तक के पदों पर काम कर रहे अराजपत्रित कर्मचारी बोनस के हकदार होंगे। पुराने वेतनमान की बात करें तो यह सीमा 4,800 रुपये ग्रेड पे पर तय है। एसीपी के बाद किसी को इससे ऊंचा वेतन स्तर मिल गया है, तब भी वह शर्तें पूरी करता है तो बोनस ले सकता है।

एक साल की सेवा जरूरी

यहां एक शर्त पर नजर रखना जरूरी है। कर्मचारी को 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक साल की लगातार सेवा पूरी करनी होगी। यानी सिर्फ सरकारी नौकरी में होना काफी नहीं है। पद, सेवा अवधि और शासनादेश की बाकी शर्तें भी परखी जाएंगी।

रिटायर होने वालों के लिए अलग इंतजाम

जो कर्मचारी 31 मार्च 2026 के बाद रिटायर हो चुके हैं, या 30 अप्रैल 2027 तक रिटायर होने वाले हैं, उनके लिए नियम थोड़ा अलग है। इन्हें पूरी पात्र रकम नकद मिलेगी। बाकी कर्मचारियों पर लागू होने वाला 25 फीसदी नकद और 75 फीसदी बचत का फॉर्मूला इन पर नहीं चलेगा।

दैनिक वेतनभोगी भी दायरे में

दैनिक वेतन पर काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को भी सरकार ने इस फैसले से जोड़ा है, हालांकि उनके लिए गणना और पात्रता की शर्तें अलग रखी गई हैं। उनके मामले में अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 1,200 रुपये है, जिसके आधार पर 30 दिन के बोनस की ऊपरी सीमा 1,184 रुपये बनती है। इसका लाभ वही ले पाएंगे जो काम के दिनों और निरंतर सेवा की तय शर्तें पूरी करते हैं।

किनका बोनस अटक सकता है

जिन कर्मचारियों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मामला चल रहा है, उनके लिए भी नियम साफ हैं। अगर वित्तीय वर्ष 2025-26 में किसी को विभागीय कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में सजा मिल चुकी है, तो इस साल का बोनस उसे नहीं मिलेगा। जिनके खिलाफ जांच या मुकदमा अभी लंबित है, उनका बोनस अंतिम फैसला आने तक रोका जा सकता है। बाद में अगर वे दोषमुक्त साबित होते हैं, तो रोकी गई रकम का भुगतान नियमानुसार कर दिया जाएगा।

14.82 लाख कर्मचारियों को उम्मीद

सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से प्रदेश के करीब 14.82 लाख अराजपत्रित कर्मचारियों को फायदा होगा। दिवाली से ठीक पहले हुए इस ऐलान से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत की उम्मीद जरूर बंधी है। लेकिन एक पेंच भी है। अधिकतम 6,908 रुपये के बोनस का बड़ा हिस्सा बचत के रूप में जमा होगा, इसलिए हाथ में तुरंत आने वाली नकदी सीमित ही रहेगी।

अब सबकी निगाह असली भुगतान पर टिकी है। पात्रता और भुगतान का फॉर्मूला तो शासनादेश में साफ कर दिया गया है, पर पैसा किस तारीख तक खाते में आएगा, यह संबंधित विभागों के भुगतान संबंधी निर्देश आने के बाद ही पता चलेगा।

About the Author: Mazhar Pathan
मैं पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। इस दौरान न्यूज़ रूम से लेकर ज़मीनी स्तर तक पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में काम करने का अनुभव हासिल किया है। ऑफिस में वीडियो एंकरिंग से लेकर फील्ड में ग्राउंड रिपोर्टिंग तक, मैंने अलग-अलग विषयों और मुद्दों पर काम किया है। सामाजिक, राजनीतिक, समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग, लेखन और वीडियो कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली का हिस्सा रहा है।
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