About Author: गुंजन शांडिल्य समसामयिक मुद्दों पर गहरी समझ और पटकथा लेखन में दक्षता के साथ 10 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। पत्रकारिता की पारंपरिक और आधुनिक शैलियों के साथ कदम मिलाकर चलने में निपुण, गुंजन ने पाठकों और दर्शकों को जोड़ने और विषयों को सहजता से समझाने में उत्कृष्टता हासिल की है। वह समसामयिक मुद्दों पर न केवल स्पष्ट और गहराई से लिखते हैं, बल्कि पटकथा लेखन में भी उनकी दक्षता ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। उनकी लेखनी में विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की रोचकता का अनूठा संगम दिखाई देता है।
Posts By: गुंजन शांडिल्य
अखबार आसाही सर्वे के संकेत साफ हैं कि प्रधानमंत्री ताकाइची की पार्टी बड़ी जीत के करीब है. लेकिन इस जीत से वह जितनी राजनीतिक रूप से मजबूत होगी, उतनी ही आर्थिक चुनौतियां भी साथ लाएगी. विशेषज्ञ भी कह रहे हैं कि यही चुनाव का असली दांव है- लोकप्रियता बनाम वित्तीय अनुशासन.
अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 जनवरी को देर रात एपस्टीन फाइल्स से जुड़े लाखों दस्तावेज जारी किए. अमेरिकी न्याय विभाग की यह रिलीज़ इतिहास में दर्ज हो चुकी है. अब सबकी निगाहें मीडिया, अदालतों और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर टिक गई हैं कि आखिर इन दस्तावेज़ों के साथ आगे क्या किया जाता है?
मिनियापोलिस की बर्फ़ीली सड़कों आम अमेरिकी नागरिक प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका अपना देश उनसे उनकी स्वतंत्रता छिन रहा है. सड़कों पर उतरे आम अमेरिकियों का यह गुस्सा एक शहर और एक नीति के विरोध से आगे अमेरिका को आईना दिखाता है, जो अपने ही लोकतांत्रिक मूल्यों से टकरा रहा है.
यूरोपियन संघ ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड को अल-कायदा, हमास और इस्लामिक स्टेट जैसे संगठनों की श्रेणी में रखा है. संघ के मंत्रियों का कहना है कि जो संगठन आतंक जैसा काम करते हैं, उनके साथ आतंकवादियों जैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए.
ईरान आज एक साथ तीन संकट झेल रहा है. पहला, अंतरराष्ट्रीय सैन्य दबाव. दूसरा, क्षेत्रीय कूटनीतिक घेराबंदी और तीसरा, अंदरूनी विद्रोह. ईरान के हालात गंभीर हैं. ईरानी सरकार का अगला कदम किस दिशा में जाएगा, किसी को नहीं पता. लेकिन उनका एक गलत कदम ईरान सहित पूरे मध्य पूर्व को युद्ध में झोंक सकता है. फिलहाल, मध्य पूर्व सांस रोके हुए है.
ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ाई है. चीन इसी अनिश्चितता को अपने लिए अवसर में बदल रहा है. शायद यही वजह है कि दुनिया के कई देश चाहे वे अमेरिका के पुराने सहयोगी हों या उभरती अर्थव्यवस्थाएं, सभी बीजिंग की ओर देख रहे हैं.
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर आज (27जनवरी को) चीन के लिए उड़ान भरेंगे, जो आठ साल में किसी ब्रिटिश नेता का पहला दौरा होगा. इसका मकसद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ संबंधों को सुधारना और तेजी से अप्रत्याशित होते संयुक्त राज्य अमेरिका पर निर्भरता कम करना है.
ट्रंप ने 22 दिसंबर को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को लॉन्च किया. उन्होंने इसे एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में पेश किया है, जो संघर्ष-ग्रस्त इलाकों में स्थिरता और स्थायी शांति को बढ़ावा देगा. लेकिन महज़ 24 घंटे के भीतर ही ट्रंप का सुर बदल गया और ईरान को युध्द की चेतावनी दे डाली.
ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन पॉलिसी आज सिर्फ अप्रवासियों की नहीं, बल्कि अमेरिकी मूल्यों की भी परीक्षा ले रही है. इस परीक्षा में फिलहाल, सत्ता कठघरे में है. और लियाम की डरी हुई आंखें गवाह हैं.
दावोस से एक सकारात्मक संदेश मिल रहा है कि ट्रंप फिलहाल टैरिफ और धमकी की राजनीति से पीछे हटे हैं, लेकिन उनकी शैली और सोच में मूलभूत बदलाव नहीं आया है. ग्रीनलैंड पर समझौते की बात ने संकट को टाल जरूर दिया है पर खत्म नहीं हुआ है.





