About Author: गुंजन शांडिल्य समसामयिक मुद्दों पर गहरी समझ और पटकथा लेखन में दक्षता के साथ 10 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। पत्रकारिता की पारंपरिक और आधुनिक शैलियों के साथ कदम मिलाकर चलने में निपुण, गुंजन ने पाठकों और दर्शकों को जोड़ने और विषयों को सहजता से समझाने में उत्कृष्टता हासिल की है। वह समसामयिक मुद्दों पर न केवल स्पष्ट और गहराई से लिखते हैं, बल्कि पटकथा लेखन में भी उनकी दक्षता ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। उनकी लेखनी में विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की रोचकता का अनूठा संगम दिखाई देता है।
Posts By: गुंजन शांडिल्य
अमेरिका के सामने झुकने को तैयार नहीं यूरोप: ट्रंप की ‘ब्लैकमेल डिप्लोमेसी’ पर EU की जवाबी मोर्चाबंदी
दो दिन पहले, ट्रंप ने दावा किया था कि वह 1 फरवरी से EU सदस्य डेनमार्क, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और फिनलैंड के साथ-साथ ब्रिटेन और नॉर्वे पर बढ़ा हुआ टैरिफ लगाएंगे. यह तब तक जारी रहेगा, जब तक कि अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं मिल जाती. ट्रंप की इस धमकी को यूरोपियन यूनियन के प्रमुख देशों ने ब्लैकमेल बताया है और जवाबी कार्रवाई के उपाय ढूंढ़ रहे हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने संकेत दिया है कि यूक्रेन का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका रवाना हो रहा है. यूक्रेनी अधिकारी वहां, युद्ध के बाद की रिकवरी और भविष्य की सुरक्षा गारंटी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के साथ अहम बातचीत करेंगे.
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को देकर उनके अधूरे सपने को पूरा कर दिया है. यहां सवाल यह खड़ा हो जाता है कि क्या मचाडो ने सच में ट्रंप का सम्मान दिया है या उन्होंने अपने शांति मेडल को वेनेजुएला की सत्ता पाने का हथियार बनाया है.
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा टकराव एक बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है. एक तरफ ट्रंप प्रशासन सैन्य दबाव बनाकर ईरान को झुकाने की कोशिश कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ तेहरान भी जवाबी कार्रवाई की खुली चेतावनी देकर पीछे हटने को तैयार नहीं दिखता.
एक पखवाड़े से अधिक समय से जारी हिंसक आंदोलन के बाद भी ईरान में खामेनेई सत्ता कायम है. ईरान में आज सवाल यह नहीं है कि खामेनेई शासन गिरेगा या नहीं. सवाल यह है कि वर्तमान शासन कब और किस कीमत पर बदलेगा. अनिश्चितता इस्लामिक रिपब्लिक की सबसे बड़ी कमजोरी बनती जा रही है.
ईरान आज भीतर से उबल रहा है और बाहर से दबाव झेल रहा है. विरोध प्रदर्शनों का कोई स्पष्ट नेतृत्व नहीं होने के बावजूद असंतोष व्यापक है. दूसरी ओर, ट्रंप की टैरिफ और सैन्य धमकियां इस संकट को सिर्फ द्विपक्षीय नहीं, बल्कि वैश्विक बना रही हैं.
गोल्डन ग्लोब्स अवार्ड्स-2026 ने साफ कर दिया कि हॉलीवुड सिर्फ बड़े नामों और भारी बजट का खेल नहीं है. अब यहां संवेदनशील कहानियां, विविध आवाज़ें और नए माध्यम भी उतनी ही अहमियत रखते हैं. इस अवार्ड्स नाइट के साथ सिनेमा प्रेमियों के लिए अवार्ड्स का यह सफर शुरू हो गया है.
वेनेजुएला में बदलाव का असली उद्देश्य शासन सुधार नहीं, बल्कि ऊर्जा संसाधनों का पुनर्वितरण था, वह भी अमेरिकी शर्तों पर. आतंकवाद और नशीली दवाओं का नैरेटिव अब महज एक मुखौटा बनकर रह गया है. कुछ घंटे पहले व्हाइट हाउस में बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियों के साथ ट्रंप की बैठक ने इस बात को और मजबूत किया है.
ईरान आज द्वंद के चौराहे पर खड़ा है. जहां सवाल यह नहीं कि स्थानीय लोगों में असंतोष है या नहीं. सवाल यह है कि क्या यह असंतोष किसी संगठित बदलाव में बदल पाएगा, या सत्ता एक बार फिर नई कहानी गढ़ेगी. इतना तय जरूर है कि इस्लामिक गणराज्य के लिए पुरानी कहानी दोहराना, अब पहले जितना आसान नहीं रहा.
शीत युद्ध के दौरान भी वाशिंगटन और मॉस्को इस बात पर सहमत थे कि परमाणु हथियारों की अंधी दौड़ दुनिया को विनाश की ओर ले जा सकती है. तब दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों की अंधी दौड़ को नियंत्रित करने के लिए कई संधियां हुईं. उनमें से एक New START फरवरी के पहले सप्ताह खत्म होने वाला है. इससे वैश्विक सुरक्षा फिर से खतरे में पड़ गई है.





