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AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी ने पेश किया MANAV विजन, जिम्मेदार और मानव केंद्रित AI की नई राह
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, February 19, 2026
Last Updated On: Thursday, February 19, 2026
AI Impact Summit 2026: भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MANAV विजन पेश करते हुए AI को मानव केंद्रित और जिम्मेदार बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि AI भविष्य तय करेगी, लेकिन उसका उपयोग नैतिक, समावेशी और लोकतांत्रिक होना जरूरी है, ताकि तकनीक डर नहीं बल्कि अवसर बने.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, February 19, 2026
AI Impact Summit 2026: भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को लेकर एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी सोच स्पष्ट कर दी है. नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन करते हुए AI को लेकर एक स्पष्ट संदेश दिया कि भविष्य AI से बनेगा, लेकिन जिम्मेदारी के साथ. प्रधानमंत्री ने इस मंच से MANAV विजन पेश किया, जो तकनीक को मानव मूल्यों से जोड़ने की भारत की सोच को दर्शाता है.
दुनिया की सबसे बड़ी AI समिट में भारत की मजबूत मौजूदगी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने इस समिट को दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक AI बैठकों में से एक बताया. उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से दुनियाभर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया. इस आयोजन में 100 से अधिक देशों की भागीदारी रही, जहां नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप लीडर्स और युवा प्रतिभाएं एक साथ नजर आईं. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समिट ऐसे भारत में हो रही है जो मानवता के लगभग छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है और दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी के साथ टेक टैलेंट का विशाल केंद्र भी है.
“AI की दिशा ही तय करेगी आने वाला कल”
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि आज AI को जिस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा, वही भविष्य की तस्वीर तय करेगी. मशीन लर्निंग से लेकर लर्निंग मशीन तक का सफर अब तेज, गहरा और व्यापक हो चुका है. ऐसे में सिर्फ तकनीकी विकास काफी नहीं है, बल्कि उतना ही बड़ा विजन और जिम्मेदारी भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि सवाल यह नहीं है कि AI आगे क्या कर सकती है, बल्कि यह है कि आज हम AI का इस्तेमाल किस उद्देश्य और सोच के साथ कर रहे हैं.
मशीन सेंट्रिक नहीं, ह्यूमन सेंट्रिक हो AI
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि AI को मशीन सेंट्रिक से ह्यूमन सेंट्रिक बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. AI को संवेदनशील, नैतिक और उत्तरदायी बनाना ही इस ग्लोबल समिट का मूल उद्देश्य है. भारत AI को “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना से देखता है. उन्होंने चेताया कि इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट या कच्चा संसाधन बनकर न रह जाए, इसके लिए AI को लोकतांत्रिक और समावेशी बनाना होगा, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के लिए.
MANAV विजन: AI के लिए भारतीय सोच का ब्लूप्रिंट
इस समिट में प्रधानमंत्री ने MANAV विजन पेश किया, जो AI के लिए भारत की वैचारिक रूपरेखा है. MANAV का अर्थ है मानव. इसमें
- M का मतलब नैतिक और एथिकल सिस्टम,
- A का अर्थ जवाबदेह शासन व्यवस्था,
- N का अर्थ राष्ट्रीय संप्रभुता,
- दूसरा A सुलभ और समावेशी व्यवस्था,
- और V का अर्थ वैध व विश्वसनीय ढांचा है.
यह विजन बताता है कि भारत AI को सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि समाज के संतुलित विकास का माध्यम मानता है.
AI से डर नहीं, अवसर देखता है भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया में दो तरह के लोग हैं- एक जो AI में खतरा देखते हैं और दूसरे जो AI में अवसर और भविष्य देखते हैं. भारत दूसरे वर्ग में खड़ा है. भारत AI को डर की नजर से नहीं, बल्कि भाग्य और भविष्य की चाबी के रूप में देखता है. इसी विश्वास के साथ भारत AI को मानव केंद्रित विकास के साधन के रूप में आगे बढ़ा रहा है.
निष्कर्ष: जिम्मेदार AI ही बनेगा भविष्य की नींव
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 ने यह साफ कर दिया कि भारत तकनीक की दौड़ में आगे रहने के साथ-साथ नैतिक नेतृत्व भी करना चाहता है. MANAV विजन के जरिए भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि AI का असली मूल्य तभी है, जब वह इंसान के लिए, इंसान के साथ और इंसान के हित में काम करे.
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