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रोज़गार की राजनीति: नीतीश ने फेंका चुनावी पासा, 10 लाख नौकरी, 39 लाख रोजगार और अब टारगेट 1 करोड़
Authored By: Nishant Singh
Published On: Sunday, July 13, 2025
Last Updated On: Sunday, July 13, 2025
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 39 लाख को रोजगार देने का दावा किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि "सात निश्चय-2" योजना के तहत 2025 तक 50 लाख नौकरियों और रोजगार का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें से अधिकांश हासिल कर लिया गया है. अब अगले पांच वर्षों (2025–2030) में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का नया लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए निजी व औद्योगिक क्षेत्रों में अवसर बढ़ाए जाएंगे और एक नया कौशल विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जाएगा.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Sunday, July 13, 2025
बिहार की सियासत (bihar politics) में घमासान मचने को है. चुनावी रण का शंख बज चुका है और अब खेला होगा ‘रोज़गार’ पर. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव से ठीक पहले जनता के सामने फेंका है एक बड़ा राजनीतिक पासा, ‘नौकरियों की बौछार’ का वादा. रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सीएम नीतीश ने ऐलान किया कि अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 39 लाख को रोजगार मिल चुका है. लेकिन यही नहीं, अब अगले पांच सालों में एक करोड़ रोजगार देने का महा-संकल्प लिया गया है. विपक्ष जहां आंकड़ों की सच्चाई पर सवाल उठाने को तैयार बैठा है, वहीं नीतीश की यह घोषणा सत्ता के सिंहासन की ओर एक और क़दम मानी जा रही है. राजनीति गरम है, और दांव अब युवाओं का भविष्य है.
चुनाव से पहले ‘रोज़गार बम’: नीतीश का बड़ा ऐलान
बिहार में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव में नौकरी और रोजगार बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है. इसी बीच, रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और करीब 39 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है. उन्होंने यह भी वादा किया कि अगले पांच साल (2025 से 2030) में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है.
2025-2030: अब टारगेट एक करोड़ नौकरी और रोजगार
सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नौकरी और रोजगार का जिक्र करते हुए लिखा, “राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमारी सोच रही है. वर्ष 2005 से 2020 के बीच राज्य में 8 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई. राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने की गति को और बढ़ाने के लिए वर्ष 2020 में हमने सुशासन के कार्यक्रम सात निश्चय-2 में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का संकल्प लिया था. बाद में इसे बढ़ाकर अगस्त 2025 तक 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 38 लाख लोगों को रोजगार का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कुल 50 लाख नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था.”
50 लाख का आंकड़ा हासिल करने का दावा
उन्होंने लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और लगभग 39 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है और 50 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने के लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त कर लिया जाएगा.”
अगले पांच साल की योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम नीतीश ने कहा, “इसी क्रम में अगले पांच साल में (2025 से 2030) वर्ष 2020-25 के लक्ष्य को दोगुना करते हुए एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया जा रहा है. इसके लिए निजी, विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों में भी नौकरी एवं रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे. इसे लेकर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है.”
नया एजेंडा: औद्योगिक सेक्टर से आएंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगे लिखते हैं, “वर्तमान में सात निश्चय के तहत राज्य के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. अगले पांच वर्षों में युवाओं के कौशल विकास के लिए सात निश्चय के तहत चल रहे कार्यक्रम को विस्तारित किया जाएगा. आने वाले समय में कौशल विकास हेतु एक कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिसका नाम बिहार के गौरव भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के नाम पर जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय रखा जाएगा ताकि राज्य के युवाओं को कौशल विकास की नई दिशा मिल सके.”
(आईएएनएस इनपुट के साथ)

















