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UPSC 2026: सिविल सेवा के नियम बदले, अब बार-बार नहीं मिलेगा दूसरा मौका, जानिए क्या हैं नए नियम
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, February 5, 2026
Last Updated On: Thursday, February 5, 2026
UPSC 2026: संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे IAS, IFS और IPS उम्मीदवारों की रणनीति पूरी तरह बदल जाएगी. अब बार-बार परीक्षा देकर सेवा बदलना आसान नहीं होगा और डिजिटल सुरक्षा को भी सख्त किया गया है. ये नए नियम सीधे तौर पर लाखों अभ्यर्थियों को प्रभावित करेंगे. जानिए क्या हैं नए नियम….
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, February 5, 2026
UPSC 2026: संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी करते ही लाखों उम्मीदवारों को चौंका दिया है. इस बार बदलाव सिर्फ तारीखों या पैटर्न तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सेवा आवंटन से लेकर परीक्षा में बैठने की पात्रता तक नियम काफी सख्त कर दिए गए हैं. खास तौर पर IAS, IFS और IPS से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनका असर उन उम्मीदवारों पर पड़ेगा जो बार-बार परीक्षा देकर बेहतर सेवा पाने की कोशिश करते थे.
कार्यरत IAS और IFS अधिकारियों के लिए बंद हुआ रास्ता
UPSC के नए नियमों के अनुसार, जो उम्मीदवार पहले ही IAS या IFS में चयनित होकर कार्यरत हैं, वे अब दोबारा सिविल सेवा परीक्षा नहीं दे सकेंगे. पहले कई अधिकारी बेहतर कैडर या सेवा पाने के लिए फिर से परीक्षा में बैठ जाते थे, लेकिन 2026 से यह पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. इतना ही नहीं, यदि कोई उम्मीदवार प्रीलिम्स और इंटरव्यू क्लियर कर चुका है और मेन्स परीक्षा से पहले उसकी नियुक्ति IAS या IFS में हो जाती है, तो उसे मेन्स देने की अनुमति भी नहीं मिलेगी.
IPS उम्मीदवारों पर भी सख्ती, दोबारा विकल्प नहीं
IPS को लेकर भी UPSC ने नियम साफ और कड़े कर दिए हैं. अगर किसी उम्मीदवार का चयन पहले ही IPS के लिए हो चुका है, तो वह CSE 2026 के जरिए दोबारा IPS को विकल्प के रूप में नहीं चुन पाएगा. यानी IPS में रहते हुए फिर से IPS पाने की कोशिश अब मान्य नहीं होगी. आयोग का मानना है कि इससे सेवा में स्थिरता आएगी और चयन प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी.
पुराने उम्मीदवारों को मिला अंतिम मौका
हालांकि UPSC ने पूरी तरह दरवाजा बंद नहीं किया है. जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले किसी सेवा में चयनित हो चुके हैं, उन्हें 2026 या 2027 में एक अंतिम अवसर दिया गया है. खास बात यह है कि इसके लिए उन्हें इस्तीफा देने की जरूरत नहीं होगी. लेकिन यह मौका केवल बचे हुए अटेम्प्ट्स तक ही सीमित रहेगा, इसके बाद कोई राहत नहीं मिलेगी.
ग्रुप A चयन के बाद दोबारा परीक्षा देने के नए नियम
2026 में अगर कोई उम्मीदवार किसी ग्रुप A सेवा में चयनित होता है और फिर दोबारा UPSC परीक्षा देना चाहता है, तो उसे संबंधित विभाग से ट्रेनिंग में शामिल न होने की आधिकारिक छूट लेनी होगी. अगर उम्मीदवार न ट्रेनिंग में जाता है और न ही छूट लेता है, तो उसका आवेदन स्वतः रद्द कर दिया जाएगा. वहीं, अगर वह 2027 में फिर से सफल होता है, तो उसे दोनों में से सिर्फ एक सेवा चुननी होगी, दूसरी सेवा स्वतः समाप्त मानी जाएगी.
डिजिटल सुरक्षा पर जोर, AI और आधार अनिवार्य
परीक्षा में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए UPSC ने तकनीक का सहारा लिया है. अब AI आधारित फेशियल रिकॉग्निशन और आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है. उम्मीदवारों को चार चरणों वाले नए डिजिटल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जो पूरी तरह आधार से लिंक रहेगा. आयोग का उद्देश्य परीक्षा को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है.
IAS और IFS के लिए शैक्षणिक योग्यता
IAS के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास भारत की किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होना जरूरी है. वहीं IFS उम्मीदवारों के लिए एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमैटिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जियोलॉजी जैसे विषयों में स्नातक डिग्री अनिवार्य रखी गई है.
निष्कर्ष: तैयारी से पहले नियम समझना जरूरी
UPSC 2026 के नए नियम साफ संकेत देते हैं कि अब सिविल सेवा सिर्फ विकल्प बदलने का माध्यम नहीं रहेगी. आयोग चाहता है कि उम्मीदवार सोच-समझकर सेवा चुनें और चयन के बाद उसी में समर्पण दिखाएं. ऐसे में परीक्षा की तैयारी से पहले नियमों को समझना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है.
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